25 जुलाई 2026
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बलूच छात्रों का विरोध जारी: खदीजा बलूच की रिहाई की मांग, पाक सेना पर अपहरण का आरोप

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बलूच छात्रों का विरोध जारी: खदीजा बलूच की रिहाई की मांग, पाक सेना पर अपहरण का आरोप

सारांश

क्वेटा के बोलन मेडिकल कॉलेज में छात्रों ने लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने छात्रा खदीजा बलूच को छात्रावास से अगवा किया। बीवाईसी, बीवीजे और बीएनएम ने तत्काल रिहाई की मांग करते हुए बलूचिस्तान में महिलाओं के जबरन अपहरण की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई।

मुख्य बातें

खदीजा बलूच को 22 अप्रैल 2025 को बोलन मेडिकल कॉलेज, क्वेटा के महिला छात्रावास से पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने जबरन अगवा किया।
बीएमसी के छात्रों ने 23 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन कैंपस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने इसे बलूच नागरिकों को दबाने की सुनियोजित सरकारी रणनीति करार दिया।
बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के अध्यक्ष नसीम बलूच ने इसे पाकिस्तान की क्रूर दमन नीति का हिस्सा बताया।
बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने चेतावनी दी कि बलूच महिलाओं को निशाना बनाना एक खतरनाक और नई प्रवृत्ति है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान से खदीजा बलूच की तत्काल रिहाई और पारदर्शी जांच की मांग की है।

क्वेटा, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा नागरिकों को जबरन गायब किए जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रांतीय राजधानी क्वेटा स्थित बोलन मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के छात्रों ने गुरुवार, 23 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन कैंपस के बाहर धरना दिया और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा अगवा की गई छात्रा खदीजा बलूच की तत्काल एवं सुरक्षित रिहाई की मांग की। यह मामला बलूचिस्तान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती राज्य-प्रायोजित हिंसा की एक और कड़ी बनकर सामने आया है।

खदीजा बलूच का अपहरण — घटनाक्रम

बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के अनुसार, खदीजा बलूच को मंगलवार, 22 अप्रैल को बीएमसी महिला छात्रावास, क्वेटा से पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने जबरन उठाया और किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। तब से उनके परिवार और सहपाठियों को उनके ठिकाने या स्वास्थ्य के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है।

यह घटना उस समय और अधिक चिंताजनक हो जाती है जब बीएमसी जैसा शैक्षणिक परिसर, जो अब तक अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था, भी सुरक्षाबलों की कार्रवाई से अछूता नहीं रहा। बीवाईसी ने इसे एक सुनियोजित अभियान का हिस्सा बताया है जिसका उद्देश्य बलूच युवाओं, विशेषकर महिलाओं को, अपनी आवाज उठाने से रोकना है।

छात्रों और मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि बलूच महिलाओं को निशाना बनाना एक खतरनाक और नई प्रवृत्ति को दर्शाता है। संगठन ने कहा कि ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जिससे समुदायों में भय का वातावरण बन रहा है और परिवार हिंसा, अनिश्चितता तथा चुप्पी के बीच जीने को मजबूर हैं।

बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के अध्यक्ष नसीम बलूच ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि खदीजा बलूच का जबरन अपहरण पाकिस्तान की उस क्रूर रणनीति को उजागर करता है जिसमें अपहरण, यातना और सामूहिक दंड जैसे हथकंडे अपनाए जाते हैं।

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी — व्यापक संदर्भ

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या दशकों पुरानी है। ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं वर्षों से इस मुद्दे को उठाती रही हैं। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने भी कई अवसरों पर सुरक्षाबलों को फटकार लगाई है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।

गौरतलब है कि हाल के महीनों में बलूचिस्तान से महिलाओं के जबरन लापता होने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बीवाईसी के अनुसार यह पहले की तुलना में एक नई और अधिक आक्रामक रणनीति है जिसमें महिलाओं और छात्रों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य परिवारों को मनोवैज्ञानिक रूप से तोड़ना और समुदाय में भय का माहौल पैदा करना है।

एकजुटता और आगे की राह

बीवाईसी और बीवीजे दोनों ने बलूच समाज से एकजुट होकर इन सरकारी अत्याचारों का विरोध करने का आह्वान किया है। संगठनों का कहना है कि चुप्पी बनाए रखने से अविश्वास और पीड़ा और गहरी होगी।

फिलहाल बोलन मेडिकल कॉलेज के छात्रों का आंदोलन जारी है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से खदीजा बलूच को तुरंत रिहा करने और जबरन गुमशुदगी के मामलों में पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक ध्यान आकर्षित कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खदीजा बलूच कौन हैं और उन्हें कब गायब किया गया?
खदीजा बलूच क्वेटा के बोलन मेडिकल कॉलेज की छात्रा हैं। उन्हें 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बीएमसी महिला छात्रावास से जबरन उठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
बोलन मेडिकल कॉलेज के छात्र क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
छात्र खदीजा बलूच की तत्काल और सुरक्षित रिहाई की मांग को लेकर लगातार दो दिनों से कॉलेज परिसर के बाहर धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उन्हें अगवा किया।
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी की समस्या कितनी गंभीर है?
बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी दशकों पुरानी समस्या है जिसे ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाएं दस्तावेजित करती रही हैं। हाल के महीनों में महिलाओं और छात्रों को विशेष रूप से निशाना बनाए जाने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
बलूच यकजेहती कमेटी और बलूच वॉइस फॉर जस्टिस ने क्या कहा?
बीवाईसी ने इसे बलूच नागरिकों को दबाने की सरकारी रणनीति बताया और समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। बीवीजे ने कहा कि बलूच महिलाओं को निशाना बनाना एक खतरनाक नई प्रवृत्ति है जो समुदायों में भय का माहौल पैदा कर रही है।
पाकिस्तान सरकार ने खदीजा बलूच के मामले में क्या कार्रवाई की?
अब तक पाकिस्तान सरकार या सुरक्षाबलों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। परिवार और सहपाठियों को खदीजा के ठिकाने या स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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