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अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार ने NCP के 40 विधायकों पर साधा निशाना, CBI जांच की मांग पर सियासत तेज

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अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार ने NCP के 40 विधायकों पर साधा निशाना, CBI जांच की मांग पर सियासत तेज

सारांश

अजित पवार के विमान हादसे की जांच महाराष्ट्र में सियासी अखाड़ा बन गई है। रोहित पवार का सवाल सीधा है — जो 40 विधायक अपनी ही सरकार को रिमाइंडर भेजें और जवाब न मिले, उनका सत्ता में बने रहना किस बात का प्रमाण है? FIR अब तक दर्ज नहीं, नए सबूत आने वाले हैं।

मुख्य बातें

रोहित पवार ने 4 सितंबर को महायुति सरकार और NCP के 40 विधायकों पर एक साथ हमला बोला।
अजित पवार गुट के 40 विधायकों ने CBI जांच की मांग करते हुए अपनी ही सरकार को रिमाइंडर भेजा, जिसे नजरअंदाज किया गया।
रोहित पवार ने महाराष्ट्र में तीन स्थानों पर FIR दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुप्रिया सुले ने भी राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया; सुनेत्रा पवार ने राजनीतिकरण न करने की अपील की।
रोहित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस टाली है जिसमें वह नए सबूत पेश करने वाले थे।

महाराष्ट्र में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच को लेकर राजनीतिक संघर्ष शुक्रवार, 4 सितंबर को और तीखा हो गया, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने एक साथ महायुति सरकार और प्रतिद्वंद्वी NCP गुट के 40 विधायकों को कठघरे में खड़ा किया। रोहित पवार ने सवाल उठाया कि जो विधायक खुद अपनी सरकार को रिमाइंडर भेजने पर मजबूर हों, वे किस आधार पर सत्ता में बने हुए हैं।

मुख्य आरोप: रिमाइंडर भी गया कूड़ेदान में

रोहित पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'अजित पवार की पार्टी के 40 विधायकों ने विमान हादसे की CBI जांच की मांग की थी और इसके लिए उन्हें अपनी ही सरकार को याद दिलाने वाला पत्र भी भेजना पड़ा। दुर्भाग्य की बात है कि रिमाइंडर भेजने के बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और वह कूड़ेदान में फेंक दिया गया।'

उन्होंने स्वाभिमान का प्रश्न उठाते हुए कहा, 'अगर इनमें जरा भी स्वाभिमान होता तो वे तुरंत सत्ता छोड़ देते। स्वाभिमान हर किसी में नहीं होता, उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और हम वही कर रहे हैं।'

पारिवारिक जिम्मेदारी और जनहित दोनों का हवाला

रोहित पवार ने दिवंगत अजित पवार से अपने पारिवारिक संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच की मांग केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व से भी जुड़ी है। उन्होंने कहा, 'मैं पवार परिवार का सदस्य हूं। जिनका निधन हुआ, वह मेरे चाचा थे। एक भतीजे के तौर पर मेरा प्रयास है कि उन्हें न्याय मिले।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'जब राज्य का इतना बड़ा नेता इस तरह की परिस्थितियों में जान गंवा देता है, तो महाराष्ट्र के लाखों लोगों की तरह मैं भी चाहता हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो। दुर्भाग्य से महायुति सरकार में बैठे लोग, जो उन्हें दोस्त और 'दादा' कहते थे, अब तक उन्हें न्याय नहीं दिला सके।'

FIR दर्ज न होने पर सरकार को शर्म की नसीहत

रोहित पवार ने बताया कि उनकी ओर से महाराष्ट्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर FIR दर्ज कराने के प्रयास किए गए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'अगर मामले में FIR महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक में दर्ज होती है, तो महाराष्ट्र सरकार को शर्म महसूस करनी चाहिए।'

गौरतलब है कि इससे पहले NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले ने भी राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कानून-व्यवस्था के मामलों में तुरंत कार्रवाई होती है, जबकि उनके दिवंगत भाई के विमान हादसे में अब तक FIR तक दर्ज नहीं की गई।

सुनेत्रा पवार की अपील: राजनीतिकरण न करें

रोहित पवार के हमले से एक दिन पहले, मौजूदा उपमुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने सुप्रिया सुले के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए मामले का राजनीतिकरण न करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पवार परिवार और NCP-SP को जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है।

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों NCP गुटों के बीच खाई पहले से गहरी है और विमान हादसे की जांच का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में नया केंद्र बन गया है।

आगे क्या होगा

रोहित पवार ने बताया कि उन्होंने एक निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस फिलहाल टाल दी है, जिसमें वह नए सबूत पेश करने वाले थे — क्योंकि उन्हें मामले से जुड़ी कुछ नई जानकारियाँ मिल रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और तीव्र हो सकता है, खासकर यदि FIR का मामला कर्नाटक की ओर स्थानांतरित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महाराष्ट्र की गठबंधन राजनीति की उस विडंबना का है जहाँ सहयोगी दल अपनी ही सरकार को रिमाइंडर भेजने पर मजबूर हों। सवाल यह है कि यदि NCP (अजित गुट) के 40 विधायकों की CBI जांच की माँग को उनकी अपनी सरकार ने अनसुना किया, तो महायुति में उनकी वास्तविक राजनीतिक हैसियत क्या है? FIR दर्ज न होना — वह भी एक पूर्व उपमुख्यमंत्री के मामले में — प्रशासनिक विफलता से अधिक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी का संकेत देता है। यदि मामला कर्नाटक में दर्ज होता है, तो महाराष्ट्र सरकार के लिए यह केवल शर्मिंदगी नहीं, संवैधानिक जवाबदेही का भी प्रश्न बनेगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजित पवार विमान हादसा क्या है और इसमें जांच की मांग क्यों हो रही है?
यह महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़ा एक विमान हादसा है जिसमें उनकी मृत्यु हुई। परिजन और विपक्षी नेता इस हादसे की परिस्थितियों को संदिग्ध मानते हुए CBI जांच की माँग कर रहे हैं, क्योंकि अब तक FIR तक दर्ज नहीं हुई है।
रोहित पवार ने NCP के 40 विधायकों पर क्या आरोप लगाए?
रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार गुट के 40 विधायकों ने CBI जांच की माँग करते हुए अपनी ही महायुति सरकार को रिमाइंडर पत्र भेजा, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने इसे इन विधायकों की राजनीतिक कमजोरी और स्वाभिमानहीनता का प्रमाण बताया।
क्या इस हादसे में FIR दर्ज हुई है?
रोहित पवार के अनुसार, महाराष्ट्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर FIR दर्ज कराने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि FIR कर्नाटक में दर्ज होती है तो यह महाराष्ट्र सरकार के लिए शर्म की बात होगी।
सुनेत्रा पवार और सुप्रिया सुले का इस मामले में क्या रुख है?
NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए FIR न दर्ज होने पर सवाल उठाए हैं। वहीं NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने मामले का राजनीतिकरण न करने की अपील की और कहा कि परिवार को जांच एजेंसियों पर भरोसा है।
आगे इस मामले में क्या होने की संभावना है?
रोहित पवार ने संकेत दिया है कि वे जल्द ही नए सबूत सार्वजनिक करेंगे, जिसके लिए उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस टाली है। यदि FIR का मामला कर्नाटक में जाता है या CBI जांच की माँग तेज होती है, तो महायुति सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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