यूएई बल्लेबाज आसिफ खान पर ICC का 15 महीने का प्रतिबंध, मेस्ट्रोलोन टेस्ट में पकड़े गए
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 27 अगस्त 2026 को यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) के अनुभवी बल्लेबाज आसिफ खान पर सभी क्रिकेट गतिविधियों में 15 महीने का प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। 8 सितंबर 2025 को हुए आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ मेस्ट्रोलोन का मेटाबोलाइट पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। 36 वर्षीय आसिफ ने ICC एंटी-डोपिंग कोड के आर्टिकल 2.1 के उल्लंघन को स्वीकार कर लिया है।
उल्लंघन का स्वरूप
ICC एंटी-डोपिंग कोड का आर्टिकल 2.1 तब लागू होता है जब किसी क्रिकेटर के यूरिन या ब्लड सैंपल में कोई प्रतिबंधित पदार्थ पाया जाए। मेस्ट्रोलोन एक सिंथेटिक एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड (AAS) है, जिसे वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) ने प्रतियोगिता के दौरान और प्रतियोगिता के बाहर — दोनों स्थितियों में — प्रतिबंधित किया हुआ है। यह पदार्थ आमतौर पर यूरिन सैंपल में पाया जाता है।
केस रेजोल्यूशन एग्रीमेंट की शर्तें
ICC ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आसिफ ने ICC एंटी-डोपिंग कोड के आर्टिकल 2.1 का उल्लंघन माना और WADA तथा ICC के साथ हुए केस रेजोल्यूशन एग्रीमेंट के तहत 15 महीने की अयोग्यता स्वीकार की।' बोर्ड के अनुसार, 8 सितंबर 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक — यानी प्रोविजनल सस्पेंशन की तारीख तक — के सभी व्यक्तिगत परिणाम अयोग्य घोषित किए गए हैं, जिसमें पदक, पॉइंट्स और पुरस्कार राशि भी शामिल है। इस समझौते के तहत अपील का कोई अधिकार नहीं है।
प्रतिबंध की समय-सीमा
आसिफ को 8 अक्टूबर से यूएई की आधिकारिक सुविधा में प्रशिक्षण पर लौटने की अनुमति दी गई है। हालाँकि, वे 8 दिसंबर तक किसी भी प्रतियोगी मैच में भाग लेने के लिए अयोग्य रहेंगे।
आसिफ खान का क्रिकेट करियर
दाएं हाथ के बल्लेबाज आसिफ खान ने 2007 से 2014 तक पाकिस्तान में घरेलू क्रिकेट खेला। इसके बाद 2017 में वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए यूएई से जुड़े। 2022 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद से उन्होंने यूएई के लिए 38 वनडे में 1,270 रन और 56 टी20 में 1,302 रन बनाए हैं। यह प्रतिबंध उनके करियर के सबसे अहम दौर में आया है, जब यूएई क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ICC डोपिंग-रोधी नियमों के प्रवर्तन को और सख्त कर रहा है। सहयोगी देशों के खिलाड़ियों पर इस तरह की कार्रवाई यह संदेश देती है कि एंटी-डोपिंग ढाँचा केवल टेस्ट-खेलने वाले देशों तक सीमित नहीं है। आसिफ का मामला यूएई क्रिकेट के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वे टीम के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं।