25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ऐतिहासिक फैसला: ट्रंप ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम तीन सप्ताह बढ़ाया, वाशिंगटन में सीधी वार्ता का संकेत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ऐतिहासिक फैसला: ट्रंप ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम तीन सप्ताह बढ़ाया, वाशिंगटन में सीधी वार्ता का संकेत

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम को 3 सप्ताह और बढ़ाया। ओवल ऑफिस बैठक में दोनों देशों के राजदूत सहमत हुए। हिजबुल्लाह के खिलाफ साझा रणनीति और वाशिंगटन में सीधी शांति वार्ता की उम्मीद जगी।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 24 अप्रैल 2025 को इजरायल-लेबनान युद्धविराम को 3 सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की।
ओवल ऑफिस में हुई बैठक में लेबनानी राजदूत नादा हमादेह मोवाद और इजरायली राजदूत येचिएल लीटर शामिल रहे।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण बताया और श्रेय ट्रंप की सीधी कूटनीति को दिया।
दोनों देश हिजबुल्लाह को साझा खतरा मानते हैं; अमेरिका और इजरायल दोनों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
ट्रंप ने सऊदी अरब की भविष्य की शांति वार्ताओं में संभावित भूमिका का संकेत दिया।
इजरायल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं और दोनों तकनीकी रूप से अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं।

वाशिंगटन, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच चल रहे युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए और बढ़ाने की बड़ी घोषणा की है। ट्रंप ने इस कदम को ऐतिहासिक करार देते हुए संकेत दिया कि आने वाले दिनों में वाशिंगटन में दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत भी हो सकती है।

ओवल ऑफिस में हुई अहम बैठक

यह महत्वपूर्ण निर्णय व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद सामने आया। इस बैठक में अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद और इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने भाग लिया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बैठक के बाद कहा कि दोनों देश तीन सप्ताह के अतिरिक्त युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं और अब और गोलीबारी नहीं होगी। दोनों देशों के नेता आने वाले सप्ताह में वाशिंगटन का दौरा कर सकते हैं।

उपराष्ट्रपति वेंस ने बताया ऐतिहासिक क्षण

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस पहल को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को एक मंच पर लाने का श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत और सीधी कूटनीतिक भागीदारी को जाता है।

वेंस ने यह भी कहा कि यह विस्तार दोनों देशों को एक दीर्घकालिक और स्थायी समाधान तलाशने का अवसर देगा, जो केवल अस्थायी संघर्षविराम से कहीं आगे की बात है।

हिजबुल्लाह पर दोनों देशों की साझा चिंता

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इजरायल और लेबनान दोनों को हिजबुल्लाह से एक जैसा खतरा महसूस होता है। एक अधिकारी ने कहा कि दोनों देश एक ही आतंकवादी संगठन के शिकार हैं और उम्मीद जताई कि यह युद्धविराम दोनों के बीच स्थायी शांति की नींव बन सकता है।

इजरायली राजदूत येचिएल लीटर ने कहा कि उनका देश शांति और नागरिक सुरक्षा चाहता है और दोनों सरकारें मिलकर हिजबुल्लाह के प्रभाव से अपने-अपने देशों को मुक्त कराना चाहती हैं।

लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद ने अमेरिकी समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिका की मदद और सहयोग से लेबनान को फिर से स्थिर बनाया जा सकता है।

ईरान और क्षेत्रीय कूटनीति से जुड़ा बड़ा संदर्भ

ट्रंप ने इस युद्धविराम विस्तार को व्यापक मध्य-पूर्व कूटनीति से जोड़ा, जिसमें ईरान से संबंधित अमेरिकी प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल-लेबनान वार्ता उन कुछ मुद्दों की तुलना में आसान होनी चाहिए जिन पर अभी काम चल रहा है।

ट्रंप ने यह भी दोहराया कि हमले की स्थिति में इजरायल को जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार है और कोई भी प्रतिक्रिया सतर्क और सटीक होगी। उन्होंने संकेत दिया कि सऊदी अरब जैसे क्षेत्रीय देश भविष्य की वार्ताओं में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि इजरायल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं और तकनीकी रूप से दोनों देश अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं। अतीत में हुए युद्धविराम समझौते बेहद नाजुक रहे हैं और इन्हें बनाए रखने के लिए निरंतर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की जरूरत पड़ती रही है।

ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को अमेरिका और इजरायल दोनों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। यह समूह लंबे समय से क्षेत्रीय संघर्षों का केंद्र रहा है और इसकी मौजूदगी किसी भी स्थायी शांति समझौते की सबसे बड़ी बाधा मानी जाती है।

ट्रंप ने आशावादी स्वर में कहा कि उन्हें लगता है कि वार्ता बहुत जल्दी फिर से शुरू हो सकती है। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के नेताओं के वाशिंगटन दौरे और संभावित द्विपक्षीय वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मध्य-पूर्व में अमेरिकी कूटनीति की वापसी का संकेत है — वह भी ऐसे समय में जब ईरान परमाणु वार्ता और गाजा संघर्ष एक साथ चल रहे हैं। विडंबना यह है कि इजरायल और लेबनान, जिनके बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, हिजबुल्लाह के खिलाफ एक मंच पर आ रहे हैं। सवाल यह है कि क्या यह युद्धविराम एक स्थायी शांति की नींव बनेगा या पिछले समझौतों की तरह नाजुक साबित होगा। सऊदी अरब की संभावित भूमिका इस समीकरण को और जटिल बनाती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने इजरायल-लेबनान युद्धविराम क्यों बढ़ाया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक शांति की संभावना को देखते हुए युद्धविराम 3 सप्ताह बढ़ाया। उनका मानना है कि इजरायल और लेबनान दोनों हिजबुल्लाह के खिलाफ एकजुट हैं और यह अवसर स्थायी समाधान के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम बैठक कहां हुई?
यह बैठक वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई। इसमें अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोवाद और इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर शामिल थे।
हिजबुल्लाह का इजरायल-लेबनान संघर्ष से क्या संबंध है?
हिजबुल्लाह ईरान समर्थित एक सशस्त्र संगठन है जिसे अमेरिका और इजरायल दोनों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है। यह समूह लेबनान में सक्रिय है और इजरायल-लेबनान सीमा पर तनाव का प्रमुख कारण रहा है।
क्या इजरायल और लेबनान के बीच कोई राजनयिक संबंध हैं?
नहीं, इजरायल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं और तकनीकी रूप से दोनों देश अभी भी युद्ध की स्थिति में हैं। इसीलिए अमेरिकी मध्यस्थता इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभा रही है।
वाशिंगटन में इजरायल-लेबनान वार्ता कब होगी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के नेता आने वाले सप्ताह में वाशिंगटन का दौरा कर सकते हैं। हालांकि अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले