14 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जे.पी. नड्डा की तबीयत स्थिर, एम्स में कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जे.पी. नड्डा की तबीयत स्थिर, एम्स में कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को 13 अगस्त की शाम बेचैनी के बाद एम्स, नई दिल्ली में भर्ती किया गया। कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद उनकी हालत स्थिर है और वे कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। एंजियोग्राफी के नतीजे अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को 13 अगस्त की शाम बेचैनी के कारण एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया।
कोरोनरी एंजियोग्राफी जांच की गई; डॉ.
(प्रोफेसर) रीमा दादा ने स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी।
नड्डा अभी कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में हैं और हालत स्थिर है।
एम्स ने एंजियोग्राफी के नतीजे या सटीक निदान सार्वजनिक नहीं किया है।
नड्डा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक — दोनों मंत्रालयों का कार्यभार संभालते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की तबीयत फिलहाल स्थिर है। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने 14 अगस्त को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि 13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें भर्ती किया गया, जिसके बाद कोरोनरी एंजियोग्राफी जांच की गई। अभी वे एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

13 अगस्त की शाम को नड्डा को बेचैनी की वजह से एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया। एम्स की डॉ. (प्रोफेसर) रीमा दादा ने बताया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के लिए उसी शाम कोरोनरी एंजियोग्राफी की गई। उन्हें अब हृदय रोग (कार्डियोलॉजी) विभाग में रखा गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

अस्पताल प्रशासन ने बेचैनी के सटीक कारण या एंजियोग्राफी के नतीजों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। किसी विशेष निदान (डायग्नोसिस) की पुष्टि भी अभी तक नहीं हुई है।

कोरोनरी एंजियोग्राफी क्या होती है

कोरोनरी एंजियोग्राफी हृदय की रक्त वाहिकाओं की जांच के लिए की जाने वाली एक विशेष प्रक्रिया है। इसमें एक पतले कैथेटर के ज़रिए कोरोनरी धमनियों में कंट्रास्ट डाई डाली जाती है — यह कैथेटर सामान्यतः कलाई या जांघ की धमनी से डाला जाता है।

इसके बाद एक्स-रे इमेजिंग की सहायता से चिकित्सक यह देख पाते हैं कि धमनियों में कोई संकुचन या रुकावट तो नहीं है। यह जांच कोरोनरी आर्टरी डिजीज की पहचान करने और आगे के उपचार — जैसे दवाएं, एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग — की आवश्यकता तय करने में सहायक होती है।

नड्डा की ज़िम्मेदारियाँ और व्यस्त कार्यक्रम

नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते हैं। हाल के हफ्तों में वे अत्यधिक व्यस्त रहे — उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कई उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण किया।

यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सरकारी कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियाँ चल रही थीं और स्वास्थ्य मंत्रालय राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों की समीक्षा में सक्रिय था।

अस्पताल की प्रतिक्रिया और आगे की निगरानी

एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नड्डा अभी चिकित्सकीय निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। अस्पताल ने आश्वस्त किया है कि उनके स्वास्थ्य पर लगातार नज़र रखी जा रही है। गौरतलब है कि एम्स देश का सर्वोच्च सार्वजनिक चिकित्सा संस्थान है और वरिष्ठ नेताओं की स्वास्थ्य देखभाल के लिए प्राथमिक केंद्र रहा है।

आने वाले घंटों में उनकी स्थिति में सुधार के आधार पर छुट्टी या आगे के उपचार की जानकारी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एम्स ने नतीजे सार्वजनिक न करके पारदर्शिता की सीमाएं भी उजागर की हैं। नड्डा दो भारी-भरकम मंत्रालयों का बोझ उठाते हैं और हाल के हफ्तों में उनका कार्यक्रम असाधारण रूप से व्यस्त रहा — यह संयोग नहीं हो सकता। वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के स्वास्थ्य को लेकर सूचना के अधिकार और चिकित्सीय गोपनीयता के बीच संतुलन का सवाल एक बार फिर सामने आया है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जे.पी. नड्डा को एम्स में क्यों भर्ती किया गया?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को 13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के कारण एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया। इसके बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति के आकलन के लिए कोरोनरी एंजियोग्राफी जांच की गई।
कोरोनरी एंजियोग्राफी क्या होती है और इसे क्यों किया जाता है?
कोरोनरी एंजियोग्राफी हृदय की रक्त वाहिकाओं की जांच के लिए की जाने वाली एक विशेष चिकित्सा प्रक्रिया है। इसमें कैथेटर के ज़रिए कंट्रास्ट डाई डालकर एक्स-रे इमेजिंग से धमनियों में संकुचन या रुकावट का पता लगाया जाता है, जिससे आगे के उपचार — दवाएं, एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग — का निर्णय लिया जा सके।
जे.पी. नड्डा की अभी क्या स्थिति है?
एम्स के आधिकारिक बयान के अनुसार, नड्डा की हालत फिलहाल स्थिर है। वे कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। एंजियोग्राफी के नतीजे या कोई विशेष निदान अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
क्या एम्स ने एंजियोग्राफी के नतीजे जारी किए हैं?
नहीं। एम्स प्रशासन ने 14 अगस्त को जारी बयान में केवल यह बताया कि नड्डा की हालत स्थिर है और वे कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती हैं। बेचैनी के सटीक कारण, एंजियोग्राफी के नतीजे या किसी विशेष बीमारी की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
जे.पी. नड्डा कौन-कौन से मंत्रालय संभालते हैं?
जगत प्रकाश नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय — दोनों का कार्यभार संभालते हैं। हाल के हफ्तों में वे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा और विभिन्न परियोजनाओं के निरीक्षण में अत्यधिक व्यस्त रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले