21 जुलाई 2026
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नीट-पेपर लीक विवाद: मानसून सत्र के दूसरे दिन भी संसद ठप, लोकसभा-राज्यसभा बुधवार तक स्थगित

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नीट-पेपर लीक विवाद: मानसून सत्र के दूसरे दिन भी संसद ठप, लोकसभा-राज्यसभा बुधवार तक स्थगित

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक और जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे ने मानसून सत्र के लगातार दूसरे दिन भी संसद को ठप कर दिया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों बुधवार तक स्थगित; प्रश्नकाल और विधायी कार्य पूरी तरह बाधित।

मुख्य बातें

21 जुलाई को मानसून सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा हंगामे के कारण ठप रहीं।
विपक्ष की माँग — नीट यूजी 2026 पेपर लीक और जंतर मंतर छात्र प्रदर्शन पर तत्काल संसदीय चर्चा।
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत काम रोकने का नोटिस दिया।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में पेपर लीक पर अपना पक्ष रखा, इसके बाद हंगामा और तेज़ हुआ।
दोनों सदनों में प्रश्नकाल और सूचीबद्ध विधायी कार्य पूरी तरह बाधित; अगली बैठक 22 जुलाई सुबह 11 बजे ।

मानसून सत्र के दूसरे दिन, मंगलवार 21 जुलाई को, नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही बुधवार, 22 जुलाई, सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लगातार दूसरे दिन संसद की कार्यवाही बाधित होने से विधायी एजेंडा पूरी तरह ठप रहा।

मुख्य घटनाक्रम

मंगलवार सुबह 11 बजे जैसे ही दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद नीट परीक्षा और पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा की माँग करते हुए सदन के वेल में उतर आए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विषय पर अपना पक्ष रखा, लेकिन इसके तुरंत बाद हंगामा और भड़क गया।

राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई। दोनों बार हंगामा जारी रहा और अंततः सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा। लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और वेल में आने के कारण कार्यवाही इसी तरह बाधित रही।

विपक्ष की माँग

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत काम रोकने का नोटिस दिया था। उनकी माँग थी कि नीट यूजी 2026 और पेपर लीक मामले पर सदन में तत्काल चर्चा कराई जाए। विपक्ष का कहना है कि जंतर मंतर पर धरने पर बैठे छात्रों की आवाज़ को संसद में जगह मिलनी चाहिए।

राज्यसभा के उपसभापति ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार शांति बनाए रखने और नियम-आधारित कार्यवाही का पालन करने का अनुरोध किया, लेकिन हंगामा थमा नहीं। पीठासीन अधिकारियों ने भी कई बार सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, जो बेअसर रही।

विधायी कार्य पर असर

हंगामे के कारण दोनों सदनों में प्रश्नकाल और सूचीबद्ध विधायी कार्य नहीं हो सके। सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के आक्रामक रुख के चलते एक भी महत्वपूर्ण कार्य नहीं निपटाया जा सका। यह मानसून सत्र का लगातार दूसरा दिन है जब संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ी।

आगे क्या होगा

मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के संकेत बने हुए हैं। नीट पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है और विपक्ष इसे सदन में उठाने पर अड़ा है। बुधवार, 22 जुलाई को जब दोनों सदन फिर बैठेंगे, तब यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच कोई सहमति बन पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनिश्चित संसदीय रणनीति के तहत उठा रहा है। जंतर मंतर पर छात्रों का धरना और संसद में गतिरोध — दोनों मिलकर सरकार पर जवाबदेही का दबाव बना रहे हैं। यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस जवाब नहीं दिया, तो मानसून सत्र का अधिकांश समय बिना किसी विधायी उपलब्धि के बीत जाने का जोखिम है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद में हंगामे की मुख्य वजह क्या है?
विपक्षी दल नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर तत्काल संसदीय चर्चा की माँग कर रहे हैं। इस माँग के न माने जाने पर विपक्षी सांसद सदन के वेल में उतर आए और नारेबाजी करने लगे।
लोकसभा और राज्यसभा कब तक के लिए स्थगित हैं?
दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार, 22 जुलाई, सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। मंगलवार को राज्यसभा को पहले दोपहर 12 बजे, फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित किया गया, लेकिन हर बार हंगामा जारी रहा।
नियम 267 क्या है और विपक्ष ने इसका नोटिस क्यों दिया?
नियम 267 राज्यसभा की प्रक्रिया का वह प्रावधान है जिसके तहत किसी अत्यावश्यक सार्वजनिक महत्व के मुद्दे पर सदन का सामान्य कामकाज रोककर तत्काल चर्चा कराई जा सकती है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक मामले पर यही नोटिस दिया, ताकि इस पर प्राथमिकता के आधार पर बहस हो सके।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में क्या कहा?
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उनके वक्तव्य के तुरंत बाद सदन में हंगामा और तेज़ हो गया, जिससे कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
मानसून सत्र में अब तक क्या विधायी कार्य हो सका?
मानसून सत्र के पहले दो दिनों में हंगामे के कारण दोनों सदनों में प्रश्नकाल और सूचीबद्ध विधायी कार्य नहीं हो सके। सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती थी, लेकिन लगातार बाधाओं के कारण कोई भी महत्वपूर्ण कार्य पूरा नहीं हो पाया।
राष्ट्र प्रेस
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