कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता पर राहुल गांधी की चुप्पी, संजय निरुपम का कांग्रेस पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 4 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में तीन अहम मुद्दों पर एक साथ हमला बोला — फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की वैश्विक प्रशंसा पर राहुल गांधी की चुप्पी, विपक्षी खेमे में आंतरिक टकराव और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्नेकर की हत्या की जाँच। निरुपम ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब पूरी दुनिया में एक भारतीय पायलट की वीरता की गूँज है, तब विपक्ष के नेता ने बधाई तक देना उचित नहीं समझा।
कैप्टन स्मित मच्छार और अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा
निरुपम ने कहा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी असाधारण बहादुरी से पूरी दुनिया में भारत का सिर ऊँचा किया है। उनके अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कैप्टन मच्छार से सीधे बात की, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी प्रशंसा की और इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी उनकी सराहना की — क्योंकि उड़ान में सवार लगभग 170 यात्री इजरायली समुदाय से थे।
निरुपम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भी कैप्टन मच्छार से बात की और देश में उनके सम्मान में खुशी का वातावरण है। ऐसे में उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है। निरुपम ने कहा, 'जब पूरी दुनिया में भारत की जय-जयकार हो रही है, तब ये लोग जलकर राख हो रहे हैं।'
प्रदीप पुर्नेकर हत्याकांड पर रुख
शिवसेना (यूबीटी) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्नेकर की हत्या पर निरुपम ने स्पष्ट किया कि ठाणे पुलिस मामले की जाँच कर रही है। उन्होंने कहा, 'जाँच पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन लोगों का हाथ था और हत्या के पीछे किसने प्रेरणा दी। बिना जाँच पूरी हुए किसी पर आरोप लगाना अन्यायपूर्ण है।'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि पुलिस जाँच में सब कुछ सही पाया गया तो सीबीआई जाँच की आवश्यकता नहीं होगी। हालाँकि, यदि जाँच के बाद भी अस्पष्टता रहती है और पुर्नेकर के परिवार को जाँच पर भरोसा नहीं होता, तो परिवार जिस भी संस्था से जाँच की माँग करेगा, उसे सक्रिय किया जाएगा। निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) पर इस मामले को लेकर राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
विपक्षी एकता में दरार
निरुपम ने विपक्षी खेमे में आंतरिक कलह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के बीच आपसी टकराव शुरू हो गया है। उनके अनुसार, जुलाई माह में जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान एक विपक्षी दल के नेता पूरे देश के नेताओं से मिलने गए, लेकिन राहुल गांधी उनसे मिलने नहीं गए और अपना अलग आंदोलन चलाते रहे।
निरुपम ने कहा कि जिस प्रकार नया विपक्षी चेहरा आपस में लड़ रहा है, वह 'अत्यंत शर्मनाक और दुखद' है।
मुंबई में निषेधाज्ञा उल्लंघन का आरोप
निरुपम ने यह भी दावा किया कि एक विपक्षी दल ने शिवाजी पार्क, मुंबई में प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बावजूद पुलिस के आदेश की अवहेलना की और गैरकानूनी तरीके से लोगों को एकत्रित किया। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और कानून उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगा। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की आशंका है, जबकि विपक्षी गठबंधन के भीतर एकता की परीक्षा जारी रहेगी।