27 जुलाई 2026
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लोकसभा में विपक्ष का हंगामा: प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर माफी की मांग, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित

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लोकसभा में विपक्ष का हंगामा: प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर माफी की मांग, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित

सारांश

मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह भी हंगामे की भेंट चढ़ा — विपक्ष ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बल प्रयोग पर सरकार से माफी मांगी, स्पीकर ओम बिरला ने कार्रवाई की चेतावनी दी और लोकसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित हो गई।

मुख्य बातें

27 जुलाई को मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत लोकसभा में विपक्षी हंगामे के साथ हुई।
विपक्षी सदस्यों ने गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बल प्रयोग पर जवाब और सरकार से माफी की मांग की।
स्पीकर ओम बिरला ने हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी और तख्तियां लाने को अनुचित बताया।
सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ने राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई चानू के स्वर्ण पदक सहित भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर सदन को बधाई दी।

संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत सोमवार, 27 जुलाई को भी हंगामे के साथ हुई, जब लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर जोरदार नारेबाजी की और स्पीकर ओम बिरला की बार-बार की अपील के बावजूद सदन की कार्यवाही ठप कर दी। अंततः स्पीकर ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

विपक्ष की मांग और हंगामे का कारण

विपक्षी सदस्यों ने सदन में प्रवेश करते ही तख्तियां उठाकर नारेबाजी शुरू कर दी। उनकी मुख्य मांग थी कि गृह मंत्री अमित शाह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग पर सदन में जवाब दें और सरकार इस कार्रवाई के लिए माफी मांगे। प्रश्नकाल शुरू होने देने की स्पीकर की अपीलों को दरकिनार करते हुए विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा।

स्पीकर ओम बिरला की कड़ी चेतावनी

हंगामे पर नाराजगी जताते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा, 'सदन के अंदर यह (हंगामा) अच्छा प्रयास नहीं है। सदन की मर्यादाएं और इसकी सारी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सभी सदस्यों की है। मैं कुछ दिनों से सदस्यों के व्यवहार और आचरण को देख रहा हूं। यह (हंगामा) सदन की मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। यह बिल्कुल उचित नहीं है।'

उन्होंने आगे चेतावनी दी, 'मुझे ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी, जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। आप संवाद करें, चर्चा करें और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करें, लेकिन तख्तियां लेकर आना सही नहीं है।' इसके बाद उन्होंने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

कार्यवाही की शुरुआत: राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की जीत पर बधाई

हंगामे से पहले, सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर बिरला ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर सदन को बधाई दी। उन्होंने बताया कि भारोत्तोलन की 48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता है, जबकि ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने रजत पदक हासिल किया।

स्पीकर ने यह भी उल्लेख किया कि पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सदन की ओर से सभी विजेता खिलाड़ियों, उनके कोच और टीम इंडिया को हार्दिक बधाई दी।

व्यापक संदर्भ: मानसून सत्र में लगातार व्यवधान

गौरतलब है कि मानसून सत्र के पहले सप्ताह से ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनातनी बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होनी है। लगातार स्थगन से प्रश्नकाल और शून्यकाल प्रभावित हो रहे हैं, जो आम नागरिकों के मुद्दे उठाने का प्रमुख मंच है। आलोचकों का कहना है कि बार-बार होने वाले व्यवधान संसदीय लोकतंत्र की उत्पादकता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

आगे क्या

स्पीकर की कार्रवाई की चेतावनी के बाद देखना होगा कि दोपहर बाद की बैठक में विपक्ष अपना रुख नरम करता है या नहीं। सरकार की ओर से अभी तक माफी की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मानसून सत्र के शेष दिनों में यह गतिरोध संसद की कार्यक्षमता की बड़ी परीक्षा बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह प्रश्नकाल में उठाया जा सकता था — लेकिन हंगामे ने खुद उसी प्रश्नकाल को नष्ट कर दिया। स्पीकर की कार्रवाई की चेतावनी बार-बार दी जाती है, लेकिन अमल दुर्लभ रहता है; जब तक इसमें निरंतरता नहीं आती, यह चेतावनी प्रतीकात्मक ही रहेगी। संसदीय व्यवधान की असली कीमत वे नागरिक चुकाते हैं जिनके सवाल प्रश्नकाल में कभी पूछे नहीं जा सके।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकसभा में 27 जुलाई को हंगामा क्यों हुआ?
विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब और सरकार से माफी की मांग को लेकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्पीकर ओम बिरला की बार-बार की अपीलों के बावजूद विपक्ष ने विरोध जारी रखा।
लोकसभा की कार्यवाही कब तक स्थगित की गई?
स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन सुबह 11 बजे शुरू हुआ था और थोड़ी देर में ही विपक्षी विरोध के कारण ठप हो गया।
स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को क्या चेतावनी दी?
स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को नष्ट करने का प्रयास करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तख्तियां लेकर आने को अनुचित बताया और सांसदों से संवाद और चर्चा के माध्यम से मुद्दे उठाने की अपील की।
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की क्या उपलब्धियाँ रहीं जिनका उल्लेख सदन में हुआ?
स्पीकर ओम बिरला ने ग्लासगो में चल रहे 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई चानू के भारोत्तोलन की 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी के रजत पदक, तथा पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार के कांस्य पदक का उल्लेख किया।
मानसून सत्र में लगातार व्यवधान का क्या असर पड़ रहा है?
लगातार स्थगन से प्रश्नकाल और शून्यकाल प्रभावित हो रहे हैं, जो सांसदों के लिए जनहित के मुद्दे उठाने का प्रमुख मंच हैं। इससे महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा भी बाधित होती है और संसद की उत्पादकता घटती है।
राष्ट्र प्रेस
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