क्या एफआईआई की बिकवाली जारी रहेगी सकारात्मक संकेतों के मिलने तक?

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क्या एफआईआई की बिकवाली जारी रहेगी सकारात्मक संकेतों के मिलने तक?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली के कारण चिंताएं बढ़ रही हैं। क्या बाजार में सकारात्मक संकेत मिलने की संभावना है? जानें इस रिपोर्ट में।

Key Takeaways

एफआईआई की बिकवाली जारी है। 22,529 करोड़ रुपए की बिकवाली हुई है। निफ्टी का प्रदर्शन -1.73 प्रतिशत है। डीआईआई का मजबूत निवेश जारी है। व्यापार संबंधों की अनिश्चितता बनी हुई है।

मुंबई, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक संकेतों की अनुपस्थिति में, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली जारी रह सकती है। यह जानकारी एनालिस्ट द्वारा साझा की गई है।

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशक लगातार अपनी बिकवाली जारी रखे हुए हैं। 1 से 16 जनवरी के बीच, एफआईआई ने 22,529 करोड़ रुपए की इक्विटी में बिकवाली की है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, "इस महीने, केवल एक सत्र को छोड़कर, बाकी सभी दिनों में एफआईआई की बिकवाली जारी रही। अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में भारत का प्रदर्शन 2026 के आरंभ में भी कमजोर बना हुआ है। इस साल निफ्टी ने अब तक -1.73 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।"

उन्होंने कहा कि 2025 के मार्केट में एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि सुस्त प्रदर्शन के बावजूद निफ्टी ने 10 प्रतिशत का रिटर्न प्राप्त किया था, जो कि डीआईआई द्वारा 7.44 लाख करोड़ रुपए के मजबूत निवेश के कारण संभव हुआ। लेकिन इस दौरान एफआईआई ने 1.66 लाख करोड़ रुपए की बिकवाली की थी।

एनालिस्ट के अनुसार, एफआईआई की बिकवाली के पीछे का एक कारण उच्च मूल्यांकन और अमेरिका-भारत के बीच व्यापार संबंधों की अनिश्चितता है।

विजयकुमार ने कहा, "2025 में शेयर बाजार में एआई ट्रेड का प्रभाव 2026 की शुरुआत में भी बना रहेगा, हालाँकि, 2026 में इस रुझान में बदलाव आ सकता है।"

पिछले सप्ताह मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार काफी हद तक स्थिर रहा और लगभग सपाट बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स 5.89 अंक या 0.01 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 83,570.35 पर और निफ्टी 11.05 अंक या 0.04 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 25,694.35 पर था।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च सीनियर उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, "चुनिंदा लार्ज-कैप आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के बेहतर नतीजों से उत्पन्न उम्मीदें टैरिफ संबंधी अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश की निरंतर निकासी से प्रभावित हुई हैं।"

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी विदेशी निवेशक बिकवाली जारी रख सकते हैं।

Point of View

यह कहना उचित है कि वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधियाँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को इस स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

एफआईआई बिकवाली का मुख्य कारण क्या है?
एफआईआई की बिकवाली का मुख्य कारण उच्च मूल्यांकन और अमेरिका-भारत के बीच व्यापार संबंधों की अनिश्चितता है।
क्या भारतीय शेयर बाजार में कोई सुधार की संभावना है?
सकारात्मक संकेत मिलने पर भारतीय शेयर बाजार में सुधार की संभावना बनी रहती है।
निफ्टी का वर्तमान प्रदर्शन कैसा है?
निफ्टी ने इस साल -1.73 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जो कि अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में कमजोर है।
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