12 जुलाई 2026
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मोदी की सेशेल्स-इंडोनेशिया-ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड यात्रा: संबित पात्रा ने गिनाईं '10 कदम, 10 का दम' उपलब्धियाँ

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मोदी की सेशेल्स-इंडोनेशिया-ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड यात्रा: संबित पात्रा ने गिनाईं '10 कदम, 10 का दम' उपलब्धियाँ

सारांश

PM मोदी की चार-देशीय यात्रा महज़ कूटनीतिक दौरा नहीं थी — यह हिंद महासागर के दोनों छोरों को एक साथ जोड़ने की रणनीतिक चाल थी। ब्रह्मोस डील, भारत-न्यूजीलैंड FTA और 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के साथ भारत इंडो-पैसिफिक में 'स्टेबलाइजिंग फोर्स' के रूप में उभरा है।

मुख्य बातें

संबित पात्रा ने 12 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में PM मोदी की विदेश यात्रा की 10 प्रमुख उपलब्धियाँ — '10 कदम, 10 का दम' — गिनाईं।
PM मोदी ने सेशेल्स (1-3 जुलाई) और फिर इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड की यात्रा की; जापान की राष्ट्राध्यक्षा भी इस दौरान भारत आईं।
इंडोनेशिया ने अपनी सैन्य सूची में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल करने और अस्त्र मिसाइल पर चर्चा आगे बढ़ाने पर सहमति दी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' पर हस्ताक्षर हुए।
भारत- न्यूजीलैंड के बीच वर्षों से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को यथाशीघ्र लागू करने पर सहमति; 'रोडमैप टू 2030' भी तैयार होगा।
सबांग बंदरगाह के एकीकृत विकास में इंडोनेशिया की रुचि से अंडमान-निकोबार क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और मज़बूत होगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने 12 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा ने भारत की सामरिक, आर्थिक और वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊँचाई दी है। पात्रा ने इस यात्रा के दस प्रमुख परिणामों को '10 कदम, 10 का दम' की संज्ञा देते हुए विस्तार से रेखांकित किया।

इंडियन ओशियन-इंडो-पैसिफिक सामरिक गठबंधन

डॉ. पात्रा ने बताया कि सेशेल्स हिंद महासागर के पश्चिमी छोर पर स्थित है, जबकि इंडोनेशिया पूर्वी छोर पर। प्रधानमंत्री मोदी ने 1 से 3 जुलाई तक सेशेल्स और फिर 6 जुलाई से इंडोनेशिया की यात्रा की, जिससे हिंद महासागर के दोनों सिरों को एक साथ जोड़ने वाला सामरिक सेतु स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि जापान की राष्ट्राध्यक्षा की भारत यात्रा, और फिर मोदी का इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जाना — इन सबने मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत को एक 'स्टेबलाइजिंग फोर्स' (स्थिरता प्रदान करने वाली शक्ति) के रूप में स्थापित किया।

पात्रा के अनुसार, 2014 से निरंतर राजनीतिक नेतृत्व, सुशासन और आर्थिक स्थिरता के बल पर भारत ने इस क्षेत्र में एक नया सहयोगी ढाँचा तैयार किया है, जिसे सभी साझेदार देशों ने दीर्घकालिक सहयोग के आधार पर स्वीकार किया है।

रक्षा एवं समुद्री सहयोग: ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल

दूसरे महत्वपूर्ण बिंदु — डिफेंस और मैरीटाइम को-ऑपरेशन — के तहत डॉ. पात्रा ने बताया कि इंडोनेशिया ने अपनी सैन्य सूची में भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, स्वदेशी रूप से विकसित अस्त्र बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल को लेकर भी इंडोनेशिया के साथ चर्चा और सौदे की प्रक्रिया आगे बढ़ी। उन्होंने इसे 'मेक इन इंडिया' की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण बताते हुए कहा कि भारत पहली बार रक्षा उपकरणों का निर्यातक देश बन रहा है।

पात्रा ने सबांग बंदरगाह (Sabang Port) के एकीकृत विकास का भी उल्लेख किया। स्ट्रेट ऑफ मलक्का के निकट स्थित इस बंदरगाह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने विशेष रुचि दिखाई। उनके अनुसार, इसके विकास से भारत की रणनीतिक उपस्थिति मजबूत होगी और अंडमान-निकोबार तथा सुमात्रा क्षेत्र में निवेश, रोज़गार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को भी बल मिलेगा।

ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापक सामरिक साझेदारी

भाजपा सांसद ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' पर हस्ताक्षर हुए, जो दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को नई गहराई देता है। यह समझौता रक्षा, व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को संस्थागत रूप देता है।

न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता और 'रोडमैप टू 2030'

डॉ. पात्रा ने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड ने 'रोडमैप टू 2030' संयुक्त रूप से तैयार करने पर सहमति जताई है, जिसमें रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और शिक्षा शामिल हैं। इससे भी बड़ी उपलब्धि के रूप में उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को रेखांकित किया, जो वर्षों से लंबित था। प्रधानमंत्री मोदी और उनके न्यूजीलैंड समकक्ष के बीच इसे यथाशीघ्र लागू करने पर सहमति बनी है। इस यात्रा के दस परिणामों में क्रिटिकल मिनरल सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक एवं निवेश परिणाम, सांस्कृतिक साझेदारी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, खेल और जन-जन संपर्क भी प्रमुख रहे।

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक पुनर्संरेखण तेज़ हो रहा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख शक्तियों के बीच प्रभाव के लिए होड़ बढ़ रही है। आने वाले हफ्तों में इन समझौतों के क्रियान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

10 का दम' प्रेस वार्ता स्पष्ट रूप से एक पार्टी-लाइन प्रस्तुति है, इसलिए इन दावों को सत्तापक्ष के नज़रिए से पढ़ना ज़रूरी है। फिर भी, ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल पर इंडोनेशिया के साथ हुई प्रगति और भारत-न्यूजीलैंड FTA की पुनः सक्रियता — ये कूटनीतिक रूप से सत्यापन योग्य उपलब्धियाँ हैं। असली परीक्षा यह है कि सबांग बंदरगाह विकास और 'रोडमैप टू 2030' जैसे ढाँचे कागज़ से ज़मीन पर कब और कैसे उतरते हैं — भारत की ऐसी कई 'ऐतिहासिक' साझेदारियाँ क्रियान्वयन की धीमी गति में उलझती रही हैं। इंडो-पैसिफिक में 'स्टेबलाइजिंग फोर्स' की भूमिका महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता इन समझौतों के ठोस परिणामों पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने हाल ही में किन देशों की यात्रा की और इसका उद्देश्य क्या था?
PM मोदी ने सेशेल्स (1-3 जुलाई), इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की। इसका उद्देश्य हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उपस्थिति को मज़बूत करना था।
इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल डील क्या है?
इंडोनेशिया ने अपनी सैन्य सूची में भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा स्वदेशी अस्त्र बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल को लेकर भी दोनों देशों के बीच चर्चा और सौदे की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता क्या है और यह कब लागू होगा?
यह एक द्विपक्षीय FTA है जो वर्षों से लंबित था। PM मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के बीच इसे यथाशीघ्र लागू करने पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और शिक्षा को शामिल करते हुए 'रोडमैप टू 2030' भी संयुक्त रूप से तैयार करने का निर्णय लिया है।
सबांग बंदरगाह का भारत के लिए क्या सामरिक महत्व है?
सबांग बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ मलक्का के निकट स्थित है, जो व्यापार और रक्षा दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके विकास से भारत की रणनीतिक उपस्थिति मज़बूत होगी और अंडमान-निकोबार तथा सुमात्रा क्षेत्र में निवेश, रोज़गार व प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा।
BJP ने इस यात्रा को '10 कदम, 10 का दम' क्यों कहा?
BJP प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने यात्रा के दस प्रमुख परिणामों — इंडो-पैसिफिक गठबंधन, रक्षा सहयोग, क्रिटिकल मिनरल, ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक परिणाम, विशेष सम्मान, सांस्कृतिक साझेदारी, डिजिटल इंफ्रा, खेल और जन-जन संपर्क — को सरल भाषा में समझाने के लिए इस नाम का प्रयोग किया।
राष्ट्र प्रेस
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