मिजोरम में ₹4.21 करोड़ का अवैध सामान जब्त, 9 तस्कर गिरफ्तार — दो म्यांमार नागरिक भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम पुलिस ने 7 और 8 जुलाई 2026 के दौरान चलाए गए समन्वित अभियानों में ₹4.21 करोड़ से अधिक मूल्य की ड्रग्स, संरक्षित वन्यजीव अंग और अन्य अवैध सामग्री जब्त की तथा दो म्यांमार नागरिकों सहित नौ तस्करों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने 9 जुलाई, गुरुवार को यह जानकारी दी। यह कार्रवाई म्यांमार सीमा से सटे जिलों में अवैध तस्करी के खिलाफ राज्य पुलिस के बढ़ते दबाव का हिस्सा है।
मंटा रे के गलफड़े और सबसे बड़ी खेप
चम्फाई पुलिस विशेष कार्य बल ने म्यांमार सीमा की ओर जा रही एक संदिग्ध बोलेरो गाड़ी को रोका। गाड़ी में असम के कछार जिले के सिलचर निवासी राजीव हुसैन लस्कर (26) और जिनुक उद्दीन लस्कर (30) सवार थे। तलाशी में नौ बैगों में भरे लगभग 210 किलोग्राम संदिग्ध निर्जलित मंटा रे/मोबुला मछली के गलफड़े बरामद हुए, जिनका अनुमानित अंतरराष्ट्रीय काला बाज़ार मूल्य ₹2.30 करोड़ बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह मिजोरम में इस श्रेणी की अब तक की सबसे बड़ी खेपों में से एक है।
चूँकि बरामद सामग्री वन्यजीव कानूनों के तहत संरक्षित प्रजातियों से प्राप्त होने का संदेह है, इसलिए जब्त माल, वाहन और दोनों आरोपियों को चम्फाई वन प्रभाग के संभागीय वन अधिकारी को वैज्ञानिक जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
मेथम्फेटामाइन की बड़ी खेप
आइजोल जिला विशेष शाखा (DSB) और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने मामित जिले के 19 वर्षीय मार्कस लालवेनपुइया के पास से 1.955 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन बरामद की, जिसका अनुमानित मूल्य ₹1.60 करोड़ है। यह अत्यधिक नशीला पदार्थ उत्तर-पूर्व भारत में तस्करी के प्रमुख मार्गों में से एक के जरिए लाया जा रहा था।
चम्फाई और सैतुअल में हेरोइन बरामदगी
चम्फाई जिले के जोखावथर में दो अलग-अलग अभियानों में लगभग ₹15 लाख मूल्य की हेरोइन जब्त की गई और इस मामले में दो म्यांमार नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा, सैतुअल पुलिस की एक विशेष टीम ने कुआलमावी चेक गेट पर नियमित जाँच के दौरान एक ट्रक को रोका। चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया। असम के धुबरी जिले के निवासी फुलचंद अली मंडल (35) के पास से नौ साबुन के डिब्बों में छिपाकर रखी गई 102 ग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद हुई, जिसका अनुमानित अवैध बाज़ार मूल्य ₹20.40 लाख है।
सीमावर्ती तस्करी का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि मिजोरम, म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा साझा करता है, जो उत्तर-पूर्व भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के सबसे सक्रिय मार्गों में से एक बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब म्यांमार में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच सीमा-पार तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। सभी जब्त नशीले पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित किया गया है और जाँच जारी है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने सभी मामलों में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखला की जाँच की जा रही है। वन्यजीव अंगों से जुड़े मामले में वैज्ञानिक परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।