महाराष्ट्र MSME क्षेत्र में ₹2,320 करोड़ का निवेश, 49 इकाइयों के साथ MoU — CM फडणवीस
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 26 अगस्त को पुणे के चाकण-भोसरी औद्योगिक केंद्र के लिए 49 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ₹2,320.97 करोड़ के इस नए निवेश से राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई ऊँचाई मिलेगी। उन्होंने महाराष्ट्र को देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख 'ग्रोथ इंजन' बताते हुए MSME क्षेत्र को इसकी रीढ़ करार दिया।
निवेश का विवरण और अपेक्षित लाभ
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, ₹2,320.97 करोड़ के इस निवेश से राज्य में उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे और पुणे का समग्र औद्योगिक तंत्र और अधिक सुदृढ़ होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौता करने वाली इकाइयाँ अगले एक से दो वर्षों में अपना परिचालन शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) और उद्योग विभाग को भूमि आवंटन तथा बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पारंपरिक समझौतों की तरह देरी न हो।
MSME क्षेत्र की भूमिका और सरकारी पहल
फडणवीस ने कहा कि बड़ी कंपनियाँ अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन MSME क्षेत्र ही वह आधार है जो आवश्यक पुर्जों का निर्माण करता है, स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति करता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करता है। उन्होंने पुणे और आसपास के क्षेत्रों के ऑटोमोबाइल एवं इंजीनियरिंग उद्योगों में MSME की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
MSME क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए सरकार ने राज्यभर में व्यापक 'MSME जनगणना' शुरू की है, जिसके तहत छोटे उद्योगों के आकार, संचालन क्षमता, रोजगार के आँकड़े और बुनियादी ढाँचे की जरूरतों से जुड़ी सटीक जानकारी एकत्र की जाएगी।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 30 से 40 वर्ष पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक बनाकर स्वायत्त 'इंडस्ट्रियल सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना की शुरुआत पुणे जिले से होगी, जहाँ स्थानीय स्तर पर एकत्र कर का उपयोग क्षेत्रीय प्रशासन, सफाई और बुनियादी ढाँचे के रखरखाव पर किया जाएगा। यह मॉडल आत्मनिर्भर औद्योगिक प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चाकण की बुनियादी समस्याएँ और सरकारी प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि हाल ही में चाकण के कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने खराब सड़कों, कचरा प्रबंधन की समस्याओं, अपर्याप्त बिजली उपकेंद्रों, स्ट्रीट लाइटों की कमी और ट्रक टर्मिनलों के अभाव को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई थीं। उद्योगों ने यह भी बताया था कि 70 मीटर चौड़ी MIDC सड़कें कई स्थानों पर केवल 8 मीटर चौड़ी संपर्क सड़कों में सिमट जाती हैं, जिससे रोजाना भारी यातायात जाम की स्थिति बनती है।
इन शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुणे जिला कलेक्टर और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की, जो समयबद्ध विकास कार्यों और शिकायतों के समाधान की निगरानी करेगी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी चाकण औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर सड़क मरम्मत कार्यों की समीक्षा की।
उद्योग मंत्री का बयान और निवेशकों का भरोसा
राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने उद्योगों के महाराष्ट्र से बाहर जाने की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'चाकण-भोसरी क्षेत्र या महाराष्ट्र के किसी भी हिस्से से एक भी उद्योगपति ने अपना कारोबार कहीं और नहीं ले जाया है। निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और चाकण क्षेत्र में जमीन की बढ़ती माँग इसका प्रमाण है।' आगे की दिशा में, राज्य सरकार का लक्ष्य 'लोकल टू ग्लोबल' की सोच को बल देते हुए MSME को आयात-प्रतिस्थापन का मजबूत माध्यम बनाना है।