मिजोरम में ₹1.38 करोड़ की हेरोइन बरामद, 9 तस्कर गिरफ्तार; असम राइफल्स की बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम में मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे संयुक्त अभियान में असम राइफल्स, आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग और मिजोरम पुलिस ने पिछले तीन दिनों में 184.08 ग्राम हेरोइन जब्त की, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1.38 करोड़ बताई गई है। इस दौरान राज्य के विभिन्न ज़िलों में चलाई गई छापेमारी में कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, सभी अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर संचालित किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
सबसे बड़ी कार्रवाई राजधानी आइजोल के तुइकुअल नॉर्थ क्षेत्र में की गई, जहाँ असम राइफल्स और आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने एक आवासीय घर पर छापा मारकर 63 ग्राम हेरोइन बरामद की। इस मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत ₹47.25 लाख आँकी गई है। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें तीन महिलाएँ और एक पुरुष शामिल हैं।
म्यांमार सीमा से सटे चाम्फाई जिले में 24 जून को असम राइफल्स और चाम्फाई पुलिस ने जोते क्षेत्र में दो अलग-अलग अभियान चलाए। पहली कार्रवाई में एक टीवीएस स्कूटी की तलाशी के दौरान 87.2 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹65.40 लाख है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। दूसरी कार्रवाई में एक यामाहा आर15 मोटरसाइकिल की जाँच के दौरान 24.8 ग्राम हेरोइन मिली, जिसकी कीमत लगभग ₹18.60 लाख बताई गई और एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया।
26 जून को सियाहा में असम राइफल्स और आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग ने एक घर में मादक पदार्थ छिपाए जाने की विशेष सूचना पर छापेमारी की। तलाशी में 9.08 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹6.81 लाख है। इसके साथ ही दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
असम राइफल्स ने बताया कि मिजोरम अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट होने के कारण मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज़ से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। सुरक्षा बल और कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाकर तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कस रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत, विशेष रूप से म्यांमार सीमा से सटे राज्य, 'गोल्डन ट्राएंगल' से आने वाले मादक पदार्थों के पारगमन मार्ग बने हुए हैं। गौरतलब है कि मिजोरम की म्यांमार के साथ लगभग 510 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो तस्करों के लिए एक सुलभ गलियारा बन जाती है। इन अभियानों का उद्देश्य न केवल मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना है, बल्कि स्थानीय युवाओं को नशे की लत से बचाना भी है।
क्या होगा आगे
सभी जब्त मादक पदार्थों को आधिकारिक रूप से सुरक्षित कर लिया गया है और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के लिए आगे भी संयुक्त अभियान जारी रहेंगे। इन गिरफ्तारियों से तस्करी के व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है।