28 अगस्त 2026
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अजित पवार प्लेन क्रैश जांच: रोहित पवार का कवर-अप आरोप, 4 सितंबर को सबूत पेश करने का वादा

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अजित पवार प्लेन क्रैश जांच: रोहित पवार का कवर-अप आरोप, 4 सितंबर को सबूत पेश करने का वादा

सारांश

अजित पवार की मृत्यु के सात महीने बाद भी न FIR, न CBI जांच — रोहित पवार का आरोप है कि वीएसआर एविएशन को बचाने के लिए मामला दबाया जा रहा है। क्रैश के आसपास ₹145 करोड़ के संदिग्ध भुगतान का दावा करते हुए उन्होंने 4 सितंबर को सबूत पेश करने का ऐलान किया है।

मुख्य बातें

28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर वीएसआर एविएशन के विमान क्रैश में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु हुई थी।
NCP (एसपी) विधायक रोहित पवार ने 28 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र सरकार पर जांच दबाने का आरोप लगाया।
सात महीने बाद भी राज्य CID में कोई प्रगति नहीं, कोई FIR दर्ज नहीं, कर्नाटक की FIR ट्रांसफर नहीं हुई।
रोहित पवार के अनुसार, क्रैश के आसपास तीन दिनों में वीएसआर एविएशन को ₹42.39 करोड़ जारी किए गए; जनवरी-मार्च में कुल ₹145 करोड़ का भुगतान।
4 सितंबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूत पेश करने का वादा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने 28 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — उनका कहना है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बारामती एयरपोर्ट पर हुई विमान दुर्घटना की जांच को जानबूझकर दबाया जा रहा है। अजित पवार की मृत्यु को सात महीने पूरे होने पर कर्जत-जामखेड़ के विधायक रोहित पवार ने ऐलान किया कि वे 4 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठोस सबूतों के साथ जिम्मेदार लोगों का नाम उजागर करेंगे।

हादसे का संक्षिप्त विवरण

28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग के दौरान वीएसआर एविएशन का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु हो गई थी। यह घटना राज्य की राजनीति में एक बड़ा झटका मानी गई, और तब से जांच की गति को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

जांच में देरी पर आरोप

रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ी प्रक्रियात्मक और कानूनी देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'अजितदादा के निधन को सात महीने बीत चुके हैं, फिर भी राज्य सीआईडी की जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है और न ही मामला सीबीआई को सौंपा गया है। एक सामान्य एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई है, और कर्नाटक में दर्ज एफआईआर को भी महाराष्ट्र सरकार ने ट्रांसफर नहीं किया है।' उन्होंने आगे कहा, 'वीएसआर एविएशन को बचाने के लिए इतनी बेताब कोशिशें कौन कर रहा है और क्यों? मैं 4 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूतों के साथ सब कुछ उजागर करूंगा।'

वीएसआर एविएशन को संदिग्ध भुगतान

रोहित पवार ने वीएसआर एविएशन को किए गए भुगतान के आँकड़े सामने रखे। उनके दावे के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के बीच तीन महीनों में इस निजी विमानन कंपनी को कुल ₹145 करोड़ का भुगतान किया गया। उन्होंने विशेष रूप से तीन तारीखों का उल्लेख किया — क्रैश से एक दिन पहले ₹15.72 करोड़, हादसे के दिन ₹9.81 करोड़, और अगले दिन ₹16.86 करोड़ जारी किए गए। गौरतलब है कि ऐसी सेवाओं के लिए औसत मासिक बिलिंग लगभग ₹10 करोड़ बताई जाती है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह पहला मौका नहीं है जब रोहित पवार ने वीएसआर एविएशन के कामकाज और राज्य सरकार से उसके वित्तीय संबंधों पर सवाल उठाए हों। साल की पहली तिमाही में भी उन्होंने इस कंपनी को आवंटित फंड में अचानक हुई बढ़ोतरी की ओर ध्यान दिलाया था। महाराष्ट्र सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर 4 सितंबर 2026 की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी है। रोहित पवार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य सीआईडी से उच्च-स्तरीय जांच की मांग दोहराई है। यदि उनके दावे ठोस साक्ष्यों पर आधारित हुए, तो यह मामला राज्य की राजनीति में नया भूचाल ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न CBI हस्तांतरण — यह प्रशासनिक विफलता है या जानबूझकर की गई चुप्पी, यह सवाल अब जायज़ है। वीएसआर एविएशन को क्रैश के ठीक आसपास असामान्य रूप से बड़े भुगतान की बात यदि सत्यापित होती है, तो यह महज़ लापरवाही का मामला नहीं रहेगा। 4 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस रोहित पवार के लिए भी कसौटी है — सबूत ठोस हुए तो दबाव बढ़ेगा, अन्यथा यह आरोप राजनीतिक शोर में दब जाएगा।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजित पवार की प्लेन क्रैश में मृत्यु कब और कहाँ हुई?
28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग के दौरान वीएसआर एविएशन का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई, जिसमें महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु हो गई।
रोहित पवार ने कवर-अप का आरोप क्यों लगाया?
रोहित पवार का कहना है कि सात महीने बीतने के बाद भी राज्य CID की जांच में कोई प्रगति नहीं हुई, न कोई FIR दर्ज की गई और न ही कर्नाटक में दर्ज FIR महाराष्ट्र को ट्रांसफर की गई। उन्होंने वीएसआर एविएशन को क्रैश के आसपास किए गए असामान्य भुगतान को भी संदिग्ध बताया।
वीएसआर एविएशन को कितना भुगतान किया गया और यह संदिग्ध क्यों है?
रोहित पवार के दावे के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के बीच वीएसआर एविएशन को कुल ₹145 करोड़ का भुगतान किया गया। क्रैश से एक दिन पहले ₹15.72 करोड़, हादसे के दिन ₹9.81 करोड़ और अगले दिन ₹16.86 करोड़ जारी किए गए, जबकि सामान्य मासिक बिलिंग लगभग ₹10 करोड़ थी।
रोहित पवार 4 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या करेंगे?
रोहित पवार ने ऐलान किया है कि 4 सितंबर 2026 को वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठोस सबूतों के साथ उन लोगों का नाम उजागर करेंगे जो कथित तौर पर जांच को दबाने में शामिल हैं और वीएसआर एविएशन को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस मामले में CBI जांच की मांग क्यों हो रही है?
रोहित पवार और अन्य आलोचकों का तर्क है कि राज्य CID की जांच निष्पक्ष नहीं रही और उसमें कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। इसलिए CBI या किसी स्वतंत्र उच्च-स्तरीय एजेंसी से जांच की मांग की जा रही है ताकि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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