14 अगस्त 2026
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राहुल गांधी पर जेपी नड्डा का तीखा हमला: 'ऐसा विपक्ष नेता देखना बाकी था, लोकतंत्र का दुर्भाग्य'

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राहुल गांधी पर जेपी नड्डा का तीखा हमला: 'ऐसा विपक्ष नेता देखना बाकी था, लोकतंत्र का दुर्भाग्य'

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर BJP और कांग्रेस के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई। राहुल गांधी की विदेश नीति आलोचना और मेलोनी संदर्भ ने BJP को हमले का मौका दे दिया — जेपी नड्डा, अनुराग ठाकुर और गोपाल ठाकुर ने एक्स पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

जेपी नड्डा ने 14 अगस्त को एक्स पर लिखा कि 'ऐसा विपक्ष का नेता देखना ही बाकी रह गया था, ये देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है।' अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी की भाषा को 'अशोभनीय' बताते हुए उनके संस्कारों पर सवाल उठाया।
गोपाल ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी की भाषा 'भारतीय राजनीति की मर्यादा पर कलंक' है।
विवाद की शुरुआत एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा PM मोदी की मिमिक्री और जॉर्जिया मेलोनी से जुड़ी टिप्पणी से हुई।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने 'मेलोनी समझ के तो नहीं पकड़ा था' — यह कहकर विवाद को और हवा दी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से जुड़ी टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस सांसद पर तीखा पलटवार किया है। 14 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सहित कई BJP नेताओं ने राहुल गांधी की भाषा और आचरण को लेकर कड़ी आपत्ति जताई।

नड्डा का सीधा कटाक्ष

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ऐसा विपक्ष का नेता देखना ही बाकी रह गया था, ये देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है। कांग्रेस के लिए भी इससे दुख का क्या विषय होगा कि उन्हें राहुल गांधी को अपना नेता मानना पड़ रहा है।' नड्डा की यह टिप्पणी सीधे तौर पर राहुल गांधी की उस कार्यक्रम में की गई भाषा और व्यवहार पर केंद्रित थी।

अनुराग ठाकुर और गोपाल ठाकुर की प्रतिक्रिया

BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'राजनीति में मतभेद और असहमति अपनी जगह है, मगर राहुल गांधी जी की भाषा से अब उनके पालन-पोषण और संस्कारों पर प्रश्नचिह्न लगने लगा है। जिस परिवार की महिलाएं देश में उच्चतम पदों पर रहीं, ऐसे राहुल गांधी की ओर से एक महिला राष्ट्राध्यक्ष के बारे में ऐसी अशोभनीय टिप्पणी करना उनकी मानसिकता को दर्शाता है।'

BJP सांसद गोपाल ठाकुर ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी की भाषा दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। देश के प्रधानमंत्री के लिए इस स्तर की भाषा का प्रयोग किसी भी सभ्य राजनीतिक संस्कृति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। यह भारत की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की मर्यादा पर कलंक है।'

विवाद की जड़: क्या हुआ था कार्यक्रम में

गुरुवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री करते हुए कहा कि दूसरे नेताओं को गले लगाना विदेश नीति नहीं है। इसी दौरान जब उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया, तो दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का नाम लेते हुए कहा, 'मेलोनी समझ के तो नहीं पकड़ा था।' इसके बाद राहुल गांधी ने भी इस पर टिप्पणी की, जिसे BJP ने आपत्तिजनक करार दिया।

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर

यह ऐसे समय में आया है जब 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल पहले से तनावपूर्ण था। गौरतलब है कि विदेश नीति पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच यह कोई पहली बार की तकरार नहीं है — लेकिन किसी विदेशी महिला राष्ट्राध्यक्ष के संदर्भ में की गई टिप्पणी ने इस बार विवाद को एक नया आयाम दे दिया। BJP ने इसे कांग्रेस की 'राजनीतिक संस्कृति' पर हमले के रूप में भुनाने की कोशिश की है।

आगे क्या

फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस BJP पलटवार पर कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उठा यह विवाद आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह गूँजता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कार्यक्रम की अनौपचारिकता ने BJP को एजेंडा पलटने का अवसर दे दिया। गौरतलब है कि यह पैटर्न नया नहीं है — जब भी विपक्ष नीतिगत सवाल उठाता है, सत्तापक्ष बहस को व्यक्तित्व पर ले जाता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि विदेश नीति पर विपक्ष की मूल आपत्ति का कोई ठोस जवाब नहीं आया।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा कि 'ऐसा विपक्ष का नेता देखना ही बाकी रह गया था, ये देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी को नेता मानना पड़ रहा है, यह उनके लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण है।
राहुल गांधी और जॉर्जिया मेलोनी विवाद क्या है?
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने PM मोदी की मिमिक्री करते हुए विदेश नीति पर सवाल उठाए। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी का नाम लेते हुए एक टिप्पणी की, जिसे BJP ने अशोभनीय करार दिया और राहुल गांधी ने भी बाद में इस पर टिप्पणी की।
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर क्या कहा?
BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने एक्स पर कहा कि राहुल गांधी की भाषा से उनके 'पालन-पोषण और संस्कारों पर प्रश्नचिह्न' लगने लगा है। उन्होंने कहा कि एक महिला राष्ट्राध्यक्ष के बारे में ऐसी अशोभनीय टिप्पणी राहुल गांधी की मानसिकता को दर्शाती है।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले उठा, जब राष्ट्रीय एकता और सकारात्मक राजनीतिक माहौल की अपेक्षा होती है। BJP ने इसे कांग्रेस की 'राजनीतिक संस्कृति' पर हमले के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि विदेश नीति की मूल बहस पृष्ठभूमि में चली गई।
कांग्रेस ने BJP के पलटवार पर क्या जवाब दिया?
रिपोर्टों के अनुसार, BJP के इस पलटवार पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक खंडन या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला आने वाले दिनों में संसदीय और सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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