12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

FPI की जुलाई में धमाकेदार वापसी: भारतीय इक्विटी में ₹15,157 करोड़ का निवेश, चार महीने की बिकवाली के बाद राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
FPI की जुलाई में धमाकेदार वापसी: भारतीय इक्विटी में ₹15,157 करोड़ का निवेश, चार महीने की बिकवाली के बाद राहत

सारांश

चार महीने की लगातार बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जुलाई के पहले दस दिनों में भारतीय इक्विटी में ₹15,157 करोड़ झोंके। लेकिन 2026 में कुल ₹2.6 लाख करोड़ की निकासी बताती है कि यह राहत अभी पूरी वापसी नहीं है।

मुख्य बातें

FPI ने 1–10 जुलाई 2026 के बीच भारतीय इक्विटी में ₹15,157 करोड़ से अधिक का निवेश किया — चार महीने बाद पहली शुद्ध खरीदारी।
मार्च 2026 में FPI की निकासी सबसे अधिक ₹1.17 लाख करोड़ रही थी; अप्रैल में ₹60,847 करोड़ , मई में ₹32,963 करोड़ और जून में ₹49,340 करोड़ निकाले गए।
2026 में अब तक FPI की कुल शुद्ध निकासी ₹2.6 लाख करोड़ — 2025 की इसी अवधि की ₹1.66 लाख करोड़ निकासी से काफी अधिक।
डेट बाजार में भी FPI सक्रिय: FAR रूट से ₹6,625 करोड़ और सामान्य रूट से ₹3,228 करोड़ का निवेश।
सेंसेक्स सप्ताह में 194 अंक गिरकर 77,569 पर; निफ्टी 64 अंक कमजोर होकर 24,207 पर बंद।
निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमशः 1.36% और 1.26% की साप्ताहिक तेजी।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जुलाई 2026 में भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार की भूमिका अपनाई और 1 से 10 जुलाई के बीच ₹15,157 करोड़ से अधिक का निवेश किया — जो बीते कई महीनों की लगातार निकासी के बाद पहली बड़ी वापसी है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार यह निवेश प्रवाह इक्विटी और डेट — दोनों बाजारों में देखा गया।

महीनों की निकासी के बाद पलटी बाजी

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब FPI ने पिछले कई महीनों में भारतीय बाजार से भारी रकम निकाली थी। जून 2026 में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में ₹1.17 लाख करोड़ की भारी निकासी दर्ज की गई थी। इससे पहले फरवरी में FPI ने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था।

गौरतलब है कि जुलाई में निवेश की वापसी के बावजूद, विदेशी निवेशक 2026 में अब तक कुल मिलाकर शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं। CDSL के आंकड़ों के अनुसार, FPI ने इस वर्ष अब तक भारतीय इक्विटी बाजार से ₹2.6 लाख करोड़ की शुद्ध निकासी की है — जो 2025 की इसी अवधि में दर्ज ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी से काफी अधिक है।

डेट मार्केट में भी बढ़ा निवेश

इक्विटी के साथ-साथ FPI ने जुलाई में भारतीय डेट बाजार में भी सक्रियता दिखाई। 'फुल्ली एक्सेसिबल रूट' (FAR) के माध्यम से डेट सिक्योरिटीज में ₹6,625 करोड़ और सामान्य रूट से ₹3,228 करोड़ का निवेश किया गया। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों की भारत में रुचि केवल इक्विटी तक सीमित नहीं रही।

बाजार का साप्ताहिक प्रदर्शन: मिलाजुला रहा हफ्ता

भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह मिश्रित रहा। BSE सेंसेक्स 194 अंक यानी 0.25% की मामूली गिरावट के साथ 77,569 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 64 अंक यानी 0.26% की कमजोरी के साथ 24,207 पर बंद हुआ।

हालांकि, लार्जकैप सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप खंड में उत्साह बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 846 अंक यानी 1.36% की बढ़त के साथ 63,036 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 241 अंक यानी 1.26% की तेजी के साथ 19,416 पर बंद हुआ।

आगे क्या होगा

बाजार विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर होगी कि जुलाई की यह खरीदारी एक स्थायी रुझान बनती है या महज अल्पकालिक सुधार। 2026 में अब तक की रिकॉर्ड निकासी को देखते हुए, FPI की टिकाऊ वापसी के लिए वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में स्थिरता और घरेलू कॉर्पोरेट आय में सुधार जरूरी माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2026 में ₹2.6 लाख करोड़ की कुल निकासी यह स्पष्ट करती है कि यह उत्साह अभी संरचनात्मक बदलाव नहीं है। विशेष रूप से चिंताजनक यह है कि 2026 की निकासी 2025 की तुलना में करीब 57% अधिक है, जो वैश्विक पूंजी प्रवाह में भारत की स्थिति को लेकर गहरे सवाल उठाती है। मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी घरेलू निवेशकों की मजबूती दिखाती है, लेकिन लार्जकैप में कमजोरी बताती है कि विदेशी पूंजी की वापसी अभी चुनिंदा और सतर्क है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुलाई 2026 में FPI ने भारतीय बाजार में कितना निवेश किया?
CDSL के आंकड़ों के अनुसार, FPI ने 1 से 10 जुलाई 2026 के बीच भारतीय इक्विटी में ₹15,157 करोड़ से अधिक का निवेश किया। यह मार्च से जून तक चली लगातार निकासी के बाद पहली बार शुद्ध खरीदारी है।
2026 में अब तक FPI ने भारतीय बाजार से कितनी रकम निकाली है?
CDSL के आंकड़ों के अनुसार, FPI ने 2026 में अब तक भारतीय इक्विटी से कुल ₹2.6 लाख करोड़ की शुद्ध निकासी की है। यह 2025 की इसी अवधि में दर्ज ₹1.66 लाख करोड़ की निकासी से काफी अधिक है।
FPI ने डेट बाजार में जुलाई में कितना निवेश किया?
FPI ने जुलाई में डेट बाजार में भी निवेश जारी रखा — 'फुल्ली एक्सेसिबल रूट' (FAR) के जरिए ₹6,625 करोड़ और सामान्य रूट से ₹3,228 करोड़ का निवेश किया गया।
बीते सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन कैसा रहा?
बीते सप्ताह सेंसेक्स 194 अंक यानी 0.25% की गिरावट के साथ 77,569 पर और निफ्टी 64 अंक यानी 0.26% की कमजोरी के साथ 24,207 पर बंद हुआ। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमशः 1.36% और 1.26% की तेजी रही।
क्या जुलाई की FPI खरीदारी एक स्थायी रुझान है?
जुलाई में खरीदारी सकारात्मक संकेत है, लेकिन 2026 में कुल ₹2.6 लाख करोड़ की निकासी को देखते हुए यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह स्थायी बदलाव है। विशेषज्ञों के अनुसार, टिकाऊ वापसी के लिए वैश्विक ब्याज दरों में स्थिरता और घरेलू आय में सुधार जरूरी होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले