जेपी नड्डा एम्स में भर्ती, राहुल गांधी ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को 13 अगस्त 2026 की शाम बेचैनी की शिकायत के बाद नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उनकी स्थिति अब स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग की निगरानी में रखा गया है।
राहुल गांधी की शुभकामनाएँ
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'मुझे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के बीमार पड़ने और एम्स में भर्ती होने की खबर मिली है। मैं उनके सफल इलाज और जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' यह पोस्ट राजनीतिक दलों के बीच मानवीय सौहार्द का संदेश देती है।
एम्स का आधिकारिक बयान
एम्स की ओर से डॉ. प्रोफेसर रीमा दादा ने जारी बयान में बताया कि 13 अगस्त की शाम बेचैनी की वजह से मंत्री नड्डा को अस्पताल लाया गया था। इसके बाद उनकी विस्तृत जाँच की गई, जिसमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें अस्पताल में ही रखा गया है।
नड्डा की ज़िम्मेदारियाँ और व्यस्त कार्यक्रम
जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय का भी दायित्व संभाल रहे हैं। पिछले कुछ सप्ताहों में वे काफी व्यस्त रहे — उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कई अहम बैठकों की अध्यक्षता की, विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चल रही स्वास्थ्य परियोजनाओं का जायजा लिया।
कोरोनरी एंजियोग्राफी: क्या है यह जाँच
कोरोनरी एंजियोग्राफी एक विशेष चिकित्सा प्रक्रिया है जिसके ज़रिए हृदय तक रक्त पहुँचाने वाली धमनियों की स्थिति की जाँच की जाती है। इस प्रक्रिया में कलाई या जाँघ की धमनी से एक पतला कैथेटर डालकर कोरोनरी धमनियों में कंट्रास्ट डाई छोड़ी जाती है, जिसके बाद एक्स-रे इमेजिंग से धमनियों में किसी सिकुड़न या रुकावट का पता लगाया जाता है। यह जाँच कोरोनरी आर्टरी डिजीज की पहचान करने और आगे दवा, एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग जैसे उपचार की दिशा तय करने में सहायक होती है।
आगे क्या
एम्स के चिकित्सकों की टीम नड्डा की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है। जाँच के परिणामों के आधार पर आगे के उपचार का निर्णय लिया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, उनके दोनों मंत्रालयों का कामकाज सामान्य रूप से जारी है।