सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला: 'सोनिया को बाटला आरोपियों पर आंसू, कैप्टन स्मित पर मौन'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 4 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि सोनिया गांधी सहित पार्टी के किसी भी बड़े नेता ने कैप्टन स्मित के साहसपूर्ण कार्य की सराहना में एक शब्द तक क्यों नहीं कहा।
कैप्टन स्मित की वीरता और राष्ट्रीय गौरव
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाइट में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। उनके इस कार्य से सारा देश गौरवान्वित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बात कर चुके हैं। इज़राइल और अमेरिका के राष्ट्रपति उनकी प्रशंसा कर चुके हैं।' उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैप्टन स्मित ने अनेक यात्रियों की जान बचाने के लिए अपना जीवन दांव पर लगाया।
त्रिवेदी ने यह भी बताया कि मीडिया में यह खबर आई है कि आरोपी पायलट इमाम अल हमामी की आतंकी संगठन अल-कायदा ने तारीफ कर समर्थन किया है। इस पृष्ठभूमि में उन्होंने कांग्रेस की चुप्पी को और अधिक प्रश्नचिह्नित बताया।
सोनिया गांधी और बाटला हाउस प्रसंग पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने पूछा, 'कांग्रेस की ओर से कैप्टन स्मित के लिए एक भी शब्द, एक भी पोस्ट और एक भी प्रेस वक्तव्य न आना यह सवाल खड़ा करता है कि सोनिया गांधी की आँखों में बाटला हाउस एनकाउंटर के आरोपियों के लिए आँसू थे, लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार के लिए करुणा का एक भी भाव दिखाई नहीं दे रहा।'
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिन नेताओं ने जाकिर नाइक को शांति का मसीहा, अफजल गुरु को हालात का शिकार, बुरहान वानी को भटका हुआ नौजवान, याकूब मेमन की फाँसी को न्यायिक हत्या बताया और बाटला हाउस एनकाउंटर पर आँसू बहाए — वे आज कैप्टन स्मित के लिए मौन क्यों हैं।
राहुल गांधी और खड़गे पर प्रहार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी त्रिवेदी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता गाजा पर 'एक्स' (X) से लेकर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के प्रस्तावों और अखबारों तक में लिखते रहे, वे अपने कथित वोट बैंक के दबाव के चलते कैप्टन स्मित पर एक शब्द नहीं बोल पाए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान इलेक्टोरल कॉलेज की सूची माँगने वाले कांग्रेस नेताओं को वह सूची नहीं दी गई, जिससे उस चुनाव की वैधता ही प्रश्नों के घेरे में है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि प्रियंका गांधी या राहुल गांधी के नामांकन के दौरान खड़गे को कक्ष में प्रवेश नहीं करने दिया गया था।
इमरान मसूद की नियुक्ति पर विवाद
त्रिवेदी ने यह भी उठाया कि महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इमरान मसूद को यूपी कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मसूद ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर एक 'शर्मनाक बयान' दिया था, जब वे समाजवादी पार्टी में थे। उन्होंने इस नियुक्ति को 'गाँधी जयंती के शुभ अवसर पर अनुचित' बताया।
वोट बैंक की राजनीति पर चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'देश यह महसूस कर रहा है कि अगर वोट बैंक की राजनीति इस मानसिकता के हिसाब से चलेगी, तो यह देश की 'विमान' को कहाँ ले जाकर क्रैश करेगी — यह पूरे देश के सामने सोचने और चिंतन करने का विषय है।' भाजपा ने कांग्रेस से सीधा और स्पष्ट जवाब माँगा है।