राज्यसभा में नीट-पेपर लीक पर हंगामा, खड़गे बोले — जंतर मंतर पर छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी गई
सारांश
मुख्य बातें
मानसून सत्र के दूसरे दिन 21 जुलाई को राज्यसभा में नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन को बताया कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया। तीखी नोकझोंक के बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
खड़गे का बयान और छात्रों पर बल प्रयोग का आरोप
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सोमवार को एक निंदनीय घटना हुई — नीट परीक्षा और पेपर लीक के विरोध में आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उनके अनुसार, कई छात्र इस कार्रवाई में घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। खड़गे ने सरकार से माँग की कि सदन में इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की जाए और जवाबदेही तय हो।
विपक्ष की माँग — पारदर्शिता और निष्पक्ष जाँच
विपक्ष का कहना है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों में गहरी चिंता है। विपक्षी सदस्यों ने तर्क दिया कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा में बैठने वाले छात्रों का भविष्य इस तरह की अनियमितताओं से प्रभावित होता है। उन्होंने माँग की कि जहाँ भी गड़बड़ी हुई हो, उसकी निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सदन में हंगामा और स्थगन
खड़गे के वक्तव्य के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक साथ बोलने लगे, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। गौरतलब है कि सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने मानसून सत्र के पहले ही दिन सदस्यों से शांति बनाए रखने और सदन की गरिमा का ध्यान रखने की अपील की थी, लेकिन लगातार दूसरे दिन भी हंगामा थमा नहीं।
मानसून सत्र में नीट — विपक्ष का प्रमुख मुद्दा
संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ और पहले दिन से ही विपक्ष ने नीट परीक्षा और कथित पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र संगठन और अभिभावक परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में भी इस विषय पर संसद के भीतर तीखी बहस जारी रहने की संभावना है।