18 अगस्त 2026
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जेपी नड्डा की एम्स में एंजियोप्लास्टी, 18 अगस्त को अस्पताल ने बताई हालत स्थिर

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जेपी नड्डा की एम्स में एंजियोप्लास्टी, 18 अगस्त को अस्पताल ने बताई हालत स्थिर

सारांश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की 17 अगस्त को एम्स में एंजियोप्लास्टी हुई। 13 अगस्त को बेचैनी के बाद भर्ती हुए नड्डा की हालत एम्स ने 18 अगस्त को स्थिर बताई। कार्डियोलॉजी टीम उनकी निगरानी में जुटी है।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की 17 अगस्त को एम्स, नई दिल्ली में एंजियोप्लास्टी की गई।
13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।
भर्ती के बाद कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित मेडिकल परीक्षण किए गए।
रीमा दादा ने 18 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति में हालत स्थिर बताई।
अस्पताल ने बेचैनी का कारण या एंजियोग्राफी के विस्तृत परिणाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए।
नड्डा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय दोनों का कार्यभार संभालते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की 17 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में एंजियोप्लास्टी की गई। 18 अगस्त को एम्स प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचाराधीन हैं।

भर्ती और जाँच का क्रम

13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद नड्डा को एम्स में भर्ती कराया गया था। भर्ती के तुरंत बाद चिकित्सकों ने उनकी विस्तृत जाँच की और कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित आवश्यक मेडिकल परीक्षण किए गए। एंजियोग्राफी के निष्कर्षों के आधार पर उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में रखा गया।

14 अगस्त को भी अस्पताल ने एक अलग बयान जारी कर उनके स्वास्थ्य को स्थिर बताया था। इसके बाद 17 अगस्त को एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया संपन्न हुई।

एम्स की डॉक्टर का बयान

एम्स की डॉ. रीमा दादा ने बताया कि बेचैनी के कारण मंत्री को अस्पताल में भर्ती किया गया था। एंजियोग्राफी के बाद उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती रखा गया और उनका स्वास्थ्य स्थिर बना हुआ है। हालाँकि अस्पताल प्रशासन ने बेचैनी के मूल कारण या एंजियोग्राफी परीक्षण के विस्तृत परिणामों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

मंत्री की ज़िम्मेदारियाँ और हालिया व्यस्तता

नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते हैं। भर्ती से पूर्व के कुछ हफ्तों में वे अत्यंत व्यस्त रहे थे — उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की अनेक बैठकों की अध्यक्षता की, विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चल रही सरकारी योजनाओं व परियोजनाओं का जायज़ा लिया।

एंजियोप्लास्टी क्या होती है

एंजियोप्लास्टी एक चिकित्सा प्रक्रिया है जिसका उपयोग हृदय की बंद या संकुचित धमनियों को खोलकर रक्त प्रवाह सुचारू करने के लिए किया जाता है। इसे चिकित्सा भाषा में पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेन्शन (PCI) भी कहते हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर कोरोनरी एंजियोग्राफी के निष्कर्षों के आधार पर की जाती है।

अब क्या होगा आगे

फिलहाल एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग की टीम लगातार उनकी सेहत पर नज़र रख रही है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। उनके अस्पताल से छुट्टी की तारीख के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जनहित की दृष्टि से अपर्याप्त है, क्योंकि नड्डा दो अहम मंत्रालयों — स्वास्थ्य और रसायन — का कार्यभार संभालते हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि भर्ती से पूर्व उनकी असाधारण व्यस्तता रही, जो स्वास्थ्य पर दबाव का संकेत हो सकती है। सरकार को मंत्री के स्वास्थ्य और मंत्रालयों के संचालन पर अधिक स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा की एंजियोप्लास्टी क्यों हुई?
एम्स के अनुसार, 13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद नड्डा को भर्ती किया गया था। कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद 17 अगस्त को एंजियोप्लास्टी की गई। हालाँकि अस्पताल ने बेचैनी का सटीक कारण या एंजियोग्राफी के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं।
जेपी नड्डा अभी कहाँ हैं और उनकी हालत कैसी है?
नड्डा अभी एम्स, नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती हैं। 18 अगस्त को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
एंजियोप्लास्टी क्या होती है?
एंजियोप्लास्टी हृदय की बंद या संकुचित धमनियों को खोलकर रक्त प्रवाह सुचारू करने की चिकित्सा प्रक्रिया है। इसे पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेन्शन (PCI) भी कहते हैं और यह आमतौर पर कोरोनरी एंजियोग्राफी के निष्कर्षों के आधार पर की जाती है।
जेपी नड्डा के अस्पताल में भर्ती होने से कौन-से मंत्रालय प्रभावित हो सकते हैं?
नड्डा केंद्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय दोनों का कार्यभार संभालते हैं। उनकी अनुपस्थिति में इन दोनों मंत्रालयों के नीतिगत निर्णयों और बैठकों पर असर पड़ सकता है, हालाँकि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
एम्स ने नड्डा के स्वास्थ्य पर पहला बयान कब जारी किया था?
एम्स ने पहला बयान 14 अगस्त को जारी किया था, जिसमें मंत्री का स्वास्थ्य स्थिर बताया गया था। इसके बाद 18 अगस्त को एंजियोप्लास्टी के बाद दूसरी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई।
राष्ट्र प्रेस
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