जीएफएस गैलेक्सी पर ईरानी हमले के बाद ओमान ने बचाए 23 नाविक, 1 भारतीय अभी भी लापता
सारांश
मुख्य बातें
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने 12 जुलाई को पुष्टि की कि ओमान तट के पास हवाई हमले का शिकार हुए मालवाहक पोत जीएफएस गैलेक्सी के 23 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, एक लापता चालक दल के सदस्य की तलाश अभी भी जारी है। यह घटना उस समय सामने आई जब होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की श्रृंखला ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं।
हमले का विवरण
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने बयान में दावा किया कि रविवार सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने साइप्रस के झंडे वाले इस मालवाहक पोत पर हमला किया, जिससे जहाज को इतना नुकसान पहुँचा कि वह आगे की यात्रा जारी नहीं रख सका। हमले के बाद जहाज के एक चालक दल के सदस्य के लापता होने की सूचना मिली।
भारतीय नागरिकों की स्थिति
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 1 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है। मंत्रालय ने कहा, 'जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से अब तक 10 को बचा लिया गया है, जबकि 1 भारतीय नागरिक के लापता होने की सूचना है।'
भारत की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक रुख
विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार देते हुए कड़ी निंदा की। साथ ही बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान का आभार व्यक्त किया। मंत्रालय के बयान में कहा गया, 'क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं। भारत तनाव कम करने के लिए संवाद कायम करने के रुख पर कायम है।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि जारी राजनयिक प्रयासों और वार्ताओं को 'तार्किक और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस लाई जा सके।'
ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है और चल रहे खोज एवं बचाव अभियान में ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
व्यापक समुद्री सुरक्षा संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा आयात और निर्यात का प्रमुख समुद्री गलियारा है, इसलिए यहाँ की अस्थिरता भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रत्यक्ष असर डालती है।
आगे की स्थिति
ओमानी अधिकारी लापता चालक दल के सदस्य की तलाश में खोज अभियान जारी रखे हुए हैं। भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लापता व्यक्ति का पता लगाने के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया है।