रोहित पवार का दावा: अजित पवार के घर के बाहर काला जादू हुआ था?
सारांश
Key Takeaways
- अजित पवार का निधन और उसके बाद उठे सवाल।
- रोहित पवार का काले जादू पर बयान।
- जीरो एफआईआर की प्रक्रिया और महत्व।
- राजनीतिक दावों का प्रभाव।
- जांच की आवश्यकता।
मुंबई, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन को लेकर एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने कहा कि जब अजित पवार जीवित थे, तब उनके घर के बाहर काला जादू किया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह विमान दुर्घटना को काले जादू से नहीं जोड़ते।
रोहित पवार ने कहा कि कर्नाटक में दर्ज की गई जीरो एफआईआर पर उन्होंने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र में 'अजित दादा' के मामले में एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया था। लेकिन मुंबई में 'जीरो एफआईआर' दर्ज नहीं हो पाई।
इसके बाद, वे बारामती और सीआईडी के पास गए। इन स्थानों पर भी जीरो एफआईआर नहीं हुई। इसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की गई, जहां उन्हें सलाह दी गई कि वे अपनी शिकायत को ऐसे राज्य में ले जाएं जहां उन्हें न्याय मिल सके। हालांकि, राहुल गांधी ने किसी राज्य का नाम नहीं लिया। कर्नाटक के बेंगलुरु में जीरो एफआईआर दर्ज हुई है। अब बारामती में इसी आधार पर जांच की जाएगी।
रोहित पवार ने आगे कहा कि वह नहीं मानते कि यह दुर्घटना काले जादू के कारण हुई, क्योंकि वह काले जादू में विश्वास नहीं करते। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि इसके पीछे की नीयत क्या थी। लोगों का कहना है कि कुछ अनुष्ठान किए जाते हैं जिनमें गुड़िया का उपयोग होता है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाती है। यह महज एक संयोग है या कुछ और, यह कहना कठिन है। लेकिन यह अवश्य जांच होनी चाहिए कि क्या नासिक के उस व्यक्ति ने ऐसा किया था। हमें यह भी देखना होगा कि नासिक में उस व्यक्ति से मिलने कौन-कौन लोग जाते हैं। हालांकि, यह दुर्घटना काले जादू से नहीं हुई, फिर भी यह किसी की नीयत से जुड़ी हो सकती है।