कर्नाटक पुलिस ने अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले को बारामती ट्रांसफर करने की की पहल

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कर्नाटक पुलिस ने अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले को बारामती ट्रांसफर करने की की पहल

सारांश

कर्नाटक पुलिस ने अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले को बारामती पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे जांच तेज होने की संभावना है।

Key Takeaways

  • कर्नाटक पुलिस ने अजित पवार के प्लेन क्रैश को बारामती ट्रांसफर करने की पहल की है।
  • जीरो एफआईआर बेंगलुरु में दर्ज की गई थी।
  • अजित पवार का निधन एक विमान दुर्घटना में हुआ था।
  • कर्नाटक पुलिस ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज महाराष्ट्र को सौंपने का अनुरोध किया है।
  • रिपोर्ट में कई सुरक्षा खामियों का जिक्र है।

मुंबई, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में रोहित पवार द्वारा बेंगलुरु में दर्ज की गई जीरो एफआईआर के बाद कर्नाटक पुलिस ने इस मामले को महाराष्ट्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।

बेंगलुरु स्थित डीजीपी कार्यालय ने महाराष्ट्र के डीजीपी को एक पत्र लिखकर इस मामले को बारामती (पुणे) के ग्रामीण पुलिस स्टेशन को सौंपने की प्रार्थना की है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि बेंगलुरु सिटी के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं ६१, १०३, १०५, १०६, १२५, २३८ और ३३६(२) के तहत दर्ज किया गया है। कर्नाटक पुलिस ने केस फाइल और उससे संबंधित सभी दस्तावेज महाराष्ट्र पुलिस को सौंपने का अनुरोध किया है और इसकी प्राप्ति की पुष्टि भी मांगी है।

इससे पहले रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि उन्होंने इस मामले में महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुंबई के मारिन ड्राइव पुलिस स्टेशन और बारामती में भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु जाकर जीरो एफआईआर दर्ज कराई।

कर्नाटक पुलिस द्वारा केस ट्रांसफर की पहल के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। माना जा रहा है कि जब केस बारामती ग्रामीण पुलिस स्टेशन पहुंचेगा, तो जांच की दिशा और तेज हो सकती है।

अजित पवार का २८ जनवरी को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। वे बारामती विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक चुने गए और महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले उपमुख्यमंत्री रहे थे।

बताया जा रहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में खराब दृश्यता, अनियंत्रित एयरफील्ड पर बुनियादी सुविधाओं की कमी, पायलटों द्वारा मानक प्रक्रियाओं का पालन न करना और रनवे मार्किंग्स की खराब स्थिति का जिक्र किया गया है।

Point of View

जिससे न्याय की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

अजित पवार का प्लेन क्रैश कब हुआ था?
अजित पवार का प्लेन क्रैश २८ जनवरी को हुआ था।
जीरो एफआईआर क्या होती है?
जीरो एफआईआर वह एफआईआर होती है जो किसी स्थान पर नहीं होने के बावजूद किसी अन्य स्थान पर दर्ज की जा सकती है।
कर्नाटक पुलिस ने इस मामले को क्यों ट्रांसफर किया?
कर्नाटक पुलिस ने मामले को महाराष्ट्र पुलिस को सौंपने का निर्णय लिया है ताकि जांच में तेजी लाई जा सके।
इस मामले में क्या प्रमुख धाराएँ शामिल हैं?
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ ६१, १०३, १०५, १०६, १२५, २३८ और ३३६(२) शामिल हैं।
रोहित पवार ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए क्या प्रयास किया था?
रोहित पवार ने पहले महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन असफल रहे।
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