दिल्ली के कालिंदी कुंज में ननद-भाभी विवाद: वीडियो बहस के बाद दोनों महिलाएं कूदीं, एम्स में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो को लेकर ननद-भाभी के बीच हुई तीखी बहस हिंसक मोड़ ले गई — 25 वर्षीय रुबीना पहली मंजिल की बालकनी से सड़क पर कूद गई, जबकि उसकी ननद 24 वर्षीय फातिमा ने खुद को कमरे में बंद कर घर के शाफ्ट में छलाँग लगा ली। पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से दोनों को बचाकर एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार यह मामला जैतपुर एक्सटेंशन पार्ट-II, खड्डा कॉलोनी के 'डी' ब्लॉक का है। अधिकारियों ने बताया कि विवाद तब भड़का जब दोनों में से एक ने दूसरी का वीडियो बनाकर किसी तीसरे व्यक्ति को भेज दिया। इस पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई — नाम बदलकर रुबिया और फातिमा बताए गए हैं — जो देखते-देखते इतनी बड़ी हो गई कि दोनों ने खुद को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।
गौरतलब है कि कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन को पहले एक पीसीआर कॉल मिली कि एक महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है। जब तक पुलिस और फायर सर्विस टीम मौके पर पहुँची, रुबीना पहली मंजिल से कूद चुकी थी और उसे चोटें आ चुकी थीं।
बचाव अभियान: दो टीमों की समन्वित कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि फातिमा ने कमरा बंद करने के बाद घर के शाफ्ट — यानी भवन के खुले आंतरिक हिस्से — में कूद गई। अधिकारियों ने कमरा खोला और उसे शाफ्ट के भीतर पाकर तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।
स्टेशन ऑफिसर राकेश सिंह की अगुवाई में दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों ने उपलब्ध उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस टीम के साथ मिलकर फातिमा को उस 'मुश्किल जगह' से बाहर निकाला। इसके बाद उसे पीसीआर गाड़ी 'काइट-22' के ज़रिये एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
उपचार और अस्पताल
रुबीना को पहले स्थानीय अस्पताल 'फेलिज' ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीसीआर गाड़ी से एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। फातिमा को भी उसी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों की स्थिति के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस ने कहा कि पीसीआर और दिल्ली फायर सर्विस की टीमों के संयुक्त प्रयास से दोनों महिलाओं को समय पर बचाया गया और चिकित्सा सुविधा दिलाई गई। आगे की जाँच जारी है। पुलिस ने दोनों के नाम जारी नहीं किए हैं — आलेख में प्रयुक्त नाम बदले हुए हैं।
यह घटना घरेलू विवादों में सोशल मीडिया और वीडियो-शेयरिंग की बढ़ती भूमिका को एक बार फिर रेखांकित करती है। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच के नतीजे स्पष्ट होने पर मामले की पूरी परिस्थितियाँ सामने आएंगी।