27 अगस्त 2026
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'दानवीर' पहल: पंचायती राज मंत्रालय का ग्रामीण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जन-सहभागिता आह्वान

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'दानवीर' पहल: पंचायती राज मंत्रालय का ग्रामीण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जन-सहभागिता आह्वान

सारांश

पंचायती राज मंत्रालय की 'दानवीर' पहल ग्रामीण डिजिटल विकास में नागरिकों को सीधे भागीदार बनाती है। 'मेरी पंचायत' ऐप और ONDC-सक्षम डिजीहाट के ज़रिए कंप्यूटर दान अब ऑनलाइन खरीदारी जितना आसान है। 27 अगस्त 2026 तक 75 दान मिल चुके हैं।

मुख्य बातें

पंचायती राज मंत्रालय ने 27 अगस्त 2026 को 'दानवीर' पहल शुरू की, जिसके तहत नागरिक सत्यापित ग्राम पंचायतों को डेस्कटॉप कंप्यूटर दान कर सकते हैं।
'मेरी पंचायत' ऐप और ONDC-सक्षम डिजीहाट मार्केटप्लेस के ज़रिए दान प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है।
ऑर्डर की पुष्टि से डिलीवरी तक हर चरण की वास्तविक समय में निगरानी संभव; ग्राम पंचायत सचिव की पुष्टि के बाद डिजिटल प्रशंसा प्रमाणपत्र मिलता है।
यह पहल राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के बुनियादी ढाँचे को पूरक सहयोग प्रदान करती है।
27 अगस्त 2026 तक 75 दान प्राप्त; प्रवासी भारतीय, CSR कंपनियाँ और परोपकारी संगठन लक्षित वर्ग में शामिल।

पंचायती राज मंत्रालय ने 27 अगस्त 2026 को ग्रामीण भारत में डिजिटल बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'दानवीर' नामक एक अभिनव जन-सहभागिता पहल का शुभारंभ किया है। इस पहल के तहत नागरिक, संस्थाएँ और कॉरपोरेट समूह राज्य सरकारों द्वारा सत्यापित ग्राम पंचायतों को सीधे डेस्कटॉप कंप्यूटर दान कर सकते हैं। मंत्रालय के अनुसार, 27 अगस्त 2026 तक इस पहल के अंतर्गत 75 दान प्राप्त हो चुके हैं।

दानवीर पहल की कार्यप्रणाली

मंत्रालय ने दान की प्रक्रिया को ऑनलाइन खरीदारी जितना सरल बनाया है। 'मेरी पंचायत' ऐप के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल फोन पर उन ग्राम पंचायतों की सूची देख सकते हैं जिन्हें संबंधित राज्य सरकारों ने सत्यापित किया है और जिन्हें कंप्यूटरों की आवश्यकता है। इच्छुक दानदाता अपनी मूल ग्राम पंचायत या किसी अन्य पात्र पंचायत को चुनकर योगदान कर सकते हैं।

'डोनेट कंप्यूटर' विकल्प पर क्लिक करते ही दानदाता को बिना किसी अलग पंजीकरण के सीधे डिजीहाट — एक ONDC-सक्षम डिजिटल मार्केटप्लेस — पर भेज दिया जाता है। वहाँ चयनित ग्राम पंचायत का पता और प्राप्तकर्ता की जानकारी स्वतः भर जाती है, जिससे मैनुअल डेटा-एंट्री की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

पारदर्शिता और जवाबदेही का तंत्र

दानदाता निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप उपलब्ध कंप्यूटर पैकेजों में से चयन कर सकते हैं, डिजिटल भुगतान कर सकते हैं और ऑर्डर की पूरी प्रक्रिया पर नज़र रख सकते हैं। ऑर्डर की पुष्टि, डिस्पैच, डिलीवरी और प्राप्ति की सूचना तक हर चरण की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकती है।

ग्राम पंचायत सचिव द्वारा डिलीवरी की पुष्टि किए जाने के बाद दानदाता को डिजिटल प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। मंत्रालय का कहना है कि यह व्यवस्था दानदाताओं को उनके योगदान की औपचारिक मान्यता देती है और पूरी प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करती है।

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान से जुड़ाव

मंत्रालय के अनुसार, 'दानवीर' पहल राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत पहले से उपलब्ध कराए जा रहे बुनियादी ढाँचे को पूरक सहयोग प्रदान करती है। यह ऐसे समय में आई है जब ग्राम पंचायतों पर डिजिटल शासन मंचों — वित्तीय प्रबंधन, रिकॉर्ड संधारण और नागरिक सेवाओं की डिलीवरी — का दायित्व तेज़ी से बढ़ रहा है। गौरतलब है कि सरकारी बुनियादी ढाँचे की सीमाओं को नागरिक भागीदारी से पाटने का यह प्रयोग सहभागी शासन के नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

लक्षित वर्ग और व्यापक संभावना

यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए अवसर प्रदान करती है जो अपने मूल गाँवों से दूर रहते हैं — जिनमें प्रवासी भारतीय, सामाजिक संस्थाएँ, परोपकारी संगठन और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कार्य करने वाली कंपनियाँ शामिल हैं। मंत्रालय का मानना है कि जैसे-जैसे अधिक राज्य पात्र ग्राम पंचायतों को इस कार्यक्रम से जोड़ेंगे, 'दानवीर' देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

आगे की राह

मंत्रालय ने नागरिकों, परोपकारी संस्थाओं, कॉरपोरेट समूहों, CSR भागीदारों और भारतीय प्रवासी समुदाय से आगे आकर 'दानवीर' बनने की अपील की है। एक कंप्यूटर के दान से पंचायत की प्रशासनिक कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार संभव है — यह दावा मंत्रालय ने किया है। आने वाले महीनों में इस पहल का विस्तार और अधिक राज्यों तक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब बिजली की आपूर्ति, इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रशिक्षित जनशक्ति जैसी बुनियादी चुनौतियाँ अभी भी अनसुलझी हैं। 75 दान की शुरुआती संख्या उत्साहजनक है, पर देश की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों के सामने यह महासागर में एक बूँद है। बिना व्यापक डिजिटल साक्षरता और रखरखाव ढाँचे के, हार्डवेयर-केंद्रित दृष्टिकोण अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुँच पाएगा।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'दानवीर' पहल क्या है और यह कैसे काम करती है?
'दानवीर' पंचायती राज मंत्रालय की एक जन-सहभागिता-आधारित पहल है, जिसके तहत नागरिक और संस्थाएँ राज्य सरकारों द्वारा सत्यापित ग्राम पंचायतों को सीधे डेस्कटॉप कंप्यूटर दान कर सकते हैं। 'मेरी पंचायत' ऐप और ONDC-सक्षम डिजीहाट मार्केटप्लेस के ज़रिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है।
कंप्यूटर दान करने की प्रक्रिया क्या है?
'मेरी पंचायत' ऐप पर पात्र ग्राम पंचायतों की सूची देखें, इच्छित पंचायत चुनें और 'डोनेट कंप्यूटर' विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद आप सीधे डिजीहाट पर पहुँच जाते हैं जहाँ पंचायत का पता स्वतः भर जाता है; डिजिटल भुगतान के बाद ऑर्डर की हर स्थिति वास्तविक समय में ट्रैक की जा सकती है।
क्या दानदाता को कोई मान्यता मिलती है?
हाँ, ग्राम पंचायत सचिव द्वारा डिलीवरी की पुष्टि के बाद दानदाता को डिजिटल प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। मंत्रालय के अनुसार यह औपचारिक मान्यता जवाबदेही भी सुनिश्चित करती है।
'दानवीर' पहल राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान से कैसे जुड़ी है?
यह पहल RGSA के तहत सरकार द्वारा पहले से उपलब्ध कराए जा रहे बुनियादी ढाँचे को पूरक सहयोग देती है। इसका उद्देश्य सरकारी प्रयासों को नागरिक भागीदारी से सुदृढ़ करना है, न कि उनकी जगह लेना।
इस पहल से कौन जुड़ सकता है और अब तक कितने दान मिले हैं?
नागरिक, प्रवासी भारतीय, सामाजिक संस्थाएँ, परोपकारी संगठन और CSR के तहत कार्य करने वाली कंपनियाँ इस पहल में भाग ले सकती हैं। 27 अगस्त 2026 तक 75 दान प्राप्त हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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