27 अगस्त 2026
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खेलो इंडिया संवाद: शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में छात्राओं संग साझा किया 'विकसित भारत' का विजन

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खेलो इंडिया संवाद: शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में छात्राओं संग साझा किया 'विकसित भारत' का विजन

सारांश

दिल्ली के माता सुंदरी कॉलेज में 'खेल की बात पीएम मोदी के साथ' कार्यक्रम सिर्फ एक संवाद नहीं था — यह युवा आवाज़ों को नीति-निर्माण से जोड़ने का प्रयास था। शिवराज सिंह चौहान ने मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण खेल अवसंरचना और नशामुक्ति पर छात्राओं के सुझावों को नीतिगत कार्रवाई का वादा दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 अगस्त को माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमन, नई दिल्ली में खेलो इंडिया संवाद में छात्राओं से सीधी बातचीत की।
छात्राओं ने खेलो इंडिया केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य मॉड्यूल, ग्रामीण खेल अवसंरचना और आर्थिक सहायता की माँग रखी।
चौहान ने व्यावहारिक सुझावों को संबंधित विभागों तक पहुँचाने और नीतिगत संशोधन का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में छात्राओं को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई गई।
यह देशव्यापी आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में माय भारत के सहयोग से आयोजित हुआ।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के माता सुंदरी कॉलेज फॉर वुमन में आयोजित 'खेलो इंडिया संवाद — खेल की बात पीएम मोदी के साथ' कार्यक्रम में छात्राओं से सीधा संवाद किया। माय भारत के सहयोग से आयोजित इस देशव्यापी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि रहे, जबकि दिल्ली के सत्र में चौहान ने युवाओं को 'विकसित भारत' के विजन से जोड़ने का आह्वान किया।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम का मंच पूरी तरह खुला रखा गया ताकि प्रत्येक छात्रा को अपनी बात रखने का अवसर मिले। शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में खेलों को समग्र विकास का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए कहा कि खेल पढ़ाई जितने ही महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे अनुशासन, आत्मविश्वास, सहनशीलता और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्राओं के व्यावहारिक सुझावों को संबंधित विभागों तक पहुँचाकर नीतिगत संशोधन किए जाएंगे।

छात्राओं के प्रमुख सुझाव

संवाद के दौरान छात्राओं ने कई महत्वपूर्ण माँगें और सुझाव प्रस्तुत किए। मानसिक स्वास्थ्य व खेल मनोविज्ञान के अंतर्गत उन्होंने खेलो इंडिया केंद्रों और सरकारी खेल अकादमियों में नियमित 'साइकोलॉजी वेटेड' मॉड्यूल चलाने की माँग रखी, जिसमें तनाव प्रबंधन, ध्यान, प्रदर्शन दबाव और भावनात्मक कोचिंग शामिल हों।

ग्रामीण व दूरदराज़ क्षेत्रों के लिए बेहतर खेल अवसंरचना, सस्ते उपकरण, प्रशिक्षित कोच और करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता भी छात्राओं ने रेखांकित की। आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की छात्राओं के लिए अनुदान, किराए पर उपकरण और स्थानीय प्रशिक्षण केंद्रों की व्यवस्था करने का सुझाव भी सामने आया। इसके अतिरिक्त, माता-पिता और शिक्षकों को खेल प्रतिभाओं के प्रति संवेदनशील बनाने हेतु कार्यशालाएँ आयोजित करने की माँग भी रखी गई।

सरकार की प्रतिक्रिया

चौहान ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और छात्राओं की सराहना की। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, पोषण सेवाओं और ग्रामीण खेल विकास पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

नशामुक्त भारत की शपथ

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने छात्राओं को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई और कहा कि स्वस्थ युवा ही देश का वास्तविक बल हैं। यह पहल खेलो इंडिया अभियान के व्यापक उद्देश्यों — शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता — से सीधे जुड़ती है।

आम जनता पर असर

संवाद में भाग लेने वाली छात्राओं ने संतोष व्यक्त किया कि उन्हें सीधे एक केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएँ और सुझाव रखने का अवसर मिला। यह कार्यक्रम इस लिहाज़ से उल्लेखनीय है कि यह ऐसे समय में आया है जब सरकार खेल नीति में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। गौरतलब है कि खेलो इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत यह पहला इतना व्यापक छात्र-नेतृत्व संवाद बताया जा रहा है जिसमें नीति-निर्माताओं से सीधी बातचीत हुई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि छात्राओं के सुझाव केवल मंच तक सीमित न रहें। ग्रामीण खेल अवसंरचना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की माँगें नई नहीं हैं — ये वर्षों से विभिन्न समितियों की रिपोर्टों में दर्ज हैं। वादे और क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने के लिए एक स्पष्ट समयसीमा और जवाबदेही तंत्र की आवश्यकता है, जिसका इस कार्यक्रम में उल्लेख नहीं हुआ।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'खेलो इंडिया संवाद — खेल की बात पीएम मोदी के साथ' कार्यक्रम क्या है?
यह केंद्र सरकार और माय भारत के सहयोग से आयोजित एक देशव्यापी संवाद कार्यक्रम है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि रहे। इसका उद्देश्य युवाओं को खेल नीति में भागीदार बनाना और उनके सुझाव सीधे नीति-निर्माताओं तक पहुँचाना है।
दिल्ली के कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?
शिवराज सिंह चौहान ने खेलों को समग्र विकास का अनिवार्य हिस्सा बताया और कहा कि युवाओं के व्यावहारिक सुझावों को संबंधित विभागों तक पहुँचाकर नीतिगत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण खेल विकास पर विशेष ध्यान देने का भी आश्वासन दिया।
छात्राओं ने कौन-से प्रमुख सुझाव दिए?
छात्राओं ने खेलो इंडिया केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य मॉड्यूल, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर खेल अवसंरचना, आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्राओं के लिए अनुदान और उपकरण किराये की सुविधा, तथा माता-पिता व शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं की माँग रखी।
नशामुक्त भारत शपथ का इस कार्यक्रम से क्या संबंध है?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई। यह पहल खेलो इंडिया अभियान के उस व्यापक उद्देश्य से जुड़ती है जो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा देता है।
इस संवाद से युवाओं को क्या लाभ होगा?
इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को सीधे केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएँ और सुझाव रखने का अवसर मिला। सरकार ने आश्वासन दिया है कि व्यावहारिक सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ आगे की कार्रवाई की जाएगी, हालाँकि इसकी कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई।
राष्ट्र प्रेस
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