29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लोकसभा में नीट विवाद पर विपक्ष का हंगामा, प्रश्नकाल बाधित; स्पीकर ओम बिरला ने दोपहर 12 बजे तक स्थगित की कार्यवाही

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लोकसभा में नीट विवाद पर विपक्ष का हंगामा, प्रश्नकाल बाधित; स्पीकर ओम बिरला ने दोपहर 12 बजे तक स्थगित की कार्यवाही

सारांश

मानसून सत्र में बुधवार को भी लोकसभा हंगामे की भेंट चढ़ गई। नीट पेपर लीक विरोध पर जंतर-मंतर में पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष की नारेबाजी थमी नहीं, और स्पीकर ओम बिरला को प्रश्नकाल के बीच ही सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

मुख्य बातें

लोकसभा की कार्यवाही 29 जुलाई 2026 को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के हंगामे से बाधित हुई।
विपक्ष ने जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया।
स्पीकर ने विपक्ष पर 'नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा करने' का आरोप लगाया।
सत्र की शुरुआत में स्पीकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पदक विजेताओं को बधाई दी।

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को एक बार फिर हंगामे का दौर देखने को मिला, जब विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति काबू में न आने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन में क्या हुआ

सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। इसके तुरंत बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी आरंभ कर दी और सदन का माहौल अव्यवस्थित हो गया।

स्पीकर की चेतावनी और अपील

स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपील की। उन्होंने कहा, 'मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि प्रश्नकाल के दौरान कभी भी इसे बाधित न करें। प्रश्नकाल संसद सदस्यों के लिए होता है और सरकार की जवाबदेही तय होती है। कई सदस्यों ने मुझसे मिलकर आग्रह भी किया कि प्रश्नकाल चलने दिया जाए। आप संसद सदस्यों के हक को नहीं मार सकते।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष को हर मुद्दे पर बोलने का समय दिया गया है, परंतु प्रश्नकाल के समय को बाधित करना उचित नहीं है।

विपक्ष पर सीधा आरोप

हंगामा जारी रहने पर स्पीकर ने कड़े शब्दों में कहा, 'आप सदन को बाधित करना चाहते हैं और नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा करना चाहते हैं, जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।' इसके बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर नहीं लौटे और शोरगुल बना रहा।

मानसून सत्र में लगातार व्यवधान

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू से ही विभिन्न मुद्दों पर व्यवधान का शिकार रहा है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद पिछले कई हफ्तों से संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।

आगे क्या

दोपहर 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने की उम्मीद थी। यदि विपक्ष का रुख नरम नहीं पड़ा, तो मानसून सत्र के शेष दिनों में भी कामकाज प्रभावित रहने की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे उठाने का तरीका उन्हीं सांसदों के अधिकार को कुचलता है जो अपने मतदाताओं के सवाल सरकार तक पहुँचाना चाहते हैं। स्पीकर की 'नियोजित गतिरोध' वाली टिप्पणी संकेत देती है कि यह सहज आक्रोश नहीं, रणनीतिक व्यवधान है — और इसकी कीमत अंततः वह आम नागरिक चुकाता है जिसके प्रश्न सदन में कभी पूछे ही नहीं जाते।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

29 जुलाई को लोकसभा में हंगामे की वजह क्या थी?
विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन की कार्यवाही ठप हो गई।
स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा को कब तक स्थगित किया?
स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष की लगातार नारेबाजी और हंगामे के बाद सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
स्पीकर ने विपक्ष से क्या कहा?
स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष से अपील की कि प्रश्नकाल सांसदों का अधिकार है और सरकार की जवाबदेही का माध्यम है, इसलिए इसे बाधित न करें। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष 'नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा कर रहा है जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।'
मानसून सत्र 2026 में संसद में व्यवधान क्यों बना हुआ है?
नीट पेपर लीक विवाद पिछले कई हफ्तों से राजनीतिक तनाव का केंद्र है। जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन और उस पर पुलिस की कार्रवाई ने विपक्ष को संसद के भीतर आक्रामक रुख अपनाने का आधार दिया है, जिससे मानसून सत्र में कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सदन में क्या संदर्भ था?
बुधवार सुबह कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। इसके तुरंत बाद प्रश्नकाल में हंगामा शुरू हो गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले