प्रतापगढ़ में हरियाली महाअभियान: 58 लाख पौधे लगेंगे, गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 'हरियाली महाअभियान' के तहत इस वर्षाकाल में 58 लाख पौधे रोपित किए जाने की योजना है, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 48 हजार पौधे लगाकर उसे एक 'ग्रीन कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया जाएगा। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ हरियाली की दिशा में जिले का अब तक का सबसे बड़ा एकल प्रयास बताया जा रहा है।
अभियान का ढाँचा और लक्ष्य
प्रतापगढ़ के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जनपद में कुल 58 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। इनमें से 21 लाख पौधे वन विभाग द्वारा और 37 लाख पौधे अन्य सरकारी विभागों द्वारा लगाए जाएंगे। अभियान की औपचारिक शुरुआत वन महोत्सव से होगी, जो 1 जुलाई से 7 जुलाई तक मनाया जाएगा।
डीएफओ गुप्ता ने स्पष्ट किया कि मानसून की स्थिति को देखते हुए पौधरोपण की सटीक तिथि शासन स्तर पर तय की जाएगी। वन महोत्सव के दौरान जनसामान्य को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के विशेष कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे पर विशेष तैयारी
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 48 हजार पौधे तीन श्रृंखलाओं में रोपित किए जाएंगे। इस कार्य के लिए शासन द्वारा धनराशि जारी की जा रही है। एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था यूपीडा (UPEIDA) साइट तैयार करने में जुटी है — जहाँ गड्ढे बन गए हैं और जलभराव हो रहा है, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है।
डीएफओ आशुतोष गुप्ता के अनुसार, 'जैसे ही यूपीडा भूमि हस्तांतरित करेगी, वन विभाग का कार्य तत्काल शुरू हो जाएगा।' उनका लक्ष्य है कि इसी वर्षाकाल में एक्सप्रेसवे पर पौधरोपण पूर्ण हो जाए।
पौधों की देखरेख और जीवित रहने की व्यवस्था
डीएफओ ने स्वीकार किया कि अधिकतर पौधे पानी की कमी या साइट की अपर्याप्त तैयारी के कारण सूख जाते हैं। इस बार इससे बचने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। ग्रीन पंचायत योजना के माध्यम से ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है, और कुछ स्थानों पर पौधों की सुरक्षा के लिए बाड़ भी लगाई जाएगी।
गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश भर में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम चला रही है। प्रतापगढ़ का यह अभियान राज्य के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसमें मानसून के मौसम का उपयोग अधिकतम पौधरोपण के लिए किया जाता है।
आगे की राह
यूपीडा द्वारा भूमि हस्तांतरण के बाद वन विभाग गंगा एक्सप्रेसवे पर पौधरोपण शुरू करेगा। 58 लाख पौधों का समग्र लक्ष्य वन महोत्सव के पश्चात मानसून के दौरान चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।