रोहित पवार का अजित दादा के लिए न्याय की लड़ाई में अधिकार और जिम्मेदारी
सारांश
Key Takeaways
- न्याय की लड़ाई में रोहित पवार की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- महाराष्ट्र के लोग 'अजित दादा' के लिए न्याय चाहते हैं।
- Pबातचीत में पारदर्शिता की जरूरत है।
- मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
- राजनीतिक प्रभावों की गहरी जांच की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और महाराष्ट्र के लोग 'अजित दादा' के लिए न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
रोहित पवार ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "मैं उनका भतीजा हूं, इसलिए यह मेरी जिम्मेदारी और अधिकार है कि मैं उनके लिए न्याय की लड़ाई लड़ूं। मैंने पार्टी के नेताओं के समर्थन और आशीर्वाद के साथ यह संघर्ष जारी रखा है। महाराष्ट्र की जनता चाहती है कि अजित दादा को न्याय मिले।"
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, तो उनकी एफआईआर नहीं ली गई। रोहित पवार ने कहा, "इस देश में हर नागरिक को थाने में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार है। लेकिन जब हम यह अधिकार प्रयोग करने गए, तो हमारी एफआईआर नहीं ली गई। साथ ही, महाराष्ट्र विधानसभा में भी लगातार इस मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहे हैं।"
रोहित पवार ने मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि यह मामला सीबीआई को सौंपा गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि मामला वास्तव में सीबीआई तक पहुंचा है या नहीं।
उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि यह मामला सीबीआई को सौंपा गया है, चाहे वह हादसा हो, राजनीतिक मामला हो या कोई साजिश। अभी तक यह साफ नहीं है कि केस वास्तव में सीबीआई के पास गया है या नहीं।"
रोहित पवार ने इस दौरान कुछ अन्य लोगों का नाम लेते हुए भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जब वीके सिंह के बेटे और वीएसआर कंपनी के मालिक रोहित सिंह की शादी हुई थी, तब प्रफुल्ल पटेल और उनके सहयोगी वहां मौजूद थे। प्रफुल्ल पटेल को स्पष्ट करना चाहिए कि ये लोग कौन हैं और इस बारे में जनता को जानकारी देनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि जब कुछ बातों को छिपाया जाता है और उन पर खुलकर चर्चा नहीं होती, तो स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा होता है।