लोकसभा बाधित करना था विपक्ष का मकसद: भाजपा सांसद कालीचरण सिंह का मॉनसून सत्र पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद कालीचरण सिंह और जगन्नाथ सरकार ने 21 जुलाई को मॉनसून सत्र में हुई बाधा और दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। कालीचरण सिंह ने सीधे आरोप लगाया कि विपक्ष की मंशा कभी सवालों के जवाब लेना नहीं थी — उनका एकमात्र लक्ष्य लोकसभा की कार्यवाही को ठप करना था।
सदन में क्या हुआ
कालीचरण सिंह के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र शुरू होते ही विपक्ष से अनुरोध किया कि प्रश्नकाल सुचारू रूप से चलने दिया जाए और अपनी बात नोटिस के माध्यम से रखें। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपरा के तहत विपक्ष के प्रश्नों पर बहस के लिए सरकार तैयार थी, परंतु विपक्षी सदस्यों ने तख्तियाँ लहराकर सदन की कार्यवाही बाधित की। उनके शब्दों में, 'विपक्ष को प्रश्नों का उत्तर नहीं चाहिए था।'
विपक्ष की 'विचित्र स्थिति' पर निशाना
कालीचरण सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों को घेरते हुए कहा कि दोनों दलों का रवैया 'विचित्र' और संसदीय परंपरा के विरुद्ध रहा। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की ओर से बार-बार अपील की गई, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। उनका तर्क था कि सदन के बाहर हल्ला मचाने से सरकार नहीं चलती — सरकार सदन के भीतर संसदीय परंपराओं से चलती है।
दिल्ली विरोध प्रदर्शन और युवा नीति पर पलटवार
दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के संदर्भ में कालीचरण सिंह ने कहा कि जब छात्रों ने अपनी माँगें रखीं, तब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'युवा-विरोधी सरकार' वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी को शायद युवा का अर्थ नहीं पता।' उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में युवाओं के हित में जितना काम हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ, और मोदी सरकार ने छात्रों की एक-एक माँग का अनुपालन करने का प्रयास किया है।
सीजेपी के धरने पर भाजपा सांसद की राय
कालीचरण सिंह ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के फिर से धरने पर बैठने को लेकर कहा कि पहले सवाल उठाए जाएँ और जब जवाब आ जाए तब उनकी बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीजेपी को संरक्षण देने वाले दल — कांग्रेस और सपा — स्वयं सदन में मौजूद हैं, इसलिए सदन के बाहर शोर मचाने का कोई औचित्य नहीं।
जगन्नाथ सरकार का भ्रष्टाचार पर बयान
भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हमेशा सक्रिय रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को लेकर संसद की कार्यवाही बाधित करना उचित नहीं है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सदन में सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।