लोकसभा स्थगित: स्पीकर ओम बिरला बोले 'महात्मा गांधी से प्रेरणा लो', विपक्ष का हंगामा जारी
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी, जब विपक्षी सांसद बार-बार अनुरोध के बावजूद शांत नहीं हुए। संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण बाधित चल रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर बिरला ने 9 अगस्त को पड़ने वाली 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 84वीं वर्षगांठ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'साल 1942 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देशवासियों को 'करो या मरो' का मंत्र दिया था। भारत छोड़ो आंदोलन, भारत के लोगों की एकता, अदम्य साहस और अन्याय के विरूद्ध सत्य और अहिंसा पर आधारित संघर्ष का अमर प्रतीक है।' इसके बाद सभी सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखा।
विपक्ष की माँगें
विपक्षी सांसद 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित 'पुलिस कार्रवाई' और अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की माँग करते आ रहे हैं। प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा फिर से भड़क उठा और सदन सुचारु रूप से नहीं चल सका।
स्पीकर की अपील
स्पीकर बिरला ने विपक्ष को लोकतांत्रिक मर्यादाओं की याद दिलाते हुए कहा, 'महात्मा गांधी का योगदान सिर्फ भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया मानती है। देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करने के लिए आप सब भी उनसे प्रेरणा लो। यहाँ चर्चा, संवाद और अपने विचारों को अभिव्यक्त करो।' उन्होंने डॉ. बी. आर. अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि चर्चा और संवाद ही लोकतंत्र को मजबूत करने का रास्ता है।
सदन की स्थिति
स्पीकर की बार-बार की अपीलों के बाद भी जब हंगामा थमा नहीं, तो उन्होंने विपक्ष के आचरण को 'संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं' बताया और सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। यह मानसून सत्र में लगातार बाधाओं की एक और कड़ी है।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि विपक्ष की माँगें अभी भी अनसुनी हैं और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से अब तक कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी, तो मानसून सत्र की शेष कार्यवाही भी बाधित रहने की आशंका है।