राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का पलटवार: 'देश के खिलाफ बोल रहे हैं नेता प्रतिपक्ष'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 25 मई 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं ने राहुल गांधी पर देशविरोधी बयानबाज़ी का आरोप लगाते हुए उनकी टिप्पणियों को 'भड़काऊ' और 'अलोकतांत्रिक' करार दिया।
गौरव भाटिया का हमला: 'वैश्विक संकट में देश को कमज़ोर करने की कोशिश'
BJP नेता गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बैठक में कुछ टिप्पणियाँ कीं और बाद में बाहर आकर अलग बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक संकट का समय है जब दुनियाभर के कई देश आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं और उनकी अर्थव्यवस्थाएँ कमज़ोर पड़ गई हैं। भाटिया के अनुसार, ऐसे समय में राहुल गांधी का रवैया देश की एकता के लिए नुकसानदेह है।
भाटिया ने आगे कहा कि पिछले 85 दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जबरदस्त मज़बूती दिखाई है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री की अपील पर 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर खड़े हुए और कंधे से कंधा मिलाकर एकता व देशभक्ति का परिचय दिया।
आरपी सिंह बोले: 'वोट बैंक की राजनीति के लिए चुनिंदा अल्पसंख्यकों की बात'
BJP नेता आरपी सिंह ने राहुल गांधी पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके लिए 'अल्पसंख्यक' का अर्थ केवल मुसलमान है। सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यकों में सिख, बौद्ध और जैन भी शामिल हैं, लेकिन राहुल गांधी केवल मुसलमानों की ही बात करते हैं क्योंकि उन्हें वोट बैंक की राजनीति करनी है।
नारायणन तिरुपति का दावा: '20-25 साल तक सत्ता में नहीं आ सकती कांग्रेस'
BJP नेता नारायणन तिरुपति ने राहुल गांधी के बयान को उनकी 'इच्छा और सपना' बताते हुए कहा कि यह कभी पूरा नहीं होगा। उनके अनुसार, अगले 20 से 25 वर्षों तक कांग्रेस सत्ता में आने के बारे में सोच भी नहीं सकती। तिरुपति ने यहाँ तक कहा कि कांग्रेस पार्टी के अस्तित्व पर भी सवाल है।
निशिकांत दुबे और सीआर केसवन की तीखी भाषा
BJP नेता निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देशविरोधी ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने सोनिया गांधी से राहुल के 'इलाज' की अपील भी की — एक बयान जो विवाद का केंद्र बन सकता है।
BJP नेता सीआर केसवन ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को 'अलोकतांत्रिक और भड़काऊ' करार देते हुए कहा कि ये भारत की संप्रभुता, अखंडता और एकता पर सीधा हमला हैं। केसवन ने कहा कि भारत की जनता प्रधानमंत्री मोदी के 'आज़माए हुए और भरोसेमंद' नेतृत्व के साथ खड़ी है और 'विकसित भारत' के उनके विज़न में विश्वास रखती है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद का माहौल अभी भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और विपक्ष व सत्ता पक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज़ है। गौरतलब है कि राहुल गांधी की किस बैठक में और क्या टिप्पणी की गई, इसका विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है — BJP के बयान उस संदर्भ में आए हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर जवाब अपेक्षित है।