12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पौधरोपण महायज्ञ 2026: CM योगी बोले — वनों से ही नदियाँ रहेंगी सदानीरा, 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पौधरोपण महायज्ञ 2026: CM योगी बोले — वनों से ही नदियाँ रहेंगी सदानीरा, 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

सारांश

गोरखपुर में पौधरोपण महायज्ञ 2026 के मंच से CM योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा — वन नहीं तो नदियाँ नहीं, नदियाँ नहीं तो खाद्य संकट। एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने के महालक्ष्य के साथ यूपी सरकार ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को नई ऊर्जा दी है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में पौधरोपण महायज्ञ 2026 के तहत मौलश्री का पौधा रोपा और जनसमूह को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि वृक्षों की अंधाधुंध कटाई से जल संकट और खाद्यान्न अभाव की स्थिति बन सकती है।
प्रदेश सरकार ने एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उत्तर प्रदेश में 57 लाख से अधिक नर्सरियाँ हैं, जो इस लक्ष्य को व्यावहारिक बनाती हैं।
नागरिकों से 'एक पेड़ माँ के नाम' थीम के तहत पौधा लगाने और उसकी सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील की गई।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जुलाई 2026 को गोरखपुर में पौधरोपण महायज्ञ 2026 के अंतर्गत आरकेबीके के समीप ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधा रोपने के बाद जनसमूह को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वन और वृक्ष ही नदियों को सदानीरा बनाए रखते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वृक्षों की अंधाधुंध कटाई से जल संकट और खाद्यान्न अभाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

मुख्यमंत्री का पर्यावरण संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक वृक्ष अपने भीतर हजारों लीटर जल का अवशोषण करता है और नदियाँ वहीं बारहमासी रहती हैं जहाँ पर्याप्त वन आच्छादन हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण असंतुलन से वर्षा चक्र बिगड़ता है, जिसका सबसे बुरा असर किसानों पर पड़ता है। बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पेयजल संकट और सूखे की स्थिति को जन्म देती है।

35 करोड़ पौधरोपण का महालक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश सरकार ने एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 57 लाख से अधिक नर्सरियाँ होने के कारण यह लक्ष्य कठिन नहीं है। इस महाभियान में औषधीय, फलदार, छायादार और इमारती — सभी प्रकार के पौधे लगाए जा रहे हैं।

'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक नागरिक से 'एक पेड़ माँ के नाम' थीम को समर्पित पौधरोपण महाभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा का संकल्प भी लेना होगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पर्यावरण क्षरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता गहरी हो रही है।

वनाच्छादन में विस्तार के दावे

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश सरकार प्रतिवर्ष बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाती आई है और पौधों की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इसी के परिणामस्वरूप सर्वेक्षणों में वनाच्छादन का विस्तार स्पष्ट दिखाई देता है। गौरतलब है कि भारतीय संस्कृति में कृतज्ञता ज्ञापन को महत्त्वपूर्ण स्थान दिया गया है और व्यापक पौधरोपण के माध्यम से प्रकृति के प्रति यह कृतज्ञता वर्तमान एवं भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल बना सकती है।

आगे क्या

प्रदेश सरकार का यह महाभियान जारी रहेगा और लक्ष्य की पूर्ति की समीक्षा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पौधरोपण के साथ-साथ उनकी दीर्घकालिक देखभाल और जीवित रहने की दर को सुनिश्चित करना इस अभियान की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली प्रश्न यह है कि लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर कितनी है — यह आँकड़ा सरकारी घोषणाओं में प्रायः अनुपस्थित रहता है। 35 करोड़ पौधे एक दिन में लगाना प्रभावशाली संख्या है, किंतु पर्यावरण विशेषज्ञ लंबे समय से कह रहे हैं कि रोपण और संरक्षण में बड़ा अंतर होता है। वनाच्छादन विस्तार के दावों को स्वतंत्र वन सर्वेक्षण के आँकड़ों से मिलान करना ज़रूरी है। जब तक पौधों की सर्वाइवल रेट और दीर्घकालिक निगरानी की पारदर्शी रिपोर्टिंग नहीं होती, ये अभियान संख्याओं की राजनीति बनने का जोखिम उठाते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पौधरोपण महायज्ञ 2026 क्या है?
पौधरोपण महायज्ञ 2026 उत्तर प्रदेश सरकार का वार्षिक वृक्षारोपण महाभियान है, जिसके तहत इस वर्ष एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें औषधीय, फलदार, छायादार और इमारती सभी प्रकार के पौधे शामिल हैं।
CM योगी ने वनों और नदियों के बीच क्या संबंध बताया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदियाँ वहीं सदानीरा (बारहमासी) रहती हैं जहाँ वन या अधिक संख्या में वृक्ष होते हैं, क्योंकि एक वृक्ष हजारों लीटर जल का अवशोषण करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि वृक्षों की कटाई से पेयजल संकट और सूखे की स्थिति बन सकती है।
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार की थीम पर आधारित पौधरोपण अभियान है जिसमें नागरिकों से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने की अपील की जाती है। CM योगी ने इसे पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक कृतज्ञता से जोड़ा।
उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य कैसे पूरा होगा?
मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तर प्रदेश में 57 लाख से अधिक नर्सरियाँ हैं, जो इस विशाल लक्ष्य को व्यावहारिक बनाती हैं। राज्य सरकार प्रतिवर्ष पौधों की सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी करती है।
पर्यावरण असंतुलन से किसानों पर क्या असर पड़ता है?
CM योगी ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन से वर्षा चक्र बिगड़ता है, जिसका सबसे प्रतिकूल असर किसानों पर पड़ता है। अनियमित वर्षा से फसल उत्पादन प्रभावित होता है और खाद्यान्न संकट की आशंका बढ़ जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 23 घंटे पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले