रक्षाबंधन पर पौधरोपण: यूपी में भाई-बहन लेंगे पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, सीएम योगी की पहल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हरित आवरण बढ़ाने की मुहिम के तहत इस बार रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जा रहा है। वन विभाग की पहल पर 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को प्रदेश के समस्त वन प्रभागों में भाई-बहन एक साथ पौधरोपण कर प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेंगे। यह आयोजन 'पौधरोपण महायज्ञ-2026' और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत संपन्न होगा।
मुख्य घटनाक्रम
28 अगस्त को लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के सभी वन प्रभागों में भाई-बहन मिलकर पौधे लगाएंगे। वन विभाग ने इस अवसर के लिए कई भाई-बहनों से पूर्व में ही संपर्क साधा है। इस पहल में आम नागरिक भी भागीदार बन सकते हैं — किसी भी वन प्रभाग में जाकर पौधरोपण में सहयोग दे सकते हैं।
पौधरोपण के बाद पौधों को रक्षासूत्र बाँधा जाएगा और प्रतिभागी यह संकल्प लेंगे कि जब तक पौधा पेड़ नहीं बन जाता, तब तक वे उसकी देखभाल करते रहेंगे। वन विभाग के अनुसार, जिस प्रकार बहन राखी बाँधकर भाई से सुरक्षा का विश्वास पाती है, उसी भाव से पेड़ को रक्षासूत्र बाँधकर प्रकृति से एक भावनात्मक रिश्ता जोड़ा जाएगा।
सामाजिक और सांस्कृतिक सहभागिता
इस अभियान को व्यापक जन-आंदोलन का रूप देने के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। वन विभाग का मानना है कि त्योहारों को पर्यावरण चेतना से जोड़ने पर जन-भागीदारी स्वाभाविक रूप से बढ़ती है और पौधों के दीर्घकालिक संरक्षण की संभावना भी अधिक रहती है।
पौधरोपण महायज्ञ-2026 की पृष्ठभूमि
पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत 12 जुलाई को एक ही दिन में 35.27 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं गोरखपुर में दो स्थानों पर पौधरोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ किया था। यह अभियान 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस तक जारी रहेगा, और रक्षाबंधन इसी शृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
विशिष्ट वनों की स्थापना
योगी सरकार सामाजिक समरसता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में नवीन विशिष्ट वनों की स्थापना की जा रही है, जो अलग-अलग थीम और उद्देश्यों के आधार पर विकसित किए जा रहे हैं। इन वनों का उद्देश्य केवल हरित आवरण बढ़ाना नहीं, बल्कि जैव-विविधता को संरक्षित करना और स्थानीय पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करना भी है।
आगे क्या
रक्षाबंधन पर होने वाला यह पौधरोपण आयोजन 5 सितंबर 2026 तक चलने वाले महायज्ञ का हिस्सा है। वन विभाग की योजना है कि प्रत्येक प्रमुख त्योहार और राष्ट्रीय अवसर को पर्यावरण जागरूकता से जोड़ा जाए, ताकि पौधरोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक सामाजिक परंपरा बन सके।