जेपी नड्डा की एम्स में एंजियोप्लास्टी, 18 अगस्त को अस्पताल ने बताई हालत स्थिर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की 17 अगस्त को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में एंजियोप्लास्टी की गई। 18 अगस्त को एम्स प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनकी स्थिति अब स्थिर है और वे संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचाराधीन हैं।
भर्ती और जाँच का क्रम
13 अगस्त की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद नड्डा को एम्स में भर्ती कराया गया था। भर्ती के तुरंत बाद चिकित्सकों ने उनकी विस्तृत जाँच की और कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित आवश्यक मेडिकल परीक्षण किए गए। एंजियोग्राफी के निष्कर्षों के आधार पर उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में रखा गया।
14 अगस्त को भी अस्पताल ने एक अलग बयान जारी कर उनके स्वास्थ्य को स्थिर बताया था। इसके बाद 17 अगस्त को एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया संपन्न हुई।
एम्स की डॉक्टर का बयान
एम्स की डॉ. रीमा दादा ने बताया कि बेचैनी के कारण मंत्री को अस्पताल में भर्ती किया गया था। एंजियोग्राफी के बाद उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती रखा गया और उनका स्वास्थ्य स्थिर बना हुआ है। हालाँकि अस्पताल प्रशासन ने बेचैनी के मूल कारण या एंजियोग्राफी परीक्षण के विस्तृत परिणामों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
मंत्री की ज़िम्मेदारियाँ और हालिया व्यस्तता
नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते हैं। भर्ती से पूर्व के कुछ हफ्तों में वे अत्यंत व्यस्त रहे थे — उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की अनेक बैठकों की अध्यक्षता की, विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चल रही सरकारी योजनाओं व परियोजनाओं का जायज़ा लिया।
एंजियोप्लास्टी क्या होती है
एंजियोप्लास्टी एक चिकित्सा प्रक्रिया है जिसका उपयोग हृदय की बंद या संकुचित धमनियों को खोलकर रक्त प्रवाह सुचारू करने के लिए किया जाता है। इसे चिकित्सा भाषा में पर्क्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेन्शन (PCI) भी कहते हैं। यह प्रक्रिया आमतौर पर कोरोनरी एंजियोग्राफी के निष्कर्षों के आधार पर की जाती है।
अब क्या होगा आगे
फिलहाल एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग की टीम लगातार उनकी सेहत पर नज़र रख रही है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। उनके अस्पताल से छुट्टी की तारीख के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।