चीन में कृषि ड्रोनों की संख्या तीन लाख पार, दुनिया में सबसे आगे
सारांश
Key Takeaways
- चीन में कृषि ड्रोनों की संख्या तीन लाख से अधिक हो गई है, जो वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक है।
- 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021–2025) में कृषि तकनीक योगदान दर 64 प्रतिशत से अधिक हो गई।
- उन्नत बीज किस्मों की कवरेज दर 96 प्रतिशत और फसल मशीनीकरण दर 76.7 प्रतिशत तक पहुंची।
- चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय ने 24 अप्रैल 2026 को पेइचिंग में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।
- 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026–2030) के तहत ग्रामीण पुनरोद्धार और स्मार्ट कृषि में और अधिक निवेश की योजना है।
- चीन का कृषि डिजिटल रूपांतरण मॉडल वैश्विक खाद्य सुरक्षा रणनीति को नई दिशा देने में सक्षम माना जा रहा है।
बीजिंग, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीन ने कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है — देश में कृषि ड्रोनों की कुल संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा कृषि ड्रोन बेड़ा बनाती है। चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय ने गुरुवार, 24 अप्रैल 2026 को पेइचिंग में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी साझा की। यह सम्मेलन वर्ष 2026 की पहली तिमाही के कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर केंद्रित था।
14वीं पंचवर्षीय योजना में कृषि तकनीक की छलांग
14वीं पंचवर्षीय योजना (2021–2025) की अवधि में चीन की कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार क्षमता में व्यापक सुधार देखा गया। कृषि विज्ञान एवं तकनीक की प्रगति में योगदान दर 64 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जो देश की नीतिगत प्राथमिकताओं की सफलता को दर्शाती है।
उन्नत बीज किस्मों की कवरेज दर 96 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच चुकी है। वहीं, फसल बुवाई, कटाई और गहाई की समग्र मशीनीकरण दर 76.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रमुख खाद्यान्न फसलों के उत्पादन में लगभग पूर्ण मशीनीकरण हासिल कर लिया गया है।
स्मार्ट खेती और डिजिटल परिवर्तन की दिशा
चीन में कृषि क्षेत्र का बुद्धिमान और डिजिटल रूपांतरण तेज गति से हो रहा है। आधुनिक स्मार्ट उपकरण अब खेतों में उत्पादन प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। तीन लाख से अधिक कृषि ड्रोन वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक हैं और ये बीज बुवाई, कीटनाशक छिड़काव तथा फसल निगरानी में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं।
तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो भारत में अभी कृषि ड्रोन का उपयोग प्रारंभिक चरण में है। भारत सरकार की ड्रोन दीदी योजना और कृषि ड्रोन सब्सिडी नीति के बावजूद देश में ड्रोन की संख्या चीन के मुकाबले बेहद कम है। यह अंतर इस बात का संकेत है कि कृषि आधुनिकीकरण की दौड़ में चीन ने कितनी तेज रफ्तार पकड़ी है।
ग्रामीण पुनरोद्धार और 15वीं पंचवर्षीय योजना की तैयारी
चीनी कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्रालय के एक उप मंत्री ने बताया कि इस वर्ष से ग्रामीण पुनरोद्धार से जुड़े सभी कार्यक्रमों को ठोस ढंग से लागू किया जा रहा है। कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था ने स्थिर और सकारात्मक विकास की गति बनाए रखी है।
यह प्रदर्शन 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026–2030) के लिए एक मजबूत नींव तैयार करता है। उप मंत्री के अनुसार, यह उपलब्धियां उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक एवं सामाजिक विकास को सशक्त आधार प्रदान कर रही हैं।
वैश्विक संदर्भ में चीन की कृषि तकनीक का महत्व
यह उल्लेखनीय है कि चीन दुनिया की सबसे बड़ी आबादी को खाद्य सुरक्षा देने के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर निरंतर निवेश कर रहा है। अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य विकसित देशों में भी कृषि ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है, लेकिन चीन की संख्या इन सभी से कहीं अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह कृषि तकनीकी मॉडल वैश्विक खाद्य उत्पादन की रणनीति को नई दिशा दे सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा और IoT के कृषि में एकीकरण से उत्पादन लागत घटाने और उपज बढ़ाने में मदद मिल रही है।
आने वाले वर्षों में चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत कृषि स्वचालन और डिजिटल खेती में और अधिक निवेश की उम्मीद है, जो वैश्विक कृषि प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा को और तीव्र करेगी।
(साभार — चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)