19 अगस्त 2026
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जेपी नड्डा एम्स से डिस्चार्ज: सफल एंजियोप्लास्टी के बाद 19 अगस्त को मिली छुट्टी

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जेपी नड्डा एम्स से डिस्चार्ज: सफल एंजियोप्लास्टी के बाद 19 अगस्त को मिली छुट्टी

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को 13 अगस्त को बेचैनी के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। 17 अगस्त को सफल एंजियोप्लास्टी के बाद 19 अगस्त को उन्हें छुट्टी दे दी गई। अस्पताल ने बेचैनी के सटीक कारण का खुलासा नहीं किया है।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा को 19 अगस्त 2026 को एम्स, नई दिल्ली से छुट्टी दी गई।
13 अगस्त को बेचैनी की शिकायत के बाद भर्ती हुए थे; कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित हृदय परीक्षण किए गए।
17 अगस्त को सफल एंजियोप्लास्टी (PCI) की प्रक्रिया सम्पन्न हुई।
रीमा दादा ने पुष्टि की कि हालत स्थिर है; बेचैनी का सटीक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया।
नड्डा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्रालय दोनों का कार्यभार संभालते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को 19 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली से छुट्टी दे दी गई, जहाँ वे 17 अगस्त को की गई सफल एंजियोप्लास्टी के बाद उपचाराधीन थे। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब पूरी तरह स्थिर है।

भर्ती और उपचार का क्रम

13 अगस्त की शाम को बेचैनी की शिकायत के बाद नड्डा को एम्स में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक जाँच के बाद डॉक्टरों ने कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित आवश्यक हृदय परीक्षण किए। उन्हें एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में रखा गया और निगरानी में रखा गया।

14 अगस्त को अस्पताल ने पहला आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि मंत्री की स्थिति स्थिर है। इसके बाद 17 अगस्त को एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। 18 अगस्त को एम्स की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि वे कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की निगरानी में हैं और हालत स्थिर है।

एम्स की डॉक्टर का बयान

एम्स की डॉ. रीमा दादा ने बताया कि बेचैनी के कारण मंत्री को भर्ती किया गया था और एंजियोग्राफी के बाद उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में रखा गया। हालाँकि अस्पताल प्रशासन ने बेचैनी के सटीक कारण या एंजियोग्राफी में सामने आए निष्कर्षों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

एंजियोप्लास्टी क्या होती है

एंजियोप्लास्टी — जिसे चिकित्सकीय भाषा में पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेन्शन (PCI) भी कहा जाता है — हृदय की बंद या संकरी धमनियों को खोलकर रक्त प्रवाह को सामान्य करने की प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया आमतौर पर कोरोनरी धमनी रोग के उपचार में अपनाई जाती है।

मंत्री की ज़िम्मेदारियाँ और कार्यभार

नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते हैं। भर्ती से पूर्व के हफ्तों में वे अत्यधिक व्यस्त रहे थे — उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चल रही योजनाओं का जायज़ा लिया। यह ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य मंत्रालय कई प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों के क्रियान्वयन के दौर से गुज़र रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि फ़िलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और सफल उपचार के बाद उन्हें 19 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एम्स प्रशासन का बेचैनी के कारण और एंजियोग्राफी के निष्कर्षों पर मौन उल्लेखनीय है। जब स्वास्थ्य मंत्री स्वयं हृदय रोग से जूझते हैं, तो यह नीति-निर्माण में पारदर्शिता और सार्वजनिक स्वास्थ्य जवाबदेही के व्यापक प्रश्न उठाता है। गौरतलब है कि नड्डा दो भारी-भरकम मंत्रालयों की देखरेख करते हैं, और उनकी अनुपस्थिति का असर चल रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर पड़ सकता है — यह पहलू अब तक कवरेज में अपेक्षाकृत उपेक्षित रहा है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा को एम्स में क्यों भर्ती किया गया था?
13 अगस्त 2026 की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें एम्स, नई दिल्ली में भर्ती कराया गया था। भर्ती के बाद डॉक्टरों ने कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित हृदय संबंधी परीक्षण किए और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में रखा गया।
जेपी नड्डा की एंजियोप्लास्टी कब हुई?
17 अगस्त 2026 को एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में उनकी एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की गई। 18 अगस्त को एम्स ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उनकी हालत स्थिर है।
एंजियोप्लास्टी क्या होती है और यह क्यों की जाती है?
एंजियोप्लास्टी — जिसे पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेन्शन (PCI) भी कहते हैं — हृदय की बंद या संकरी धमनियों को खोलकर रक्त प्रवाह सामान्य करने की प्रक्रिया है। यह कोरोनरी धमनी रोग के उपचार में सामान्यतः अपनाई जाती है।
जेपी नड्डा एम्स से कब डिस्चार्ज हुए?
19 अगस्त 2026 को सफल एंजियोप्लास्टी और स्थिर स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि के बाद उन्हें एम्स से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है।
क्या एम्स ने नड्डा की बेचैनी का कारण बताया?
नहीं, अस्पताल प्रशासन ने बेचैनी के सटीक कारण या एंजियोग्राफी के निष्कर्षों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। एम्स की डॉ. रीमा दादा ने केवल यह पुष्टि की कि हालत स्थिर है।
राष्ट्र प्रेस
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