फरवरी 2024 में एफआईआई का आया सबसे बड़ा निवेश, शुद्ध खरीदारी 2.44 अरब डॉलर
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मुंबई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुरुवार को प्रकाशित एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने फरवरी में 17 महीनों में सबसे बड़ा निवेश किया। इस अवधि में लगभग 2.44 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश किया गया।
फरवरी में, एफआईआई ने सेकेंडरी मार्केट में लगभग 2.14 अरब डॉलर और प्राइमरी मार्केट में 299 मिलियन डॉलर का निवेश किया, जो सितंबर 2024 के बाद की सबसे बड़ी मासिक शुद्ध खरीदारी है।
हालांकि, अक्टूबर 2023 से प्राइमरी मार्केट में एफआईआई की खरीदारी निरंतर बनी हुई है, परंतु जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच सेकेंडरी मार्केट में उनकी कुल निकासी 46 अरब डॉलर से अधिक रही। फरवरी में शुद्ध खरीदारी उस समय हुई जब महीने की शुरुआत में आईटी शेयरों में 1.21 अरब डॉलर की भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा।
विश्लेषकों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि फरवरी का निवेश पिछले बड़े बिकवाली की तुलना में अभी भी छोटा है और यह ट्रेंड में स्थायी बदलाव के बजाय केवल अस्थायी ठहराव हो सकता है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आईटी क्षेत्र में बिकवाली जारी रही तो निकासी फिर से बढ़ सकती है। हालाँकि, उनका यह भी कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में वैल्यूएशन अब संतुलित हो चुके हैं, जिससे आक्रामक बिकवाली की संभावना कम है।
पिछले एक महीने में सेंसेक्स में 1.08 प्रतिशत की बढ़त हुई है, जबकि निफ्टी 2.05 प्रतिशत चढ़ा है। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में क्रमशः 4.72 प्रतिशत और 5.10 प्रतिशत की तेजी देखी गई है।
एक अन्य हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार में सुधार के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं और बेस केस अनुमान के तहत अगले 12 महीनों में निफ्टी 27,958 के स्तर तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नीतिगत स्पष्टता, बड़े व्यापार समझौतों और बुनियादी ढांचे पर लगातार जोर भारत की विकास गाथा को नए स्तर पर ले जा रहा है, जिससे विस्तार के अगले दौर की नींव रखी जा रही है।
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते जैसे कदम अगले विकास चक्र के लिए महत्वपूर्ण उत्प्रेरक साबित हो सकते हैं।
सेक्टोरल स्तर पर, बैंकिंग और विविध वित्तीय कंपनियों को 13-14 प्रतिशत तक सामान्य क्रेडिट ग्रोथ और स्थिर एसेट क्वालिटी से लाभ मिल सकता है। वहीं, कैपिटल गुड्स और इंजीनियरिंग कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश से फायदा उठा सकती हैं।