16 जुलाई 2026
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यूपी पौधरोपण महाभियान-2026: 1,900 नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार, 35 करोड़ रोपण का लक्ष्य

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यूपी पौधरोपण महाभियान-2026: 1,900 नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार, 35 करोड़ रोपण का लक्ष्य

सारांश

उत्तर प्रदेश में मानसून से पहले ही हरित क्रांति की तैयारी शुरू — 1,900 से अधिक नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार हो रहे हैं। 35 करोड़ रोपण का लक्ष्य, गंगा एक्सप्रेसवे पर 500 हेक्टेयर की हरित पट्टी और विशेष वनों की स्थापना — यह महाभियान अब सिर्फ पर्यावरण नहीं, जन-उत्सव बन रहा है।

मुख्य बातें

पौधरोपण महाभियान-2026 में इस मानसून सीजन 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित।
1,900 से अधिक नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार कराए जा रहे हैं।
पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे हैं।
594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर 500 हेक्टेयर में 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे — ड्रिप इरीगेशन व तार फेंसिंग के साथ।
महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, कपि वन समेत कई नवीन विशिष्ट वन स्थापित होंगे।
5 जून, 15 अगस्त, 28 अगस्त और 5 सितंबर को विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग ने पौधरोपण महाभियान-2026 की तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। इस मानसून सीजन में जनसहभागिता के साथ 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए राज्यभर की 1,900 से अधिक नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार कराए जा रहे हैं। यह अभियान उत्तर प्रदेश के पिछले नौ वर्षों के हरित प्रयासों की कड़ी में सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है, जिसके तहत राज्य अब तक 242 करोड़ से अधिक पौधे रोप चुका है।

नर्सरियों में पौधों की तैयारी

विभाग की 1,900 से अधिक नर्सरियों में औद्योगिक व इमारती, चारा व शोभाकार, पर्यावरणीय, फलदार और औषधीय — सभी श्रेणियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। नोडल विभाग इस अभियान में सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधे स्वयं रोपेगा। जिला पौधरोपण समितियों की नियमित बैठकें चल रही हैं और विभागों, मंडलों व जनपदों के लक्ष्य पहले ही प्रस्तावित किए जा चुके हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे पर विशेष हरित पट्टी

इस बार 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर वन विभाग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाएगा। दोनों पटरियों पर प्रति किमी हरिशंकरी रोपी जाएगी, जबकि बीच-बीच में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, गूलर, महुआ, आम, अर्जुन, चिलबिल, अमलतास, कचनार, जकरकंडा और गुलमोहर जैसी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग और सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

नवीन विशिष्ट वन और थीमैटिक अभियान

योगी सरकार की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी कई नवीन विशिष्ट वन स्थापित किए जाएंगे — जिनमें महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन प्रमुख हैं। अभियान के अंतर्गत मिशन छाया के तहत सड़क किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा और आम भंडारा भी अभियान का हिस्सा होंगे।

विशेष तिथियों पर आयोजन

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर वृहद पौधरोपण कार्यक्रम होगा। 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण और 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर 'एक पेड़ गुरु के नाम' कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जनसहभागिता और सरकार की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में जनसहभागिता पर विशेष ज़ोर देते हुए इस अभियान को उत्सव के रूप में मनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक-महिला मंगल दल, रोटरी-लायंस, ईको क्लब, एफपीओ और व्यापार मंडल की सहभागिता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीकृत किसान भी कृषि विभाग की देखरेख में महाभियान से जुड़ेंगे।

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व मिशन डायरेक्टर रामकुमार ने बताया कि सभी विभागों, संस्थाओं, स्कूल-कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस महाभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ उत्सव की तरह मनाया जाएगा। राज्य का यह हरित संकल्प जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच आने वाली पीढ़ियों के लिए एक टिकाऊ पर्यावरणीय विरासत की नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) का है — पर्यावरण विशेषज्ञ वर्षों से यह उठाते आए हैं कि रोपे गए पौधों में से कितने वास्तव में परिपक्व वृक्ष बनते हैं। 242 करोड़ के दावे के बावजूद राज्य के वन आवरण में आनुपातिक वृद्धि के आँकड़े सार्वजनिक रूप से उतने स्पष्ट नहीं हैं। गंगा एक्सप्रेसवे पर ड्रिप इरीगेशन और फेंसिंग जैसे उपाय सही दिशा में हैं, लेकिन जब तक दीर्घकालिक निगरानी और जवाबदेही तंत्र नहीं होगा, यह अभियान उत्सव से आगे टिकाऊ पारिस्थितिकी में तब्दील नहीं हो पाएगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी पौधरोपण महाभियान-2026 क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार का वार्षिक हरित अभियान है जिसमें मानसून सीजन में जनसहभागिता के साथ इस बार 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग इसका नेतृत्व कर रहा है।
इस अभियान के लिए कितने पौधे तैयार किए जा रहे हैं?
राज्य की 1,900 से अधिक नर्सरियों में 52.44 करोड़ पौधे तैयार कराए जा रहे हैं। इनमें औद्योगिक, फलदार, औषधीय, पर्यावरणीय और शोभाकार — सभी श्रेणियों के पौधे शामिल हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे पर पौधरोपण की क्या योजना है?
594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की दोनों पटरियों पर 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग और सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन की व्यवस्था की जाएगी।
इस वर्ष कौन-कौन से नए विशिष्ट वन स्थापित होंगे?
पौधरोपण महाभियान-2026 में महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन समेत अनेक नवीन विशिष्ट वन स्थापित किए जाएंगे। यह योगी सरकार की प्रत्येक वर्ष थीमैटिक वन बनाने की परंपरा का हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश ने अब तक कितने पौधे रोपे हैं?
पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे हैं। 2026 के अभियान में 35 करोड़ और जुड़ने से यह संख्या और बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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