मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा 6 बार स्थगित, NEET पेपर लीक पर विपक्ष का हंगामा
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र 2025 के पहले ही दिन, सोमवार 20 जुलाई को, राज्यसभा की कार्यवाही कुल 6 बार स्थगित करनी पड़ी। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार के चलते सदन पूरे दिन सुचारू रूप से नहीं चल सका और अंततः कार्यवाही मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सत्र के पहले दिन NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। खड़गे ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
खड़गे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र अपनी माँगों को लेकर वहाँ एकत्र हुए और उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया। इस वक्तव्य के दौरान दोनों पक्षों के सदस्य सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और हंगामा बढ़ता चला गया।
स्थगन का क्रम
राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित की। 12 बजे पुनः शुरू होने पर विपक्षी सांसद फिर नारेबाजी करते हुए आगे आ गए, जिसके बाद कार्यवाही साढ़े बारह बजे तक स्थगित हुई। इसके बाद क्रमशः 12 बजकर 50 मिनट, दोपहर 2 बजे, और 2 बजकर 30 मिनट तक स्थगन होते रहे। अंततः 2 बजकर 30 मिनट पर भी हंगामा शांत न होने पर राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई — इस प्रकार पूरे दिन में कुल 6 बार स्थगन हुआ।
सभापति का संबोधन
सत्र के आरंभ में सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने नव-निर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया और सभी सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने तथा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में कुल 19 बैठकें निर्धारित हैं और इस बहुमूल्य समय का सदुपयोग जनहित के विषयों पर गंभीर विचार-विमर्श के लिए होना चाहिए।
एआई अनुवाद सुविधा की शुरुआत
सभापति ने इस सत्र से राज्यसभा सचिवालय द्वारा शुरू की गई एआई-आधारित तात्कालिक अनुवाद सुविधा की जानकारी भी दी। यह सुविधा फिलहाल 9 भाषाओं में उपलब्ध है और सदस्यों की सीटों पर लगे मल्टीमीडिया उपकरणों के ज़रिये इस्तेमाल की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि आगे चलकर इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
आगे क्या
NEET विवाद पर विपक्ष की आक्रामकता को देखते हुए मंगलवार को भी सदन में तनाव बने रहने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग को लेकर सड़कों पर हैं। सरकार की प्रतिक्रिया और NEET मामले पर संसद में होने वाली चर्चा की दिशा इस सत्र की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।