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नेपाल बाढ़: 149 भारतीय नागरिक चीन से सीमा पार कर सुरक्षित, 320 से अभी भी संपर्क नहीं

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नेपाल बाढ़: 149 भारतीय नागरिक चीन से सीमा पार कर सुरक्षित, 320 से अभी भी संपर्क नहीं

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बीच 149 भारतीय नागरिक चीन से सीमा पार कर सुरक्षित पहुँचे, लेकिन 320 से अभी संपर्क नहीं। 579 शव बरामद, 1,924 लापता — और कैलाश मानसरोवर यात्रा का रसुवागढ़ी मार्ग बाढ़ में तबाह।

मुख्य बातें

149 भारतीय नागरिक 28 अगस्त को चीन से सीमा पार कर सुरक्षित नेपाल पहुँचे।
अभी भी 320 लोगों से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।
अब तक 84 लोग बचाए गए — इनमें 21 तमिलनाडु के और 63 त्रिशूली परियोजना कर्मी।
400 लोग सुरक्षित चीन में हैं; दूतावास उन्हें स्वदेश लाने में जुटा।
नेपाल में अब तक 579 शव बरामद, 1,924 लोग लापता।
नेपाल सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए एक सप्ताह का ट्रेकिंग शुल्क ( $50/सप्ताह ) माफ किया।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच भारत सरकार ने 28 अगस्त को राहत की जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि 149 भारतीय नागरिक चीन से सीमा पार कर सुरक्षित नेपाल पहुँच गए हैं। हालाँकि, अभी भी 320 लोगों से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।

बचाव अभियान की स्थिति

जायसवाल ने सुरक्षित निकाले गए 149 लोगों की नामसूची भी सार्वजनिक की। अब तक कुल 84 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें 21 तमिलनाडु के निवासी हैं। इनके अलावा 63 लोग वे हैं जो त्रिशूली परियोजना में कार्यरत थे। वहीं, 400 लोग सुरक्षित चीन पहुँच चुके हैं, जिन्हें स्वदेश वापस लाने के लिए भारतीय दूतावास चीनी अधिकारियों के संपर्क में है।

नेपाल में तबाही का आलम

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शुक्रवार शाम तक 579 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 1,924 लोग अभी भी लापता हैं। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढाँचे को भारी क्षति पहुँची है। नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाला रसुवा-तिमुरे मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे खोज एवं बचाव अभियान में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रियों को राहत

नेपाल सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे विदेशी श्रद्धालुओं को एक सप्ताह के लिए ट्रेकिंग शुल्क में छूट दी है। नेपाल के आव्रजन विभाग के अनुसार यह राहत उन यात्रियों के लिए है जिन्होंने पहले रसुवा स्थित आव्रजन कार्यालय से प्रस्थान अनुमति ली थी और अब हुम्ला जिले के हिल्सा सीमा बिंदु से वापस लौट रहे हैं। सामान्य परिस्थितियों में इस मार्ग पर प्रति व्यक्ति प्रति सप्ताह 50 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लिया जाता है, जिसे अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रेकिंग गाइड की अनिवार्यता और बीमा संबंधी शर्तों में भी ढील दी गई है।

रसुवागढ़ी मार्ग और यात्रा व्यवधान

आव्रजन विभाग के अनुसार 26 अगस्त तक रसुवा कार्यालय से 93 लोगों को प्रस्थान अनुमति दी गई थी, जिनमें 32 भारतीय नागरिक शामिल थे। आपदा से पहले रसुवागढ़ी मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रमुख रास्तों में से एक बन चुका था, परंतु बाढ़ के बाद वहाँ आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है।

आगे की स्थिति

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में फँसे भारतीय नागरिकों की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है, लेकिन बुनियादी ढाँचे को हुई भारी क्षति और संपर्क व्यवस्था बाधित होने के कारण अभियान में चुनौतियाँ बनी हुई हैं। 320 लापता नागरिकों का पता लगाना अब भी प्राथमिकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 320 से संपर्क न होना और 1,924 लापता का आँकड़ा बताता है कि संकट अभी टला नहीं है। रसुवागढ़ी मार्ग की तबाही एक बड़ी चूक की ओर भी इशारा करती है — कैलाश मानसरोवर जैसे संवेदनशील मार्गों पर वास्तविक समय की आपदा-निगरानी और त्वरित निकासी प्रोटोकॉल की कमी स्पष्ट है। यह पहली बार नहीं है जब नेपाल में मानसूनी आपदा ने भारतीय नागरिकों को फँसाया हो — सवाल यह है कि क्या दोनों देशों के बीच आपदा-प्रबंधन समन्वय तंत्र इस स्तर की आपात स्थिति के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक सुरक्षित हुए हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार 28 अगस्त तक 149 भारतीय नागरिक चीन से सीमा पार कर सुरक्षित नेपाल पहुँच गए हैं। इसके अलावा 84 लोगों को सीधे बचाया गया है और 400 लोग सुरक्षित चीन में हैं।
कितने भारतीय नागरिकों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार अभी भी 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। दूतावास और मंत्रालय उनकी स्थिति का पता लगाने में जुटे हैं।
नेपाल बाढ़ में कुल कितनी मौतें हुई हैं और कितने लोग लापता हैं?
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शुक्रवार शाम तक 579 शव बरामद किए जा चुके हैं और 1,924 लोग अभी भी लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
कैलाश मानसरोवर यात्रियों को नेपाल बाढ़ से क्या राहत मिली है?
नेपाल सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे विदेशी श्रद्धालुओं के लिए एक सप्ताह का ट्रेकिंग शुल्क (सामान्यतः $50 प्रति व्यक्ति प्रति सप्ताह) माफ कर दिया है। साथ ही गाइड की अनिवार्यता और बीमा शर्तों में भी ढील दी गई है।
रसुवागढ़ी मार्ग की क्या स्थिति है?
नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाला रसुवा-तिमुरे मार्ग हालिया बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। भोटेकोशी नदी की बाढ़ से सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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