UP पौधरोपण महाअभियान 2026: शिक्षा विभाग के संस्थानों में रोपे गए 43 लाख पौधे, उच्च शिक्षा में सर्वाधिक 20 लाख
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के पौधरोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत 12 जुलाई 2026 को शिक्षा विभाग ने उल्लेखनीय योगदान दिया। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के संस्थानों में मिलकर 43 लाख पौधे रोपे गए। प्रदेशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में एक साथ चले इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया।
तीन विभागों का योगदान
उच्च शिक्षा विभाग ने सर्वाधिक 20 लाख पौधे रोपकर अभियान में अग्रणी भूमिका निभाई। राजकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक पैमाने पर पौधरोपण किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग ने 12 लाख पौधे रोपे — परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV), ब्लॉक संसाधन केंद्रों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 11 लाख पौधे रोपे गए — राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त वित्तविहीन, संस्कृत और व्यावसायिक माध्यमिक विद्यालयों में।
अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
शिविर कार्यालय, 18 पार्क रोड, लखनऊ में 'एक पेड़ मां के नाम' थीम के तहत माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल, अपर राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) वी.के. पांडेय और वृक्षारोपण अभियान की विभागीय नोडल अधिकारी रीटा जोशी सहित अनेक अधिकारियों ने पौधरोपण किया। इस परिसर में हरसिंगार, नाग चंपा, एरिका पाम और सहजन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए।
निशातगंज स्थित SCERT परिसर में निदेशक गणेश कुमार तथा संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने पौधरोपण किया। SCERT के अनेक अधिकारियों एवं प्रवक्ताओं ने भी इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
झांसी में स्थलीय निरीक्षण
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं महाअभियान की नोडल अधिकारी मोनिका रानी ने झांसी जनपद में पौधरोपण कार्यक्रमों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भगवन्तपुर वन ब्लॉक स्थित 'नंदन वन' पौधरोपण स्थल का दौरा किया और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, टपरियन (बबीना) परिसर में हुए पौधरोपण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने और जनभागीदारी को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
अभियान का व्यापक उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है। 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान के तहत नई पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास के संस्कार विकसित करना भी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को जैव विविधता, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया गया तथा रोपे गए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।
आगे की राह
लाखों विद्यार्थियों की सहभागिता ने इस अभियान को एक जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। राज्य स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग ने अभियान की सतत निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की है। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का स्थायी अभियान बनाने पर विशेष जोर देते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल से हरित उत्तर प्रदेश का संकल्प धरातल पर साकार होगा।