भारत-वानुअतु द्विपक्षीय सहयोग: MOS मार्गेरिटा ने वानुअतु के कार्यवाहक विदेश मंत्री से की अहम बैठक
सारांश
Key Takeaways
- विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने 23 अप्रैल 2025 को वानुअतु के कार्यवाहक विदेश मंत्री जेवियर इमैनुएल हैरी से द्विपक्षीय बैठक की।
- बैठक में स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- मार्गेरिटा ने भारत-समर्थित IT सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया, जो वानुअतु के युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बना रहा है।
- यह वानुअतु का पहला आधिकारिक भारतीय मंत्रिस्तरीय दौरा है, जो 22-25 अप्रैल 2025 तक चल रहा है।
- यह यात्रा FIPIC तीसरे शिखर सम्मेलन (मई 2023, पोर्ट मोरेस्बी) की अगली कड़ी के रूप में भारत की प्रशांत नीति को मजबूत करती है।
- मार्गेरिटा वानुअतु के बाद तुवालु का भी दौरा करेंगे और वहां के प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे।
पोर्ट विला, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री (MOS) पबित्रा मार्गेरिटा ने गुरुवार, 24 अप्रैल को वानुअतु के कार्यवाहक विदेश मंत्री, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं बाहरी व्यापार मंत्री जेवियर इमैनुएल हैरी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। भारत ने वानुअतु के विकास में एक विश्वसनीय साझेदार बने रहने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक के बाद MOS मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "वानुअतु के एक्टिंग फॉरेन अफेयर्स, IC और एक्सटर्नल ट्रेड मिनिस्टर जेवियर इमैनुएल हैरी से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। भारत और वानुअतु परस्पर विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित एक सुदृढ़ साझेदारी साझा करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य सेवा, कैपेसिटी बिल्डिंग और क्लाइमेट-रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर में द्विपक्षीय विकास सहयोग को विस्तार देने पर सकारात्मक और ठोस बातचीत हुई। इसके अलावा बहुपक्षीय मंचों (Multilateral Forums) पर भी दोनों देशों के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।
IT सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा
बुधवार, 23 अप्रैल को मार्गेरिटा ने वानुअतु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का दौरा किया। यह संस्था भारत के सहयोग से स्थापित की गई है और इसका उद्देश्य वानुअतु के युवाओं में डिजिटल कौशल विकसित करना और स्थानीय क्षमता को सशक्त बनाना है।
मंत्री ने इस संस्था को भारत-वानुअतु मित्रता का एक मजबूत स्तंभ बताया और कहा कि यह बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों का जीवंत प्रमाण है। यह केंद्र प्रशांत द्वीप क्षेत्र में भारत की डिजिटल डिप्लोमेसी का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।
वानुअतु का ऐतिहासिक पहला आधिकारिक दौरा
MOS पबित्रा मार्गेरिटा बुधवार को वानुअतु के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर पोर्ट विला पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनयिक और विकासात्मक संबंधों को नई ऊंचाई देना है।
उन्होंने X पर पोस्ट किया, "वानुअतु के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर पोर्ट विला पहुंचकर अत्यंत हर्षित हूं। हमारी पुरानी मित्रता और साझेदारी को और गहरा करने के लिए सार्थक संवाद की उम्मीद है।"
FIPIC शिखर सम्मेलन के बाद भारत की प्रशांत नीति
मार्गेरिटा 22 से 25 अप्रैल 2025 तक वानुअतु और तुवालु के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरान वे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह दौरा प्रशांत द्वीप देशों के साथ राजनीतिक एवं विकास सहयोग को सुदृढ़ करने की भारत की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है। यह यात्रा मई 2023 में पोर्ट मोरेस्बी में आयोजित फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के तीसरे ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन की अगली कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
आने वाले दिनों में तुवालु दौरे के दौरान भी इसी तरह की उच्चस्तरीय बैठकें होने की उम्मीद है, जो भारत की 'एक्ट पैसिफिक' नीति को और मजबूती प्रदान करेंगी।