7 अगस्त 2026
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लोकसभा स्थगित: स्पीकर ओम बिरला बोले 'महात्मा गांधी से प्रेरणा लो', विपक्ष का हंगामा जारी

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लोकसभा स्थगित: स्पीकर ओम बिरला बोले 'महात्मा गांधी से प्रेरणा लो', विपक्ष का हंगामा जारी

सारांश

मानसून सत्र में विपक्ष का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा। स्पीकर ओम बिरला ने महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के संवाद-आधारित लोकतंत्र की दुहाई दी, लेकिन प्रश्नकाल फिर बाधित रहा और लोकसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

मुख्य बातें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 7 अगस्त को सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया।
विपक्ष 20 जुलाई की कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब माँग रहा है।
स्पीकर ने 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ का उल्लेख कर सदस्यों से महात्मा गांधी की प्रेरणा लेने की अपील की।
सभी सांसदों ने सत्र की शुरुआत में 2 मिनट का मौन रखा।
स्पीकर ने विपक्ष के आचरण को 'संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं' बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी, जब विपक्षी सांसद बार-बार अनुरोध के बावजूद शांत नहीं हुए। संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण बाधित चल रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर बिरला ने 9 अगस्त को पड़ने वाली 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'साल 1942 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देशवासियों को 'करो या मरो' का मंत्र दिया था। भारत छोड़ो आंदोलन, भारत के लोगों की एकता, अदम्य साहस और अन्याय के विरूद्ध सत्य और अहिंसा पर आधारित संघर्ष का अमर प्रतीक है।' इसके बाद सभी सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखा।

विपक्ष की माँगें

विपक्षी सांसद 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित 'पुलिस कार्रवाई' और अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की माँग करते आ रहे हैं। प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा फिर से भड़क उठा और सदन सुचारु रूप से नहीं चल सका।

स्पीकर की अपील

स्पीकर बिरला ने विपक्ष को लोकतांत्रिक मर्यादाओं की याद दिलाते हुए कहा, 'महात्मा गांधी का योगदान सिर्फ भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया मानती है। देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करने के लिए आप सब भी उनसे प्रेरणा लो। यहाँ चर्चा, संवाद और अपने विचारों को अभिव्यक्त करो।' उन्होंने डॉ. बी. आर. अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि चर्चा और संवाद ही लोकतंत्र को मजबूत करने का रास्ता है।

सदन की स्थिति

स्पीकर की बार-बार की अपीलों के बाद भी जब हंगामा थमा नहीं, तो उन्होंने विपक्ष के आचरण को 'संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं' बताया और सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। यह मानसून सत्र में लगातार बाधाओं की एक और कड़ी है।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि विपक्ष की माँगें अभी भी अनसुनी हैं और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से अब तक कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी, तो मानसून सत्र की शेष कार्यवाही भी बाधित रहने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस असली सवाल को टालता है कि गृह मंत्री अमित शाह ने अब तक 20 जुलाई की कार्रवाई पर सदन में जवाब क्यों नहीं दिया। प्रश्नकाल — जो संसदीय जवाबदेही का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है — बार-बार बाधित होना दोनों पक्षों की विफलता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि हंगामे की आड़ में कितने महत्वपूर्ण सरकारी प्रश्न अनुत्तरित रह जाते हैं।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकसभा 7 अगस्त को क्यों स्थगित हुई?
विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल सका, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई की कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी पर जवाब माँग रहा है।
स्पीकर ओम बिरला ने महात्मा गांधी का उल्लेख क्यों किया?
स्पीकर ने 9 अगस्त को 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर महात्मा गांधी को याद किया और विपक्ष से लोकतांत्रिक संवाद की परंपरा अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चर्चा और संवाद ही लोकतंत्र को मजबूत करने का रास्ता है।
विपक्ष की मुख्य माँगें क्या हैं?
विपक्षी सांसद दो मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब चाहते हैं — 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, और अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी। अब तक इन पर कोई औपचारिक सरकारी जवाब नहीं आया है।
मानसून सत्र में लोकसभा कितनी बार बाधित हो चुकी है?
स्रोत के अनुसार संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे के कारण लगातार बाधित चल रहा है। 7 अगस्त को भी यही स्थिति बनी रही, जो इस सत्र में बाधाओं की एक और कड़ी है।
प्रश्नकाल का क्या महत्व है और इसके बाधित होने से क्या असर पड़ता है?
प्रश्नकाल वह समय होता है जब सांसद सरकार से सीधे सवाल पूछ सकते हैं और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। स्पीकर बिरला ने स्वयं कहा कि यह 'महत्वपूर्ण समय' है। इसके बार-बार बाधित होने से जनता के हित के कई सवाल अनुत्तरित रह जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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