शशिकांत शिंदे का रोहित पवार के आरोपों पर बयान, विमान हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग
सारांश
Key Takeaways
- शशिकांत शिंदे ने रोहित पवार के आरोपों का समर्थन किया।
- विमान हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
- राजनीतिक बयानबाजी पर शिंदे की स्पष्ट राय है।
- महाराष्ट्र में धार्मिक सौहार्द को बनाए रखने की आवश्यकता।
मुंबई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के महाराष्ट्र अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने अजित पवार विमान दुर्घटना पर रोहित पवार द्वारा लगाए गए आरोपों को समर्थन दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मदरसा, राज्यसभा चुनाव, पीएम मोदी की इजरायल यात्रा और नितेश राणे के बयान पर अपनी राय व्यक्त की।
एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय पर 28 जनवरी को हुई घातक विमान हादसे में शामिल कंपनी 'वीएसआर' को बचाने का प्रयास करने और एफआईआर न दर्ज करने का आरोप लगाया था।
आईएएनस से बातचीत में शशिकांत शिंदे ने कहा, "एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कराने की मांग उचित है। अगर रोहित पवार आवाज नहीं उठाते तो मामला रफा-दफा कर दिया जाता। हमें जो संदेह है, उसका समाधान होना चाहिए।"
नितेश राणे द्वारा मदरसे को आतंकवादी अड्डा बताने के संदर्भ में शशिकांत शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। यदि सरकार के लोग इस तरह की बातें करेंगे तो धार्मिक सौहार्द बिगड़ जाएगा। ऐसी तुच्छ राजनीति नहीं करनी चाहिए।
मालेगांव नगर निगम के विद्युत विभाग में अदा की गई नमाज पर शशिकांत शिंदे ने कहा, "महाराष्ट्र में पहले कभी धर्म या जाति के नाम पर अशांति नहीं फैली थी, लेकिन आज हम देख रहे हैं कि लोग किसी को भी मुद्दा बनाकर उसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।"
एनसीपी (एसपी) से राज्य सभा सदस्य किसे बनाया जाएगा, इस प्रश्न पर शशिकांत शिंदे ने बताया कि इस पर चर्चा हो रही है और अगले दो-तीन दिनों में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शरद पवार मुंबई पहुंच चुके हैं और उनसे मुलाकात होगी। हमारी मांग है कि पवार साहब राज्यसभा चुनाव में भाग लें।"
25 फरवरी को मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित पवार ने कहा था कि हादसे के दिन जब अजित पवार का शव अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए रखा था, उसी समय दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि फरवरी में वीएसआर कंपनी का ऑडिट किया गया था और उसमें 'लेवल-1 सुरक्षा कमी' नहीं पाई गई। आरोप लगाया कि मंत्री राममोहन नायडू ने भी उसी दिन बयान जारी कर विमान और पायलट को लगभग क्लीन चिट दे दी, जबकि जांच पूरी भी नहीं हुई थी।