योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से 'पौधरोपण महायज्ञ-2026' का शुभारंभ किया, UP में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 जुलाई 2026 को गोरखपुर से 'प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ-2026' का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निकट और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधा रोपा। इस वर्ष राज्यभर में 35 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शुभारंभ समारोह का मुख्य घटनाक्रम
पौधरोपण महायज्ञ के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी के साथ कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहे। इस महाभियान में कुल 27 विभाग समन्वित रूप से भाग ले रहे हैं, जिनमें सर्वाधिक लक्ष्य वन विभाग को सौंपा गया है।
गोरखपुर जिले को इस अभियान के तहत 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। वन विभाग के संयोजन में सभी आवश्यक तैयारियाँ पहले ही पूरी कर ली गई थीं।
मुख्यमंत्री का संदेश
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारतीय संस्कृति में प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का भाव है। हम पृथ्वी को माता, नदियों को जीवनदायिनी और वृक्षों को प्राणवायु का आधार मानते हैं। यही कारण है कि वृक्षारोपण हमारे लिए औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिसने हमें जीवन, अन्न, जल और ऊर्जा प्रदान की है। 12 जुलाई का वृक्षारोपण महायज्ञ इसी कृतज्ञता का विराट उत्सव है।'
उपमुख्यमंत्री की अपील
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस अभियान पर कहा, 'आज उत्तर प्रदेश में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू किया जा रहा है। इस पहल के तहत राज्य ने 35 करोड़ से ज़्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।' उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सहभागी बनें और राज्य को हरा-भरा बनाने में योगदान दें।
पाठक ने यह भी कहा कि सरकार के सभी मंत्री, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता और आम नागरिक इस महाभियान में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
आम जनता और पर्यावरण पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हरित आवरण पर दबाव बढ़ रहा है। 35 करोड़ पौधों का यह लक्ष्य, यदि सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो राज्य के पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करने में सहायक हो सकता है। गौरतलब है कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान एक राष्ट्रव्यापी पहल का हिस्सा है, जिसे प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप दिया जा रहा है।
आगे की कार्ययोजना के अनुसार, सभी 27 भागीदार विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में पौधरोपण सुनिश्चित करेंगे और वन विभाग समग्र निगरानी का दायित्व संभालेगा।