मिजोरम में ₹4.75 करोड़ की हेरोइन जब्त, असम राइफल्स और पुलिस ने तीन महिला तस्करों को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स और मिजोरम पुलिस की संयुक्त टीम ने उत्तरी मिजोरम के सैतुअल जिले के केइफांग इलाके में तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके पास से 634 ग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी अवैध बाजार में कीमत ₹4.755 करोड़ आँकी गई है। 19 जून को अंजाम दिए गए इस ऑपरेशन की शुरुआत पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर हुई और यह म्यांमार सीमा से लगे इलाकों में ड्रग्स तस्करी के बढ़ते नेटवर्क को उजागर करता है।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
रक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, नशीले पदार्थों की आवाजाही की विश्वसनीय सूचना मिलते ही असम राइफल्स के जवानों ने मिजोरम पुलिस के साथ मिलकर केइफांग में एक संयुक्त चेकपोस्ट स्थापित की। इसी चेकपोस्ट पर तीनों महिलाओं को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 634 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार महिलाओं और जब्त नशीले पदार्थों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सैतुअल जिला पुलिस को सौंप दिया गया।
तस्करी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
अधिकारियों ने चिंता जताई है कि मिजोरम में महिलाएँ धीरे-धीरे म्यांमार से नशीले पदार्थों की तस्करी और उन्हें देश के अन्य राज्यों तक पहुँचाने के काम में शामिल होती जा रही हैं। इसी महीने पहले मिजोरम पुलिस ने सीमावर्ती चम्फाई जिले में एक ही दिन में चलाए गए छह अलग-अलग ऑपरेशनों में आठ महिलाओं को गिरफ्तार किया था और ₹70 लाख से अधिक मूल्य की हेरोइन जब्त की थी। वे महिलाएँ 19 से 53 वर्ष की आयु की थीं और मिजोरम के अलग-अलग जिलों की निवासी थीं।
संवेदनशील सीमा: मुख्य चुनौती
सैतुअल जिले की सीमा एक ओर मणिपुर से और दूसरी ओर म्यांमार से लगती है। म्यांमार का चिन राज्य लंबे समय से नशीले पदार्थों, दुर्लभ वन्यजीवों, विस्फोटकों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की भारत में तस्करी का प्रमुख मार्ग माना जाता रहा है। मिजोरम के चम्फाई, सियाहा, लॉंग्टलाई, ह्नाहथियाल, सैतुअल और सेरछिप — इन छह सीमावर्ती जिलों की म्यांमार के साथ 510 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो पहाड़ी है और जिस पर कोई बाड़ नहीं लगी है। यही कारण है कि यह इलाका सीमा-पार तस्करी के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिबद्धता
आधिकारिक बयान में असम राइफल्स ने कहा कि यह जब्ती ड्रग्स तस्करी से निपटने और मिजोरम के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुरक्षा एजेंसियाँ कई बार यह चिंता जता चुकी हैं कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह इस खुली सीमा का भरपूर फायदा उठाते हैं, और इस इलाके में ड्रग्स तस्करी रोकना कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनी हुई है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार तीनों महिलाओं के विरुद्ध सैतुअल जिला पुलिस जाँच कर रही है। यह मामला उस व्यापक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है जिसमें तस्करी नेटवर्क सुरक्षा बलों की निगरानी से बचने के लिए महिलाओं को वाहक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। आने वाले दिनों में जाँच के दायरे के विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।