लोकसभा में नीट विवाद पर विपक्ष का हंगामा, प्रश्नकाल बाधित; स्पीकर ओम बिरला ने दोपहर 12 बजे तक स्थगित की कार्यवाही
सारांश
मुख्य बातें
मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में बुधवार, 29 जुलाई 2026 को एक बार फिर हंगामे का दौर देखने को मिला, जब विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति काबू में न आने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन में क्या हुआ
सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। इसके तुरंत बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी आरंभ कर दी और सदन का माहौल अव्यवस्थित हो गया।
स्पीकर की चेतावनी और अपील
स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपील की। उन्होंने कहा, 'मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि प्रश्नकाल के दौरान कभी भी इसे बाधित न करें। प्रश्नकाल संसद सदस्यों के लिए होता है और सरकार की जवाबदेही तय होती है। कई सदस्यों ने मुझसे मिलकर आग्रह भी किया कि प्रश्नकाल चलने दिया जाए। आप संसद सदस्यों के हक को नहीं मार सकते।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष को हर मुद्दे पर बोलने का समय दिया गया है, परंतु प्रश्नकाल के समय को बाधित करना उचित नहीं है।
विपक्ष पर सीधा आरोप
हंगामा जारी रहने पर स्पीकर ने कड़े शब्दों में कहा, 'आप सदन को बाधित करना चाहते हैं और नियोजित तरीके से गतिरोध पैदा करना चाहते हैं, जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।' इसके बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर नहीं लौटे और शोरगुल बना रहा।
मानसून सत्र में लगातार व्यवधान
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र शुरू से ही विभिन्न मुद्दों पर व्यवधान का शिकार रहा है। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद पिछले कई हफ्तों से संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
आगे क्या
दोपहर 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने की उम्मीद थी। यदि विपक्ष का रुख नरम नहीं पड़ा, तो मानसून सत्र के शेष दिनों में भी कामकाज प्रभावित रहने की आशंका बनी हुई है।