जेपी नड्डा एम्स से डिस्चार्ज: सफल एंजियोप्लास्टी के बाद 19 अगस्त को मिली छुट्टी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को 19 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली से छुट्टी दे दी गई, जहाँ वे 17 अगस्त को की गई सफल एंजियोप्लास्टी के बाद उपचाराधीन थे। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है।
भर्ती और उपचार का क्रम
13 अगस्त की शाम को बेचैनी की शिकायत के बाद नड्डा को एम्स में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक जाँच के बाद डॉक्टरों ने कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित आवश्यक हृदय परीक्षण किए। उन्हें एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में रखा गया और निगरानी में रखा गया।
14 अगस्त को अस्पताल ने पहला आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि मंत्री की स्थिति स्थिर है। इसके बाद 17 अगस्त को एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। 18 अगस्त को एम्स की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि वे कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की निगरानी में हैं और हालत स्थिर है।
एम्स की डॉक्टर का बयान
एम्स की डॉ. रीमा दादा ने बताया कि बेचैनी के कारण मंत्री को भर्ती किया गया था और एंजियोग्राफी के बाद उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में रखा गया। हालाँकि अस्पताल प्रशासन ने बेचैनी के सटीक कारण या एंजियोग्राफी में सामने आए निष्कर्षों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
एंजियोप्लास्टी क्या होती है
एंजियोप्लास्टी — जिसे चिकित्सकीय भाषा में पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेन्शन (PCI) भी कहा जाता है — हृदय की बंद या संकरी धमनियों को खोलकर रक्त प्रवाह को सामान्य करने की प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया आमतौर पर कोरोनरी धमनी रोग के उपचार में अपनाई जाती है।
मंत्री की ज़िम्मेदारियाँ और कार्यभार
नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते हैं। भर्ती से पूर्व के हफ्तों में वे अत्यधिक व्यस्त रहे थे — उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चल रही योजनाओं का जायज़ा लिया। यह ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य मंत्रालय कई प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों के क्रियान्वयन के दौर से गुज़र रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि फ़िलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और सफल उपचार के बाद उन्हें 19 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।