नेपाल बाढ़ में लापता 37 तमिलनाडु तीर्थयात्री: विधानसभा ने सरकार से माँगा तत्काल जवाब
सारांश
मुख्य बातें
बाढ़ प्रभावित नेपाल में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 37 तीर्थयात्री अब तक लापता हैं और उनके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। 27 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही पुनः आरंभ होने पर सदस्यों ने राज्य सरकार से इन श्रद्धालुओं की खोज और बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने की माँग की।
विधानसभा में उठा संकट का मुद्दा
मिलाद-उन-नबी के अवसर पर बुधवार को स्थगित रहने के बाद गुरुवार सुबह 9:30 बजे विधानसभा की बैठक फिर शुरू हुई। यह सत्र इसलिए भी उल्लेखनीय रहा क्योंकि टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इसी दौरान नेपाल में फंसे तीर्थयात्रियों का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उभरा।
विधायकों ने सरकार से जानना चाहा कि बचाव अभियान के समन्वय के लिए किसी विशेष अधिकारी की नियुक्ति की गई है या नहीं। साथ ही यह भी पूछा गया कि राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर अब तक कितने कॉल प्राप्त हुए हैं और क्या अधिकारियों का लापता लोगों से किसी भी माध्यम से संपर्क हो पाया है।
कौन हैं लापता तीर्थयात्री
ये सभी श्रद्धालु तंजावुर जिले के कुंभकोणम स्थित निजी टूर ऑपरेटर 'सुपर यात्रा ट्रैवल्स' के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, फंसे हुए भारतीयों में 57 लोग तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से थे। सूत्रों के अनुसार, इस समूह के 20 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि शेष 37 तीर्थयात्रियों का अब तक कोई आधिकारिक अता-पता नहीं है।
सदन में विशेष चिंता इस बात पर भी जताई गई कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिवगणनम भी कथित तौर पर लापता लोगों में शामिल हैं। तीर्थयात्रियों के परिजन उनसे किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं कर पा रहे, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है।
नेपाल में व्यापक संकट की पृष्ठभूमि
नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा पहले जारी जानकारी के अनुसार, बाढ़ के बाद करीब 500 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया था। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 32 सुरक्षाकर्मी शामिल बताए गए थे। विदेशी नागरिकों में 133 भारतीय और भारतीय मूल के 37 प्रवासी नागरिक थे। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब ये श्रद्धालु धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से गए थे और उनके पास सीमित संचार साधन थे।
विधानसभा की बजट कार्यवाही की पृष्ठभूमि
वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट 5 अगस्त को और कृषि बजट 6 अगस्त को विधानसभा में पेश किया गया था। 7, 10 और 11 अगस्त को दोनों बजटों पर चर्चा हुई, जिसके बाद 12 अगस्त को वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद ने जवाब दिया। विभागवार अनुदान माँगों पर चर्चा 17 अगस्त से शुरू हुई और अब तक 27 विभागों की चर्चाएँ पूरी हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा
विधानसभा ने सरकार से लापता तीर्थयात्रियों की स्थिति और ठिकाने के बारे में सटीक जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने की माँग की है। अब सरकार पर दबाव है कि वह बचाव अभियान की प्रगति, नियुक्त अधिकारियों का विवरण और परिजनों से संपर्क की स्थिति स्पष्ट करे। 37 लापता तीर्थयात्रियों के परिवार अभी भी किसी आधिकारिक सूचना का इंतज़ार कर रहे हैं।