4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-किरिबाती वार्ता: महिला सशक्तीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सहयोग पर बनी सहमति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-किरिबाती वार्ता: महिला सशक्तीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

भारतीय उच्चायुक्त सुनीत मेहता का साउथ तरावा दौरा सिर्फ शिष्टाचार भेंट नहीं था — यह प्रशांत क्षेत्र में भारत की बहुआयामी कूटनीति का प्रमाण है। महिला सशक्तीकरण से लेकर डायलिसिस केंद्र और नवीकरणीय ऊर्जा तक, भारत 'ब्लू पैसिफिक' में अपनी उपस्थिति को ठोस परियोजनाओं से मजबूत कर रहा है।

मुख्य बातें

भारतीय उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने 4 सितंबर 2026 को साउथ तरावा, किरिबाती में कई वरिष्ठ मंत्रियों से बैठक की।
महिला सशक्तीकरण, डिजिटलीकरण और समावेशी विकास पर मंत्री रूथ क्रॉस क्वांसिंग के साथ विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
किरिबाती में स्थापित डायलिसिस सेंटर , 2023 की FIPIC पहल का हिस्सा है जो सभी 14 प्रशांत द्वीपीय देशों में डायलिसिस इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है।
बुनियादी ढाँचा, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास में सहयोग के नए अवसरों पर मंत्री टेकेउआ ताराती के साथ चर्चा हुई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में किफायती दवाओं, डायलिसिस उपकरणों और समुद्री एंबुलेंस की आपूर्ति पर सहमति बनी।

किरिबाती के उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने 4 सितंबर 2026 को साउथ तरावा में किरिबाती सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की और महिला सशक्तीकरण, समावेशी विकास, डिजिटलीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा स्वास्थ्य सेवाओं में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठकें प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा हैं।

महिला सशक्तीकरण और समावेशी विकास

सुनीत मेहता और किरिबाती की महिला, युवा, खेल और सामाजिक मामलों की मंत्री रूथ क्रॉस क्वांसिंग के बीच हुई बैठक में महिला सशक्तीकरण, समावेशी विकास और डिजिटलीकरण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। फिजी स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा कि यह बैठक "प्रशांत साझेदारों के साथ भारत की गहरी होती भागीदारी को दर्शाती है।"

इससे पहले, मेहता ने किरिबाती के शिक्षा मंत्री रुआतेकी टेकाइरा से मुलाकात की और इस प्रशांत द्वीपीय देश के साथ भारत की दीर्घकालिक साझेदारी की प्रतिबद्धता को दोहराया।

संसदीय जुड़ाव और कूटनीतिक संवाद

गुरुवार को मेहता ने तरावा में किरिबाती की नेशनल असेंबली के स्पीकर विली टोकाटाके से भेंट की। दोनों पक्षों ने साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और एक लचीला, समावेशी तथा समृद्ध प्रशांत महासागर क्षेत्र — जिसे 'ब्लू पैसिफिक' कहा जाता है — के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। फिजी स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस बैठक को "भारत-किरिबाती संबंधों को गहरा करने में संसदीय जुड़ाव के महत्व की पुष्टि" बताया।

बुनियादी ढाँचा और नवीकरणीय ऊर्जा

मेहता ने किरिबाती के बुनियादी ढाँचा और सतत ऊर्जा मंत्री टेकेउआ ताराती से भी मुलाकात की। इस बैठक में बुनियादी ढाँचे, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास में सहयोग के नए अवसरों की पड़ताल की गई। फिजी स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा कि दोनों देशों ने "एक अधिक लचीला, टिकाऊ और समृद्ध प्रशांत महासागर क्षेत्र की दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।" गौरतलब है कि जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र स्तर में वृद्धि किरिबाती जैसे निचले प्रशांत द्वीपीय देशों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य सहयोग: डायलिसिस केंद्र और दवाएँ

मेहता ने किरिबाती में भारत द्वारा समर्थित डायलिसिस सेंटर का दौरा किया। यह केंद्र 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित FIPIC (Forum for India-Pacific Islands Cooperation) पहल का हिस्सा है, जिसके तहत सभी 14 प्रशांत द्वीपीय देशों में डायलिसिस इकाइयाँ स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था।

किरिबाती के स्वास्थ्य मंत्री बूटी नौआन के साथ हुई बैठक में किफायती दवाओं, डायलिसिस उपकरणों और समुद्री एंबुलेंस की आपूर्ति के साथ-साथ क्षमता निर्माण पहलों पर चर्चा हुई। फिजी स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा कि "भारत एक स्वस्थ प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करने के लिए समर्पित है।"

आगे की राह

यह बहु-स्तरीय कूटनीतिक दौरा स्पष्ट करता है कि भारत, प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ अपने संबंधों को केवल कूटनीतिक घोषणाओं तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण जैसे ठोस क्षेत्रों में जमीनी सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले महीनों में इन बैठकों के परिणामस्वरूप द्विपक्षीय समझौतों और परियोजनाओं की घोषणा की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये प्रतिबद्धताएँ समयबद्ध रूप से पूरी होती हैं या नहीं। जलवायु संकट से जूझते इन देशों को दीर्घकालिक, वित्त-पोषित साझेदारी चाहिए — न कि केवल उच्चस्तरीय बैठकों के बयान।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और किरिबाती के बीच हाल की बैठकों में क्या तय हुआ?
4 सितंबर 2026 को साउथ तरावा में हुई बैठकों में महिला सशक्तीकरण, डिजिटलीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढाँचा और स्वास्थ्य सहयोग के क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने 'ब्लू पैसिफिक' के निर्माण में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
FIPIC डायलिसिस पहल क्या है और किरिबाती को इससे क्या लाभ है?
FIPIC (Forum for India-Pacific Islands Cooperation) पहल की घोषणा 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी, जिसके तहत सभी 14 प्रशांत द्वीपीय देशों में डायलिसिस इकाइयाँ स्थापित करने का लक्ष्य है। किरिबाती में यह केंद्र पहले से कार्यरत है और स्थानीय नागरिकों को किफायती गुर्दा उपचार सेवाएँ प्रदान कर रहा है।
किरिबाती के साथ भारत का नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
किरिबाती एक निचला प्रशांत द्वीपीय देश है जो जलवायु परिवर्तन और समुद्र स्तर में वृद्धि के कारण अस्तित्व के गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा में भारत का सहयोग इस देश की ऊर्जा सुरक्षा और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इन बैठकों में किरिबाती के किन मंत्रियों ने भाग लिया?
बैठकों में महिला, युवा, खेल और सामाजिक मामलों की मंत्री रूथ क्रॉस क्वांसिंग, शिक्षा मंत्री रुआतेकी टेकाइरा, बुनियादी ढाँचा और सतत ऊर्जा मंत्री टेकेउआ ताराती, स्वास्थ्य मंत्री बूटी नौआन तथा नेशनल असेंबली के स्पीकर विली टोकाटाके शामिल थे।
भारत प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ संबंध क्यों मजबूत कर रहा है?
भारत की 'ब्लू पैसिफिक' नीति के तहत प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे में ठोस सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। यह रणनीति क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति को मजबूत करती है और FIPIC जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले