12 जुलाई 2026
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जीएफएस गैलेक्सी पर ईरानी हमले के बाद ओमान ने बचाए 23 नाविक, 1 भारतीय अभी भी लापता

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जीएफएस गैलेक्सी पर ईरानी हमले के बाद ओमान ने बचाए 23 नाविक, 1 भारतीय अभी भी लापता

सारांश

ओमान तट के पास कथित ईरानी हमले का शिकार हुए मालवाहक पोत जीएफएस गैलेक्सी के 23 नाविकों को बचा लिया गया है, लेकिन एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है। भारत ने हमले की निंदा की और ओमान के साथ समन्वय जारी रखा है।

मुख्य बातें

ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने जीएफएस गैलेक्सी के 23 नाविकों को बचाने की पुष्टि की।
जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 सुरक्षित बचाए गए; 1 भारतीय अभी भी लापता।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास साइप्रस के झंडे वाले इस जहाज पर हमला किया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया और ओमान का आभार जताया।
लापता चालक दल के सदस्य की तलाश में खोज अभियान जारी है।

ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने 12 जुलाई को पुष्टि की कि ओमान तट के पास हवाई हमले का शिकार हुए मालवाहक पोत जीएफएस गैलेक्सी के 23 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, एक लापता चालक दल के सदस्य की तलाश अभी भी जारी है। यह घटना उस समय सामने आई जब होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की श्रृंखला ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं।

हमले का विवरण

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने बयान में दावा किया कि रविवार सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने साइप्रस के झंडे वाले इस मालवाहक पोत पर हमला किया, जिससे जहाज को इतना नुकसान पहुँचा कि वह आगे की यात्रा जारी नहीं रख सका। हमले के बाद जहाज के एक चालक दल के सदस्य के लापता होने की सूचना मिली।

भारतीय नागरिकों की स्थिति

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 1 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है। मंत्रालय ने कहा, 'जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से अब तक 10 को बचा लिया गया है, जबकि 1 भारतीय नागरिक के लापता होने की सूचना है।'

भारत की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक रुख

विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार देते हुए कड़ी निंदा की। साथ ही बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान का आभार व्यक्त किया। मंत्रालय के बयान में कहा गया, 'क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं। भारत तनाव कम करने के लिए संवाद कायम करने के रुख पर कायम है।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि जारी राजनयिक प्रयासों और वार्ताओं को 'तार्किक और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस लाई जा सके।'

ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए है और चल रहे खोज एवं बचाव अभियान में ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।

व्यापक समुद्री सुरक्षा संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा आयात और निर्यात का प्रमुख समुद्री गलियारा है, इसलिए यहाँ की अस्थिरता भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रत्यक्ष असर डालती है।

आगे की स्थिति

ओमानी अधिकारी लापता चालक दल के सदस्य की तलाश में खोज अभियान जारी रखे हुए हैं। भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लापता व्यक्ति का पता लगाने के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति श्रृंखलाओं को सीधे खतरे में डालती है। भारत के लिए यह विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि यह क्षेत्र उसके तेल आयात का प्रमुख मार्ग है और लाखों भारतीय प्रवासी खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। विदेश मंत्रालय का 'संवाद और तनाव कम करने' का रुख कूटनीतिक संतुलन तो दर्शाता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत अपने नागरिकों और व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए अधिक सक्रिय समुद्री भूमिका निभाने को तैयार है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएफएस गैलेक्सी पर हमला कब और कहाँ हुआ?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह हमला रविवार सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हुआ, जब IRGC ने साइप्रस के झंडे वाले इस मालवाहक पोत को निशाना बनाया।
जीएफएस गैलेक्सी पर कितने भारतीय नागरिक सवार थे और उनकी क्या स्थिति है?
जहाज पर कुल 11 भारतीय नागरिक सवार थे। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इनमें से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 1 भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार देते हुए कड़ी निंदा की। साथ ही बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान का आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की बात कही।
ओमान ने बचाव अभियान में क्या भूमिका निभाई?
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने 23 नाविकों को बचाने का नेतृत्व किया। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ओमानी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है और लापता सदस्य की तलाश में खोज अभियान जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले भारत के लिए क्यों चिंताजनक हैं?
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के ऊर्जा आयात का प्रमुख समुद्री मार्ग है और खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं। इस क्षेत्र में बढ़ते हमले भारत के व्यापारिक हितों और नागरिकों की सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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