रेवंत रेड्डी के 2029 दावे पर भाजपा का पलटवार: गुरु प्रकाश बोले — जनता काम देखकर फैसला करेगी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गुरु प्रकाश ने 12 जुलाई को पटना में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के 2029 विधानसभा चुनाव में बड़े बहुमत का दावा करने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। गुरु प्रकाश ने कहा कि जनता ने इस बार कांग्रेस को अवसर दिया है, लेकिन अतिरंजित बयानबाजी के बजाय मुख्यमंत्री को जन-कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
रेवंत रेड्डी के दावे पर भाजपा की प्रतिक्रिया
गुरु प्रकाश ने कहा, रेवंत रेड्डी जिस तरह बड़बोलेपन के साथ 2029 में भारी सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं, वह उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में रहते हुए नेता की प्राथमिकता जनता के हित में काम करना होनी चाहिए, न कि 'भड़काऊ और अतिरंजित' बयानबाजी। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि रेड्डी ने उत्तर भारतीयों और बिहार के लोगों के खिलाफ कई आपत्तिजनक बयान दिए हैं।
गुरु प्रकाश के अनुसार, 'जो नेता असंवैधानिक और विभाजनकारी राजनीति करता है, उसका यह दावा कि उसकी पार्टी सभी सीटें जीतेगी, तर्कसंगत नहीं है।' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तेलंगाना सरकार इसी ढर्रे पर चलती रही, तो अगले चुनाव में जनता उसे सत्ता से बाहर कर देगी।
उमर अब्दुल्ला के बयान पर भाजपा का जवाब
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों को गुरु प्रकाश ने 'निराधार' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन आरोपों का 'तर्क, तथ्य या सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।' भाजपा नेता ने अब्दुल्ला को सलाह दी कि उन्हें 'बेकार की राजनीति और विरोध-प्रदर्शन' में ऊर्जा बर्बाद करने के बजाय जम्मू-कश्मीर में 'क्षेत्र के विकास, बुनियादी ढाँचे और जन-कल्याण' पर ध्यान देना चाहिए।
योगी सरकार के बचाव में सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के संदर्भ में गुरु प्रकाश ने समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्व सरकार पर आरोप लगाया कि उस दौर में 'मस्जिदों की दीवारों पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि मंदिरों के लिए कुछ नहीं किया गया।' उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ के दौरान आज़म खान को जिम्मेदारी दी जाती थी। 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि सपा की रणनीति पर जनता को भरोसा नहीं है।
बाँकीपुर उपचुनाव और दतिया विवाद
बाँकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर गुरु प्रकाश ने दावा किया कि यह सीट वर्षों से भाजपा के पास रही है और जनता इस बार भी भाजपा उम्मीदवार को 'ऐतिहासिक जनादेश' देगी। दतिया उपचुनाव में टिकट न मिलने पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि 'भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र और अनुशासन सबसे ऊपर है — यहाँ व्यक्ति नहीं, विचार और कार्यकर्ता को महत्व दिया जाता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में उपचुनाव और भावी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है। गौरतलब है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के बीच क्षेत्रीय बयानबाजी का यह सिलसिला आने वाले महीनों में और तीखा होने की संभावना है।