नीट पेपर लीक: खड़गे ने राज्यसभा में उठाई जंतर मंतर पर लाठीचार्ज की आवाज, सदन स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार, 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा में नीट पेपर लीक और जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उनके वक्तव्य के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मुख्य घटनाक्रम
खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि जंतर मंतर पर हजारों छात्र नीट पेपर लीक के विरोध में एकत्र हुए हैं और उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इसे महज राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
उनके संबोधन के दौरान दोनों पक्षों के सदस्य अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया। हंगामा जारी रहने पर सभापति राधाकृष्णन ने कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया।
खड़गे के प्रमुख आरोप
खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस पार्टी और साझा विपक्ष जनता की आवाज बनकर मोदी सरकार से हर सवाल का जवाब मांगेगी। जनता का हक, जनता की आवाज और जनता के विश्वास की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।'
उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि 2014 से अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं और 25 छात्रों ने जान गँवाई है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की माँग की।
अन्य मुद्दे जो उठाए गए
खड़गे ने राम मंदिर निर्माण निधि में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया और तत्काल स्वतंत्र जाँच की माँग की। इसके अलावा उन्होंने E20 ईंधन नीति पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर एथेनॉल मिश्रण जबरन थोपा गया है। उन्होंने इसे जनता की 'गाढ़ी कमाई की लूट' बताया।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा विवाद पहले से ही देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के दावे कर रही है।
सरकार की स्थिति
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने खड़गे के आरोपों का विरोध किया और सदन में जवाबी नारेबाजी की। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बयान सदन में नहीं आ सका क्योंकि हंगामे के कारण कार्यवाही ही स्थगित हो गई।
आगे क्या होगा
मानसून सत्र में विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के अधिकार जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही माँगी जाती रहेगी। साझा विपक्ष के अनुसार, आने वाले दिनों में इन विषयों पर सदन में और भी तीखी बहस होने की संभावना है।