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पुणे बनेगा भारत का GCC हब: फडणवीस का दावा, 800+ सेंटर का लक्ष्य

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पुणे बनेगा भारत का GCC हब: फडणवीस का दावा, 800+ सेंटर का लक्ष्य

सारांश

पुणे में 130 से अधिक GCC पहले से सक्रिय हैं और मुख्यमंत्री फडणवीस ने 800+ सेंटर का लक्ष्य रखा है। मैग्नम आइसक्रीम के नए पुणे सेंटर से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियाँ आएंगी। पिछले 15 महीनों में पुणे में GCC की ओर से 60 लाख वर्ग फीट ऑफिस स्पेस की माँग आई — यह शहर की उभरती वैश्विक भूमिका का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 4 सितंबर को पुणे को भारत की GCC राजधानी बनाने का संकल्प दोहराया।
पुणे में अभी 130 से अधिक GCC सक्रिय; लक्ष्य 800+ सेंटर का।
मैग्नम आइसक्रीम के नए पुणे सेंटर से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियाँ और अप्रत्यक्ष रोज़गार।
पिछले 15 महीनों में पुणे में GCC की ओर से करीब 60 लाख वर्ग फीट ऑफिस स्पेस की माँग।
राज्य सरकार का लक्ष्य: 400 GCC कंपनियाँ और 700+ यूनिट्स ; फिलहाल 10,000 पेशेवर कार्यरत।
हिंजवडी में IT इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार को प्राथमिकता; 'बेन एंड जेरीज़' को भारत लाने की भी योजना।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 4 सितंबर 2026 को पुणे को देश की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) राजधानी के रूप में स्थापित करने का संकल्प दोहराया। मैग्नम आइसक्रीम कंपनी के ग्लोबल बिजनेस सॉल्यूशंस सेंटर के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पुणे में अभी 130 से अधिक GCC सक्रिय हैं और आने वाले वर्षों में यह संख्या 800 से ऊपर जाने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री का विज़न

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र पहले से ही भारत में GCC निवेश का पसंदीदा केंद्र बन चुका है। उन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनियों की ओर से मिल रहे उत्साहजनक रिस्पॉन्स को पुणे के बिजनेस-फ्रेंडली माहौल और कुशल टैलेंट पूल का प्रमाण बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जब सरकार और उद्योग मिलकर काम करते हैं, तो एक मज़बूत इकोसिस्टम तैयार होता है जो निवेश, रोज़गार और समग्र आर्थिक विकास को गति देता है।

मैग्नम सेंटर से रोज़गार और तकनीकी विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुणे में खुला मैग्नम का यह सेंटर 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा करेगा, इसके अलावा अप्रत्यक्ष रोज़गार को भी बढ़ावा मिलेगा। यह सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेटेड टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और अन्य उन्नत समाधानों को एकीकृत करेगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग, वितरण और ग्राहक अनुभव को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। मुंबई में स्थित रीजनल हेडक्वार्टर के साथ मिलकर काम करते हुए यह सेंटर महाराष्ट्र में मैग्नम के विस्तार को नई दिशा देगा।

बुनियादी ढाँचे पर सरकार का ध्यान

फडणवीस ने हिंजवडी में IT इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों को हल करने पर विशेष ज़ोर दिया और कहा कि पुणे के औद्योगिक क्षेत्र में भौतिक बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है कि निवेशकों को हर आवश्यक सहायता और अनुकूल वातावरण मिले।

उद्योग विभाग के आँकड़े

उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. पी. अनबलगन ने कहा कि GCC केवल कार्यालय स्थान नहीं, बल्कि देश की आर्थिक रफ्तार को बढ़ाने वाले इंजन हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 15 महीनों में अकेले पुणे में GCC की ओर से कमर्शियल ऑफिस स्पेस की माँग लगभग 60 लाख वर्ग फीट तक पहुँची, जबकि पिछले 18 महीनों में पूरे राज्य में 130 नई या विस्तारित GCC यूनिट्स स्थापित हुईं। राज्य सरकार ने आने वाले समय में 400 GCC कंपनियों और 700 से अधिक यूनिट्स लाने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल पुणे में 20 क्षेत्रों की 30 से अधिक देशों की कंपनियाँ सक्रिय हैं, जिनमें करीब 10,000 पेशेवर कार्यरत हैं।

मैग्नम और महाराष्ट्र सरकार का रिश्ता

मुख्यमंत्री के निवेश एवं नीति सलाहकार कौस्तुभ धवसे ने कहा कि मैग्नम आइसक्रीम कंपनी और महाराष्ट्र सरकार के बीच संबंध भरोसे, विश्वसनीयता और आपसी सम्मान पर आधारित है। मैग्नम के CFO अभिजीत भट्टाचार्य ने कम समय में यह सेंटर स्थापित होने का श्रेय राज्य सरकार की त्वरित निर्णय-प्रक्रिया को दिया। उन्होंने पुणे चुनने के प्रमुख कारणों में महाराष्ट्र का मज़बूत औद्योगिक इकोसिस्टम, बेहतर कनेक्टिविटी और सक्रिय प्रशासन गिनाए। भट्टाचार्य ने सस्टेनेबल डेयरी सिस्टम पर राज्य के साथ सहयोग की इच्छा जताई और ग्लोबल आइसक्रीम ब्रांड 'बेन एंड जेरीज़' को भारत लाने की योजना का भी उल्लेख किया। यह साझेदारी पुणे को GCC मानचित्र पर और पुख्ता करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हिंजवडी जैसे इलाकों में ठोस बुनियादी ढाँचे की ज़रूरत होगी — जहाँ ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की समस्याएँ वर्षों से चर्चा में हैं। मैग्नम जैसी कंपनियों का आना सकारात्मक संकेत है, पर असली परीक्षा तब होगी जब मध्यम आकार की बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ बेंगलुरु और हैदराबाद को छोड़कर पुणे को चुनें।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की मौजूदा स्थिति क्या है?
पुणे में अभी 130 से अधिक GCC सक्रिय हैं, जिनमें 20 क्षेत्रों की 30 से अधिक देशों की कंपनियाँ शामिल हैं और करीब 10,000 पेशेवर कार्यरत हैं। पिछले 15 महीनों में GCC की ओर से लगभग 60 लाख वर्ग फीट कमर्शियल ऑफिस स्पेस की माँग आई।
महाराष्ट्र सरकार का GCC के लिए क्या लक्ष्य है?
राज्य सरकार ने आने वाले समय में 400 GCC कंपनियों और 700 से अधिक यूनिट्स को महाराष्ट्र में लाने का लक्ष्य रखा है। पुणे में यह संख्या 800 से ऊपर जाने की उम्मीद है।
मैग्नम आइसक्रीम का पुणे सेंटर कितनी नौकरियाँ देगा?
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, मैग्नम का पुणे ग्लोबल बिजनेस सॉल्यूशंस सेंटर 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा करेगा और अप्रत्यक्ष रोज़गार को भी बढ़ावा देगा। यह सेंटर AI, ऑटोमेटेड टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स समाधानों से लैस होगा।
पुणे को GCC के लिए क्यों चुना जा रहा है?
मैग्नम के CFO अभिजीत भट्टाचार्य ने पुणे चुनने के प्रमुख कारण बताए — महाराष्ट्र का मज़बूत औद्योगिक इकोसिस्टम, बेहतर कनेक्टिविटी, कुशल टैलेंट पूल और राज्य सरकार की त्वरित निर्णय-प्रक्रिया। हिंजवडी में IT इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर भी सरकार सक्रिय है।
'बेन एंड जेरीज़' भारत कब आएगा?
मैग्नम के CFO भट्टाचार्य ने ग्लोबल आइसक्रीम ब्रांड 'बेन एंड जेरीज़' को भारत लाने की योजना का उल्लेख किया, हालाँकि इसके लिए कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है। इसके साथ ही कंपनी ने सस्टेनेबल डेयरी सिस्टम पर राज्य सरकार के साथ सहयोग की इच्छा भी जताई।
राष्ट्र प्रेस
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